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पैरों में दर्द है तो परेशान मत होइये
बह उठते ही जमीन में पैर रखते ही पैरों में दर्द महसूस होना एक आम बात बनती जा रही है। जब शरीर बुरी तरह से थक जाता है तो पैरों में दर्द होने लगता है, पर इसका सिर्फ यही एक कारण नहीं है। पैरों के दर्द की कई वजहें हो सकती हैं, मसलन मांसपेशियों में सिकुड़न, मसल्स की थकान, ज्यादा वॉक करना, एक्सरसाइज, स्ट्रेस, ब्लड क्लॉटिंग की वजह से बनी गांठ, घुटनों, हिप्स व पैरों में सही ब्लड सर्कुलेशन न होना। पानी की कमी, सही डाइट ना लेना, खाने में कैल्शियम व पोटेशियम जैसे मिनरल्स और विटामिंस की कमी वगैरह से भी पैरों में दर्द की शिकायत हो जाती है।

केमिकल बेस्ड दवाइयां ज्यादा मात्रा में लेना, चोट, कॉलेस्ट्रॉल लेवल कम होना, शरीर व मांसपेशियों का कमजोर पड़ जाना, आर्थराइटिस, डायबिटीज, कमजोरी, मोटापा, हॉमोर्नल प्रॉब्लम्स, नसों में दर्द, स्किन व हड्डियों से संबंधित इंफेक्शन और ट्यूमर से भी पैरों में दर्द की शिकायत रहती है।
लक्षण
इस दर्द में मसल्स में सिकुड़न होती है और घुटनों, जांघों व पैर में दर्द रहने लगता है। कभी-कभी दर्द की वजह से एक्सरसाइज में भी दिक्कत होती है।
उपचार
1. पानी पीना बहुत जरूरी है। यह मसल्स की सिकुड़न और पैरों के दर्द को कम करता है। जिम या वॉक पर जाने या किसी भी तरह की फिजिकल एक्सरसाइज करने से पहले सही मात्रा में पानी पीएं। यह बॉडी को पूरी तरह हाइड्रेट रखता है।
2. जितना हो सके, उतना फ्रूट जूस पीएं। बैलेंस्ड न्यूट्रिशियस डाइट लें। इसमें हरी सब्जियां, गाजर, केले, नट्स, अंकुरित मूंग, सेब, खट्टे फल, संतरा और अंगूर जैसे फलों को शामिल करें।
3. दूध से बने प्रॉडक्ट्स ज्यादा लें। चीज, दूध, सोयाबीन, सलाद वगैरह से आपको पूरी मात्रा में विटामिंस मिलेंगे। अपने खाने में ऐसी चीजों की मात्रा बढ़ा दें जिनमें कैल्शियम और पोटैशियम ज्यादा हो।
4. रेग्युलर एक्सरसाइज और योग आपको दिमागी व फिजिकल तौर पर फिट रखता है। यह आपको पैरों में दर्द और सांस की समस्या से भी दूर रखता है।
5. कुछ खास तरह की लेग स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज भी फायदेमंद साबित होती है। दरअसल, इससे ब्लड सर्कुलेशन और मस्कुलर कॉन्ट्रेक्शन सही होता है।
6. यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने वजन को कंट्रोल में रखें। फिटनेस और सही डाइट को अच्छी तरह फॉलो करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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