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शुगर-कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती, खुलेंगे 5 बायोफार्मा हब, जानें बजट में हेल्थ सेक्टर को क्या-क्या मिला?
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2026 का बजट पेश करते हुए देश के मरीजों को एक नई सौगात दी है। जी हां, 2026 का बजट मरीजों के लिए बेहद ही खास होने वाला है, क्योंकि मरीजों की सेहत का ध्यान रखते हुए देश में तीन नए एम्स और पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब खोले जाने की बात की गई है। इसके साथ ही साल 2026 के बजट में सरकार ने कैंसर और शुगर की दवाइयां को सस्ता करने का भी ऐलान कर दिया है। यही नहीं, 2026 का बजट इसलिए भी खास है क्योंकि इस साल आयुर्वेद को और ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए देश में 1।5 लाख युवाओं को हेल्थ सेक्टर में ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जो देश के लिए बेहद ही हितकारी होने वाला है।

सस्ती होगी दवाइयां
देश में ऐसे कई लोग हैं, जो महंगे हॉस्पिटल व दवाइयों का खर्च नहीं उठा पाते हैं। उनका दर्द समझते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुगर और कैंसर की दवाओं के अलावा सात दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने का ऐलान किया है। अब इन दवाइयों के सस्ते होने से गरीबों को परेशानी नहीं होगी और उनके ऊपर आर्थिक संकट का भी खतरा नहीं नहीं बढ़ेगा। यह फैसला उन गरीब तबकों के लिए बेहद ही हितकारी माना जा रहा है जो आर्थिक दबाव के कारण अपना इलाज रोक देते थे। आपको बता दें कि बजट 2026 में सरकार ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'बायो फार्मा शक्ति' योजना की शुरुआत की है। इसके तहत 10000 करोड़ रुपए का भारी निवेश भी किया जाएगा।
इलाज के लिए नहीं भटकना होगा दर-दर
जो लोग दूर-दराज शहरों से दिल्ली और मुंबई में अपना इलाज एम्स में करवाने आते थे, उनके लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक नई सौगात दी है। दरअसल, बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया कि अब देश में तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज यानी एम्स बनाए जाएंगे। यही नहीं, इन एम्स के खुलने से उन लोगों को राहत मिलेगी, जो दूर शहरों से अपना इलाज करवाने इन बड़े शहरों में आते थे।
पांच मेडिकल हब भी खोले जाएंगे
देश में तीन एम्स बनाए जाने के साथ-साथ सरकार ने पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का भी फैसला किया है। सरकार का यह मानना है कि केवल मरीजों का इलाज ही नहीं बल्कि मेडिकल रिसर्च और ट्रेनिंग को भी बढ़ावा देना चाहिए। इसलिए अब देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब भी खोले जाएंगे। यही नहीं, इन मेडिकल हब में स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध होगी और इससे मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
आयुर्वेद को मिलेगी अब एक नई पहचान
जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को पूरी दुनिया में एक नए स्तर पर पहचान दिलाई है और लोग अब योग को अपने जीवन शैली में अपना रहे हैं। ठीक उसी तरह अब यह सरकार आयुर्वेद को भी एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पूरी शिद्दत से मेहनत कर रही है। 2026 का बजट में यह साफ कहा गया है कि अब पारंपरिक दवाओं पर शोध किया जाएगा। इसके लिए गुजरात के जामनगर में एक विशेष स्थान स्थापित किया जाएगा। दरअसल सरकार का ऐसा मानना है कि हमारे पुरानी चिकित्सा पद्धति में कई गंभीर रोगों का इलाज छुपा हुआ है। इसलिए इसे अब दुनिया के सामने अवश्य लाना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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