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Anxiety Symptoms in Teens: टीनेजर में नजर आए ये लक्षण तो न करें इग्नोर, बच्चे एंजायटी के हो सकते हैं शिकार
एंजायटी होना कोई आम टेंशन से कहीं ज्यादा होता है। एंजायटी किसी परेशानी, मुस्किल, या समस्या की ओऱ आपकी ध्यान खींचता है। ऐसी स्थिति में आपको अक्सर उन चीजों को लेकर टेंशन होती है जो आपके हाथों से बाहर है या फिर भविष्य में आपके साथ क्या होगा। बहुत ज्यादा तनाव लेना कब एंजायटी की समस्या बन जाता है पता ही नहीं चलता।
आज के समय में एंजायटी की समस्या बड़ों के साथ बच्चों में भी बहुत ज्यादा देखने को मिल रही हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, 13 से 18 साल के सभी टीनेज में से लगभग 1 में से 3 में एंजायटी डिसऑर्डर की समस्या है। ये संख्या लगातार बढ़ रही है, 2007 और 2012 के बीच, बच्चों और टीनेज में एंजायटी डिसऑर्डर 20 प्रतिशत बढ़ गए।

टीनेज में एंजायटी की समस्या इतनी अधिक बढ़ जाती है कि वो सुसाइड करने जैसे कदम भी उठा लेते हैं। अक्सर आपने देखा होगा एग्जाम की टेंशन या परिवार में होने वाले कलह जैसे कारणों के चलते बच्चों का मानसिक तनाव बढ़ जाता है। जिससे निकलने के लिए वो अक्सर आत्महत्या जैसे रास्तों को चुनते हैं। लेकिन पेरेंट्स या उनके साथ रहने वाले लोग टीनेज में एंजायटी के लक्षणों को पहचान कर उनसे बात कर कुछ बुरा होने से बचा सकते हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे ही लक्षणों के बारे में बताने वाले हैं जो टीनेज में एंजायटी के कारण नजर आते हैं।
टीनेज में एंजायटी के लक्षण
1. एंजायटी अटैक आना
2. लगातार बेचैनी और अकेलापन महसूसस होना
3. नींद न आना, सोते हुए डर कर उठ जाना, रिलेक्स करने में परेशानी का सामना करना।
4. मतली, पसीना और कंपकंपी का अनुभव करना
5. मांसपेशियों में तनाव, पेट में दर्द, सिरदर्द जैसी शिकायतें करना
6. डेली लाइफस्टाइल को लेकर होने वाली टेंशन जिनपर कंट्रोल करना बहुत मुश्किल होता है।
7. नकारात्मक विचारों और परिणामों पर ही बार-बार ध्यान केंद्रित होना।
8. किसी भी काम में मन नहीं लगना, पढ़ने या कोई अन्य काम करने में समस्या आना।
9. हमेशा डरे रहना, जैसे कभी भी कुछ भी गलत हो सकता है या बुरा हो सकता है।
10. ऐसा मानना की किसी भी चीज को सुलझाने के लिए या किसी भी समस्या से निपटने के लिए टेंशन लेना ही एक तरीका है।
टीनेज में एंजायटी के संकेत
1. स्कूल या कॉलेज की प्रफोमेंश में गिरावट, खराब रिपोर्ट कार्ड, एग्जाम का रिजल्ट खराब आना।
2. अपने मनपसंद कामों जैसे खेलना, पेंटिंग करना, या अन्य कामों में रुचि की कमी।
3. सोशल रिलेशन में गिरावट होना, जैसे दोस्तों से कम बातचीत, कमरे में खुद को बंद करके रखना।
4. अकेले रहने की कोशिश करना, दोस्त रिश्तेदारों को देखते ही छिपने की कोशिश करना।
5. खुद पर भरोसे की कमी, नकारात्मक विचारों का बार-बार मन में आना।
6. रात को सोने में परेशानी होना, बिना किसी कारण थकान महसूस होना।
7. चिड़चिड़ापन होना, किसी से सीधे मुंह बात न करना।
8. भूख न लगना या बार-बार भूख लगना, खाने का स्वाद न आना।
अगर आपका बच्चा या साथ रहने वाले दोस्त या भाई-बहन आपके साथ इनमें से कोई भी लक्षण होने की बात शेयर करता है, या आपको कुछ इन संकेतों या लक्षणों में से कुछ भी उनके अंदर नजर आता है तो आप इसे इग्नोर न करें। ये लक्षण सीधे तौर पर बच्चे या टीनेज में एंजायटी डिसऑर्डर की समस्या की और इशारा कर रहे है। ऐसे में समय रहते उनपर ध्यान नहीं दिया गया तो उनके मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर इसका गलत प्रभाव पड़ सकता है। आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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