Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता
चिकनगुनिया का कहर! चीन समेत कई देशों में तेजी से फैल रहा वायरस, अमेरिका का ट्रैवल अलर्ट जारी
Chikungunya virus outbreak : करीब 20 साल पहले पूरी दुनिया में तबाही मचाने वाला मच्छर जनित चिकनगुनिया वायरस एक बार फिर तेजी से फैल रहा है। चीन, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के कई देशों में इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने अब चीन और अन्य देशों के लिए लेवल-2 ट्रैवल अलर्ट जारी किया है, जिसमें यात्रियों को सतर्क रहने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सबसे ज्यादा असर चीन पर पड़ा है। ग्वांगडोंग प्रांत में अब तक 7000 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए चीन सरकार जैविक मच्छर छोड़ रही है, ताकि वायरस फैलाने वाले मच्छरों को खत्म किया जा सके। साथ ही, लोगों को घरों में जमा पानी हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं, नहीं मानने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

WHO पहले ही दे चुका है चेतावनी
WHO ने पहले ही चेतावनी दी थी कि चिकनगुनिया अब सिर्फ उष्णकटिबंधीय इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एशिया से यूरोप तक फैल सकता है। अभी 119 देशों के करीब 560 करोड़ लोग इस वायरस के खतरे में हैं। भारत में भी हर साल मानसून के दौरान इसके केस बढ़ जाते हैं। 2005 में यह वायरस महामारी बन चुका है, जिससे 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे।
अब तक दुनिया भर में करीब 2.4 लाख केस सामने आ चुके हैं, जिनमें 90 मौतें भी हुई हैं। CDC ने जिन देशों को लेकर ट्रैवल अलर्ट जारी किया है, उनमें चीन, बोलिविया, मेडागास्कर, मॉरीशस, मायोट, रीयूनियन, सोमालिया, श्रीलंका, और अमेरिका के यात्रियों के लिए भारत, ब्राजील, कोलंबिया, मेक्सिको, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और थाइलैंड जैसे देश शामिल हैं।
क्या है चिकनगुनिया वायरस?
चिकनगुनिया एक वायरल बुखार है, जो संक्रमित मच्छरों की वजह से फैलता है। इसे एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस नामक मच्छर फैलाते हैं, जो खासकर दिन के समय ज्यादा सक्रिय रहते हैं। यह बीमारी पहली बार 1952 में तंजानिया में सामने आई थी। चिकनगुनिया वायरस शरीर में तीव्र जोड़ों के दर्द और तेज बुखार का कारण बनता है, जो कई हफ्तों या महीनों तक भी रह सकता है।
दुनिया में क्यों बढ़ रही है टेंशन?
WHO के मुताबिक, चिकनगुनिया पहले सिर्फ उष्णकटिबंधीय देशों में फैलता था, लेकिन अब इसका संक्रमण यूरोप जैसे ठंडे देशों में भी देखा जा रहा है। हाल ही में फ्रांस में चिकनगुनिया के 800 मामले सामने आए, जिनमें 12 स्थानीय संक्रमण के हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय यात्रा में तेजी के चलते यह वायरस अब सीमाओं को पार करता जा रहा है। इटली में भी इसके संक्रमण का मामला दर्ज किया गया है।
भारत में हर साल बरसात के मौसम में चिकनगुनिया के केस सामने आते हैं, लेकिन अभी तक स्थिति नियंत्रण में रही है। हालांकि इस वायरस के विकराल रूप लेने की संभावना को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है।
चीन में क्या हो रहा है?
गुआंगडोंग प्रांत में चिकनगुनिया के तेजी से बढ़ते मामलों ने सरकार को अलर्ट मोड पर ला दिया है। संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने मच्छरों की संख्या कम करने के लिए बड़े साइज़ के जैविक मच्छर छोड़े हैं, जो वायरस फैलाने वाले मच्छरों को खत्म कर सकते हैं। साथ ही, लोगों को अपने घरों में जमा पानी हटाने के निर्देश दिए गए हैं, वरना उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
चिकनगुनिया के लक्षण क्या हैं?
चिकनगुनिया से संक्रमित मच्छर के काटने के 4-8 दिन बाद इसके लक्षण सामने आते हैं। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
- तेज बुखार
- हाथ-पैर, घुटनों और कलाई में असहनीय दर्द
- सिरदर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- थकान
- त्वचा पर चकत्ते (rashes)
- कुछ मामलों में आंखों में जलन और उल्टी
- जोड़ों का दर्द कई बार लंबे समय तक बना रह सकता है, जिससे मरीज का चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है।
चिकनगुनिया का इलाज क्या है?
फिलहाल चिकनगुनिया का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज मौजूद नहीं है। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं।
- बुखार के लिए पैरासिटामोल दिया जाता है।
- जोड़ों के दर्द के लिए पेनकिलर और आराम की सलाह दी जाती है।
- रोगी को अधिक से अधिक पानी पीने और आराम करने की सलाह दी जाती है।
- फिजियोथैरेपी से भी जोड़ों के दर्द में राहत मिल सकती है।
क्या इसकी कोई वैक्सीन है?
अब तक चिकनगुनिया के लिए कोई अधिकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, हालांकि कई देशों में इसके लिए क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं। जब तक वैक्सीन नहीं आती, तब तक रोकथाम ही सबसे बड़ा उपाय है।
कैसे करें चिकनगुनिया से बचाव?
चिकनगुनिया से बचने के लिए सबसे जरूरी है मच्छरों से बचाव करना। इसके लिए ये उपाय अपनाएं:
- फुल स्लीव कपड़े पहनें।
- मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- बरतन, कूलर या गमलों में पानी न भरने दें।
- खिड़की और दरवाजों पर जाली लगवाएं।
- बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इसी मौसम में चिकनगुनिया वायरस सबसे ज्यादा फैलता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
