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ज्यादा दिनों तक जीना है, तो कम बैठें
एक ऑनलाइन रिपोर्ट, जर्नल बीएमजे ओपन के अनुसार वैज्ञानिकों ने बताया है कि यदि दिन में बस तीन घंटे ही बैठ कर बिताए जाएं तो उम्र दो साल बढ़ सकती है। इसी तरह यदि हम टीवी देखने में रोज दो घंटे की कटौती करें तो उम्र 1.4 वर्ष बढ़ सकती है।

ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाली पीढ़ी यदि थोड़ा ज्यादा चलेगी-फिरेगी तो हो सकता है कि वो औसतन ज्यादा जिए, प्रोफेसर डेविड स्पिगेलहाल्टर। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड स्पिगेलहाल्टर कहते हैं, ये जनसंख्या का एक अध्ययन है और इसमें व्यक्तिगत तौर पर ये नहीं बताया गया है कि सोफा पर बैठने का क्या असर हो सकता है। लेकिन हममें से कुछ ही लोग ऐसे होंगे जो हर दिन तीन घंटे से कम समय बैठकर गुजारते हैं, ये बड़ा सकारात्मक लक्ष्य प्रतीत होता है।
वयस्कों को सलाह दी जाती है कि वो हर दिन कम से कम ढ़ाई घंटे हल्का शारीरिक व्यायाम जैसे पैदल चलना या साइकिल की सवारी जरूर करें। साथ ही उन्हें मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली कसरत जैसे वेट-लिफ्टिंग वगैरह करने को भी कहा जाए।
इसके बावजूद यदि आप किसी कार्यालय में काम करते हैं तो हो सकता है कि आपको अपना ज्यादातर काम बैठकर करना होता होगा। वैज्ञानिक इस ओर इशारा करते हैं कि ज्यादा बैठने का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है। वैसे कई अध्ययनों में पाया गया है कि बैठने और टीवी देखने जैसी स्थिति का संबंध मधुमेह और दिल की बीमारी से है जिसकी वजह से जान का खतरा बढ़ जाता है।
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन में सीनियर कार्डियक नर्स नताशा स्टीवर्ट कहती हैं कि, ये शोध केवल अधिक बैठने की स्थिति और उम्र के बीच सहज संबंध की ओर इशारा करता है। इसमें केवल अमरीकी आबादी का अध्ययन किया गया है। इसलिए हमें और शोध करने की जरूरत है कि ब्रिटेन की आबादी पर इसका क्या असर पड़ता है।
वे कहती हैं, बहरहाल इससे ये जरूर पता चलता है, जो हम पहले से जानते हैं कि सुस्ती का संबंध दिल की बीमारियों से है और ब्रिटेन में हालिया दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि हमें अपने बैठने का समय कम करना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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