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ज्यादा पानी पीना भी उतार सकता है मौत के घाट, क्या है ' Water Toxicity' और कैसे बचें
Water toxicity kya hai: पानी सेहत के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है। गर्मी में इसकी जरूरत और बढ़ जाती है लेकिन अति हर चीज की बुरी होती है। कई बार लोग हेल्दी रहने के चक्कर में जरुरत से ज्यादा पानी पी लेते हैं। अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो शरीर में ये जमा पानी से वॉटर टॉक्सिटी हो जाती है।
ऐसी ही एक खबर सामने आ रही हैं। इंडियाना में 2 बच्चों की मां की मौत ज्यादा पानी पीने की वजह से हो गई। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, दरअसल इस महिला ने 20 मिनट में लगभग 64 औंस पानी पी लिया था। महिला ने जितना पानी 20 मिनट में पिया था, उतना पानी एक इंसान को एक दिन में पीना चाहिए। वॉटर टॉक्सिटी की वजह से स्थिति गंभीर होने से इंसान की मौत तक हो जाती है।
वॉटर टॉक्सिटी क्या है?
जल विषाक्तता या वॉटर टॉक्सिटी की समस्या तब होती है, जब कम वक्त में जरूरत से ज्यादा पानी पी लिया जाए। इस स्थिति में किडनी के लिए मुश्किल बढ़ जाती है। ओवरहाइड्रेशन के कारण ब्लड में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे मस्तिष्क के कार्यों पर बुरा असर पड़ सकता है और सोडियम का लेवल एकाएक कम सकता है। सोडियम की कमी को हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है।
सोडियम की कमी से शरीर में सूजन की समस्या पैदा हो सकती है। वॉटर टॉक्सिटी के मामले आमतौर पर ज्यादा गर्मी के मौसम में देखे जाते हैं, क्योंकि गर्मी के कारण लोगों को बहुत ज्यादा प्यास लगती है। कई बार वो समझ भी नहीं पाते कि उन्हें कितने पानी की जरूरत है। यही वजह है कि ज्यादा पानी पीने से वॉटर टॉक्सिटी हो जाती है।

वॉटर टॉक्सिटी के लक्षण
सूजन
बहुत ज्यादा पानी पीने से आपकी शरीर में सूजन की समस्या हो सकती है, इसे ओवरहाइड्रेशन कहते हैं। इस स्थिति में कोशिकाओं में पानी जमा होने लगता है और बॉडी पर सूजन नजर आने लगती है।
पेट फूलना
बहुत ज्यादा पानी पीने से पेट फूलने की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे साथ वोमेटिंग, सिर दर्द जैसी शिकायत हो सकती है।
हार्ट के लिए खतरा
ज्यादा पानी पीने के कारण ब्लड में वॉटर लेवल बढ़ सकता है। हार्ट की सेहत पर इसका प्रतिकूल असर हो सकता है, जिससे हृदयाघात की आशंका बढ़ सकती है।
किडनी के लिए नुकसानदायक
ओवरहाइड्रेशन किडनी पर बुरा असर डालती है। बहुत अधिक पानी का असर किडनी में उपस्थित आर्जिनिन वेसोप्रेसिन के स्तर पर पड़ता है। इसके कम होने से किडनी को क्षति पहुंच सकती है।
ये भी है लक्षण
वॉटर टॉक्सिटी की वजह से मतली, सिरदर्द, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान, डबल विज़न, हाई ब्लड प्रेशर, भ्रम की स्थिति या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। अगर स्थिति गंभी हो जाएं, तो सेंट्रल नर्वस डिसफंक्शन, कोमा, दौरा, ब्रेन डैमेज जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि मृत्यु तक हो सकती है।
वॉटर टॉक्सिटी से कैसे बचें?
एक व्यक्ति को हर दिन 13 कप से ज्यादा पानी पीने से बचना चाहिए। अगर प्रति घंटे की बात करें तो प्रति घंटे एक लीटर या उससे कम पानी भी पिएंगे तो भी आप ओवरहाइड्रेशन से बचे रहेंगे। एक्सरसाइज के दौरान इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर स्पोर्ट्स ड्रिंक पिया जा सकता है क्योंकि ये खोए हुए सोडियम, पोटेशियम और ग्लूकोज की भरपाई होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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