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डेंगू: लक्षण और बचाव
डेंगू एक बीमारी हैं जो एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से होती है। इस रोग में तेज बुखार के साथ शरीर के उभरे चकत्तों से खून रिसता हैं। डेंगू बुखार धीरे-धीरे एक महामारी के रूप में फैल रहा है। यह ज्यादातर शहरी क्षेत्र में फैलता है। यदि डेंगू बुखार के लक्षण शुरुआत में पता चल जाएं तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। आइये जानते हैं डेंगू को किस तरह से पहचाना जा सकता है। डेंगू से बचने के लिये आपको मादा एडीज इजिप्टी मच्छर से बचना पडे़गा, इसको पहचानने के लिये देखिये कि इनके शरीर पर चीते जैसी धारियां तो नहीं हैं। ये ज्यादातर शरीर पर घुटने के ऊपर हमला करते हैं।

डेंगू के लक्षण इस प्रकार से हैं-
- ठंड लगती है और तेज बुखार होता है।
- शरीर पर लाल चकते भी बन जाते है जो सबसे पहले पैरों पे फिर छाती पर तथा कभी कभी सारे शरीर पर फैल जाते है।
- पेट खराब हो जाना, उसमें दर्द होना, दस्त लगना, ब्लेडर की समस्या, निरंतर चक्कर आना, भूख ना लगना।
- रक्त मे प्लेटलेटस की संख्या कम हो जाना और नब्ज का दबाव कम होना [20 मिमी एच.जी दबाव से कम ]
- लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, भूख ना लगना।
- खूनी द्स्त लगना और खून की उल्टी आना
- जब डेंगूहैमरेज ज्वर होता है तो ज्वर बहुत तेज हो जाता है रक्तस्त्राव शुरू हो जाता है, रक्त की कमी हो जाती है, थ्रोम्बोसाटोपेनिया हो जाता है, कुछ मामलों में तो मृत्यु हो जाती है।
बचाव के उपाय-
- घर के आस-पास पानी जमा न होने दें।
- जहां पानी जमा हो उसमें केरोसिन तेल डाल दें और रोज़ घर में कीटनाषक का छिड़काव करें।
- यदि कूलर का काम ना हो तो उसे सूखा कर रखें वरना उसका पानी रोज़ बदलते रहें। हफ्ते पानी बदलें।
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और मच्छरदानी लगा कर सोएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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