Latest Updates
-
Father's Day 2026: किसी ने छोड़ी स्मोकिंग, तो कोई निभाता है नैपी ड्यूटी, ये हैं बॉलीवुड के Super Dads -
Simple Aromatic Peas Pulao Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा खिला-खिला मटर पुलाव -
International Yoga Day 2026: रोजाना योग करने से मिलेंगे ये 10 जबरदस्त फायदे, तन और मन रहेगा स्वस्थ -
Jamai Sasthi 2026: दामाद की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत, जानें जमाई षष्ठी का महत्व और मनाने का तरीका -
5 Minute Protein Masala Omelette Recipe: झटपट बनाएं होटल जैसा टेस्टी और हेल्दी नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 20 June 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट
कुत्ते बता देंगे आंत के कैंसर के बारे में
अपनी सूंघने की क्षमता से कुत्ते आंत के कैंसर का पता लगा सकते हैंएक अध्ययन में पाया गया है कि अपनी सूंघने की क्षमता से कुत्ते आंत के कैंसर का पता लगा सकते हैं.जापान के वैज्ञानिकों ने पाया कि विशेष रूप से प्रशिक्षित लैबराडोर को स्वस्थ और आंत के कैंसर के पीड़ित व्यक्ति की सांस और मल को सुंघाया गया.
वैज्ञानिकों का कहना है कि कुत्ता 95 फ़ीसदी मामले में स्वस्थ और कैंसर पीड़ित व्यक्ति में भेद करने में सफल रहा.लेकिन ब्रिटेन के कैंसर शोध संस्थान का कहना है कि अभी इस दिशा में और कार्य किया जाना बाकी है.उनका कहना है कि ये पता लगाया जाना बाकी है कि कुत्ते किस रसायन से ये पता लगा पाए, साथ ही बड़ी संख्या में लोगों पर इसका अभी अध्ययन किया जाना है.
इसके पहले किए शोध से पता चला था कि प्रतिदिन एक एस्प्रिन आंत के कैंसर से बचाव कर सकती है.ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मरीज़ों पर किए गए अध्ययन में पाया गया था कि एस्प्रिन से अनेक लोगों को मौत से बचाया जा सका.उल्लेखनीय है कि दिल की बीमारी सबंधी मामलों में पहले से ही बड़ी मात्रा में लोग एस्प्रिन का इस्तेमाल करते हैं.
हालांकि कई स्वस्थ लोग एस्प्रिन के दुष्प्रभाव की वजह से इसका इस्तेमाल करने से परहेज़ करते हैं.इन शोधों से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित लोगों के इलाज में काफ़ी मदद मिल सकती है.वैज्ञानिकों का मानना है कि अभी तक कैंसर को जितना जटिल समझा जा रहा था, ये उससे कहीं अधिक जटिल है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications