कैंसर पर असरदार 'साल्मोनेला'

By Super

Bacteria
लंदन। साल्मोनेला बैक्टीरिया को कैंसर के खिलाफ नए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा पाया गया है कि यह बैक्टीरिया कैंसर के खिलाफ शरीर के प्रतिरोधक तंत्र की सक्रियता बढ़ा देता है। साल्मोनेला मानव व अन्य जानवरों के पेट और आंत में रहता है और इससे बुखार, पेट में दर्द, दस्त या उल्टी जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' के मुताबिक वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि कैंसर ग्रस्त ट्यूमर का साल्मोनेला से इलाज करने पर उनमें प्रतिरोधक प्रतिक्रिया बढ़ जाती है और कैंसर कोशिकाएं प्रभावकारी तरीके से मर जाती हैं। यह बैक्टीरिया कैंसर को आगे बढ़ने से रोकने के लिए टीके जैसा काम करता है। शोधकर्ता डॉक्टर मारिया रेसिग्नो कहती हैं कि इसके लिए साल्मोनेला की बहुत थोड़ी मात्रा कैंसर कोशिकाएं में पहुंचाई जाती है ताकि उसका शरीर पर नकारात्मक प्रभाव न हो। साल्मोनेला की थोड़ी सी मात्रा ही खतरनाक कैंसर कोशिकाओं को दिखाने वाले लाल झंडे के समान काम करती है।

'जर्नल ऑफ साइंस ट्रांस्लेशनल मेडीसिन' के मुताबिक कैंसर कोशिकाएं बेहद खतरनाक होती हैं क्योंकि वे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नष्ट करती हैं। इन कोशिकाओं में साल्मोनेला बैक्टीरिया के होने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कैंसर को शिकाओं पर हमले के लिए तैयार रहती है। मिलान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में चूहों के ऊपर यह प्रयोग किया था। उन्होंने बताया कि चूहों में ऐसा करने से प्रतिरक्षा कोशिकाओं ने ट्यूमर कोशिकाओं की जल्द पहचान कर उन्हें नष्ट कर दिया। इससे चूहों के शरीर के अन्य हिस्सों में कैंसर संक्रमण रोकने में भी मदद मिली। अब वह अगले साल मानव पर यह प्रयोग करने वाले है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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