पुरुष भी गुजरते हैं मेल मेनोपॉज से

क्या आपके पति 40 की उम्र से गुजर रहें हैं? तो क्‍या आपने उनके अंदर कुछ परिवर्तन देखा? क्‍या वे आज-कल थका हुआ और कुछ अजीब तरीके से बरताव करने लगे हैं? अगर हां, तो हो सकता है कि वे मेनोपॉज के दौर से गुजर रहें हों। इससे पहले यह शब्‍द केवल महिलाओं के लिये प्रयोग होता था, जिसमें महिलाओं की 40 की उम्र के बाद हार्मोनल चेंज की वजह से बच्‍चा जनने की क्षमता खतम हो जाती है। आपको समझना चाहिये कि अब मेनोपॉज शब्‍द केवल महिलाओं तक ही सीमित न रह कर पुरुषों के लिये भी प्रयोग होने लगा है। आदमियों में भी बहुत सारे हार्मोनल चेंज देखने को मिलते हैं। बस अंतर केवल इतना होता है कि, मेल मेनोपॉज में वे पूरी तरह से बांझ नहीं बनते, बल्कि उनका हार्मोनल लेवल कम हो जाता है। अगर आप भी 40 प्‍सस की उम्र के हैं, तो आप भी मेनोपॉज के दौर से जुरुर गुजर रहे होंगे या गुजर रहे हैं। आइये जानते हैं मेल मेनोपॉज के बारे में और भी-

मेल मेनोपॉज के लक्षण :

1. शारीरिक परिवर्तन- जब आदमी इस स्‍टेज से गुजर रहा होगा, तब उसके वजन में बढौत्‍तरी दिखने लगेगी और उसकी मासपेशियां लूज और कमजोर होने लगेगी। बाल झड़ना, तनाव भी मेल मेनोपॉज का लक्षण है। शरीर में दर्द, खासतौर पर घुटनो और कुहनियों में दर्द होना आम बात है। अगर आप थकान और किसी काम में अपना 100 प्रतिशत नहीं दे पा रहें हैं, तो आप मेल मेनोपॉज से पीडि़त हैं। इसलिये अगर आपको अच्‍छा दिमाग और शरीर चाहिये तो, रोज सुबह जौगिंग या टहलने के लिये जाया करिये।

2. मि‍जाज में परिर्वतन- हार्मोनल चेंज होने पर मूड स्‍विंग काफी आम होता है। भले वह आदमी हो या फिर औरत, दोनों में ही मूड स्‍विंग काफी परेशानी पैदा कर देता है। एक पल में आप हसंने लगेगे और दूसरे ही पल आप गुस्‍सा हो जाएंगे। मेनोपॉज के समय क्रोध एक आम संकेत है। जबकि वहीं पर कुछ लोग बेचैन हो जाते हैं और दूसरे पुरुष आलस से भर जाते हैं।

3. रात में पसीना आना-
रात में अचानक अधिक पसीना आने की वजह से नींद खुल जाना, भी मेनोपॉज का ही एक अन्‍य लक्षण है। इसके अलावा अगर आपको ठंड लग रही है और फिर भी रात को पसीना आ रहा है, तो समझ जाइये कि आप मेनोपॉज से गुजर रहें हैं।

4. कामेच्छा में कमी- टेस्‍टिस्‍ट्रोन उत्पादन की कमी के कारण, कुछ पुरुषों की कामेच्‍छा में कमी सी आ जाती है। हालाकि यह हर पुरुष में आम नहीं होता। पहले भी बताया जा चुका है, कि मेनोपॉज से पुरुष पूरी तरह से बांझ नहीं बनता, बल्कि उसकी बच्‍चे पैदा करने की क्षमता में थोड़ी कमी आ जाती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, May 3, 2012, 10:20 [IST]
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