पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर डाल सकती हैं रोजमर्रा की ये 3 आदतें, फर्टिलिटी डॉक्टर ने दी वार्निंग

Lifestyle Habits That Affect Male Fertility: जब फर्टिलिटी की बात आती है तो महिलाओं के साथ पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। पुरुषों की फर्टिलिटी पर उम्र, जेनेटिक्स और मेडिकल कंडीशन के अलावा उनकी लाइफस्टाइल भी असर डाल सकती है। लंबे समय तक सफर करना, घंटों बैठकर काम करना और ज्यादा गर्मी के संपर्क में रहना कुछ पुरुषों में स्पर्म की क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है। आज इस लेख में नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी, चेन्नई की फर्टिलिटी विशेषज्ञ, डॉ. अजंता बूपति से जानते हैं कुछ ऐसी लाइफस्टाइल आदतों के बारे में, जो पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर डाल सकती हैं -

male Infertility

ज्यादा गर्मी में रहना

पुरुषों की फर्टिलिटी में शरीर का तापमान अहम भूमिका निभाता है। लगातार या बार-बार ज्यादा गर्मी के संपर्क में रहने से स्पर्म बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे कुछ पुरुषों में स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और मॉर्फोलॉजी पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक गर्म वातावरण में रहना, घंटों बाइक चलाना या बिना पर्याप्त वेंटिलेशन वाली जगह पर काम करना हीट स्ट्रेस बढ़ा सकता है, जिससे स्पर्म क्वालटी प्रभावित हो सकती है।

ऑफिस में घंटों बैठना

आजकल डेस्क जॉब के कारण अधिकतर लोगों को लंबे समय तक कुर्सी पर बैठना पड़ता है। लेकिन केवल बैठकर काम करने को पुरुषों की फर्टिलिटी खराब होने की सीधी वजह नहीं माना जा सकता। दरअसल, कम शारीरिक गतिविधि से वजन बढ़ सकता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं। मोटापे के कारण कम स्पर्म काउंट, कम मोटिलिटी, स्पर्म डीएनए डैमेज और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

रोजाना लंबा सफर करना

अगर कोई व्यक्ति रोजाना दो-तीन घंटे ऑफिस आने-जाने में बिताता है तो उसके पास एक्सरसाइज और आराम के लिए कम समय बच सकता है। इसके साथ बाहर का खाना, नींद की कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी जुड़ सकती हैं। लंबे समय तक ऐसी लाइफस्टाइल वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक समस्याओं का कारण बन सकती है, जिसका असर रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर पड़ सकता है।

पुरुष अपनी स्पर्म हेल्थ के लिए क्या करें?

संतुलित आहार लें और पर्याप्त पानी पीते रहें
वर्कप्लेस में उचित कूलिंग सिस्टम रखें
नियमित एक्सरसाइज करें
वजन को कंट्रोल में रखें
पर्याप्त नींद लें
स्मोकिंग और शराब का अधिक सेवन करने से बचें

कब लेनी चाहिए डॉक्टर से सलाह?

अगर 12 महीने तक बिना गर्भनिरोधक के संबंध बनाने के बावजूद गर्भधारण नहीं होता है या पहले से कोई फर्टिलिटी रिस्क मौजूद है, तो फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। सीमन एनालिसिस के जरिए स्पर्म की संख्या, मोटिलिटी और अन्य विशेषताओं की जांच की जा सकती है। WHO ने भी स्पर्म की जांच के लिए लैबोरेटरी प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए हैं।

डॉ. अजंता बूपति के मुतबिक, "लंबे समय तक गर्मी, शारीरिक निष्क्रियता, बढ़ता वजन, तनाव, नींद की कमी और अन्य मेडिकल कारण मिलकर स्पर्म हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में सुधार करना पुरुषों की सामान्य सेहत के साथ उनकी रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।"

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, September 17, 2026, 16:00 [IST]
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