Fish Venkat Died : तेलुगू एक्‍टर फिश वेंकट का निधन, एक साथ किडनी और लिवर फेल होने की वजह जानें

Fish Venkat Death Reason : तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर कॉमेडियन फिश वेंकट का 53 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से किडनी और लिवर संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार, वेंकट की हालत तब बिगड़ी जब उनकी किडनी और लिवर दोनों ने काम करना बंद कर दिया, जिसे मेडिकल भाषा में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर कहा जाता है।

किडनी और लिवर दोनों शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में शामिल हैं। जब ये दोनों एक साथ फेल हो जाते हैं, तो यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। आइए जानें कि किडनी और लिवर एक साथ फेल क्यों होते हैं और इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

Fish Venkat Death Reason

किडनी और लिवर फेलियर एक साथ क्यों होते हैं?

1. हेपेटोरिनल सिंड्रोम (Hepatorenal Syndrome)

यह एक गंभीर मेडिकल स्थिति होती है जिसमें लिवर के खराब होने की वजह से किडनी की कार्यक्षमता भी कम होने लगती है। यह आमतौर पर लिवर सिरोसिस (Cirrhosis) या हेपेटाइटिस जैसी पुरानी लिवर की बीमारियों के मरीजों में देखा जाता है।

2. अत्यधिक शराब का सेवन

लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में एल्कोहल का सेवन करने से पहले लिवर डैमेज होता है, जिससे सिरोसिस और हेपेटाइटिस हो सकता है। जैसे-जैसे लिवर खराब होता है, यह किडनी को भी प्रभावित करता है। यह कॉम्बिनेशन अक्सर एक साथ दोनों अंगों के फेल होने का कारण बनता है।

3. डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर

अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) की शिकायत है और वह ठीक से दवाएं नहीं ले रहा है, तो यह धीरे-धीरे किडनी और लिवर दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है।

4. हेपेटाइटिस इंफेक्शन

हेपेटाइटिस B और C जैसे संक्रमण लिवर को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो ये संक्रमण किडनी को भी प्रभावित कर सकते हैं।

5. दवाओं का ओवरडोज़ या हानिकारक दवाओं का सेवन

कुछ लोग दर्द निवारक दवाएं (जैसे NSAIDs), स्टेरॉयड्स या अन्य केमिकल युक्त दवाएं अधिक मात्रा में बिना डॉक्टर की सलाह के ले लेते हैं। ये दवाएं लिवर और किडनी पर सीधा असर डालती हैं और दोनों अंगों को धीरे-धीरे फेल कर सकती हैं।

6. सेप्सिस या संक्रमण का शरीर में फैल जाना

जब शरीर में कोई गंभीर इंफेक्शन होता है और वह खून के रास्ते पूरे शरीर में फैल जाता है, तो वह किडनी और लिवर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति को सेप्सिस कहा जाता है।

7. अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और मोटापा

फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड, तनावपूर्ण जीवन, और शारीरिक गतिविधि की कमी से फैटी लिवर और क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) की संभावना बढ़ जाती है। मोटापा और जीवनशैली संबंधी रोग लंबे समय में दोनों अंगों को डैमेज कर सकते हैं।

लक्षण (Symptoms) जिनसे सावधान रहना जरूरी है

- लगातार थकान और कमजोरी
- भूख में कमी या जी मिचलाना
- पैरों और चेहरे में सूजन
- पेट फूलना या दर्द रहना
- आंखों या त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
- बार-बार उल्टी आना
- पेशाब में कमी या रंग का गहरा होना
- मानसिक भ्रम या चक्कर आना

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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