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धूम्रपान छोडऩा ही जीवन के लिए हितकर
वर्ममान समय में धूम्रपान विश्व की सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है। धूम्रपान करने वालों की संख्या आज लाखों में नहीं करोड़ों में हैं जो किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 तक लगभग 1.64 करोड लोग धूम्रपान के कारण मौत के मुंह में चले जाएंगे। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि भारत में 184 लाख लोग तम्बाकू का सेवन करते हैं जिसमें 20 प्रतिशत लोग सिगरेट तथा 40 प्रतिशत बीड़ी पीते हैं। 40 प्रतिशत तम्बाकू खैनी या गुटखा का सेवन करते हैं।

विश्व तम्बाकू रहित दिवस पर चिकित्सकों ने लोगों से तम्बाकू छोडऩे की अपील की तथा लोगों को तम्बाकू से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। चेस्ट रोग विशेषज्ञ डा. सूर्यकांत ने कहा कि तम्बाकू का लगातार सेवन करने से फेफड़ों की क्षमता कम होती जाती है यदि ध्यान न दिया जाए तो फेफड़े गल जाते हैं जिससे व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ कैंसर विषेशज्ञ डा. विवेक गर्ग कहते हैं कि लोग तंबाकू सेवन दोस्तों के कहने पर शुरू कर देते हैं लेकिन बाद में वह उनकी आदत में शामिल हो जाता है। डा. गर्ग कहते हैं कि धूम्रपान करने वालों का लगता है कि धूम्रपान उन्हें कठिन समय से निपटने में मदद करता है। वे बेहतर महसूस करने और तकलीफ दायक भावनाओं से राहत महसूस करने के लिए नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं। डा. गर्ग कहते हैं कि यह कुछ लोगों के काम में सिर्फ दखल देने और खुशी का एक पल छीनने का बहाना है। डा. गर्ग का कहना है कि ''तम्बाकू सभी रूपों में हानिकारक है, और इसे छोड़ दिया जाए तभी अच्छा है।
कैसे तम्बाकू छोड़ें?
अधिकतर गतिविधियों के लिए, एक योजना तैयार करना और फिर इसका पालन करना सफलता के लिए सबसे बेहतर तकनीक है। तम्बाकू एक रासायनिक निर्भरता पैदा करता है जिसमें शरीर हर समय कुछ मात्रा में निकोटिन की जरूरत महसूस करता है जिसके कारण इसे छोडऩे के लिए एक योजना बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन तम्बाकू छोडऩे की एक व्यापक पूरी तरह से सुनियोजित योजना बनाकर उस पर अमल करने से पहले आपकी लत के सभी पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए।
धूम्रपान से होने वाले कुप्रभाव
जब कोई धूम्रपान करता हैं तो बीड़ी या सिगरेट का धुआं पीने वाले के फेफड़े में महज 30 प्रतिशत ही जाता हैं जबकि शेष 70 प्रतिशत आस-पास के वातावरण में रह जाता हैं, जिससे उसी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के परिवार के लोग और उसके मित्र प्रभावित होते हैं, जिसको हम परोक्ष धूम्रपान कहते हैं। सिगरेट की तुलना में बीड़ी पीने से ज्यादा नुकसान होता हैं।
धूम्रपान से होने वाली प्रमुख बीमारियां हैं:-
ब्रॉनकाइटिस, एसिडिटी, टीबी, ब्लडप्रेशर, हार्ट अटैक, फॉलिज, नपुंसकता, माइग्रेन, सिरदर्द, बालों का जल्दी सफेद होना आदि। इससे लगभग 40 तरह के कैंसर भी हो सकते हैं जिसमें प्रमुख हैं: मुँह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफडे का कैंसर, प्रोस्टेट का कैंसर, पेट का कैंसर, ब्रेन ट्यूमर आदि। यदि महिलायें गर्भावस्था के दौरान परोक्ष या अपरोक्ष रुप से धूम्रपान करती हैं तो उनके होने वाले नवजात शिशु का वजन कम होना, गर्भाशय में ही या पैदा होने के बाद मृत्यु हो सकती है।
धूम्रपान बन्द करने के फायदे
लगातार 20 वर्ष तक सिलसिलेवार धूम्रपान करने वालों के सिगरेट छोड़ देने पर कई फायदे है।
20 मिनट में रक्तचाप सामान्य
8 घण्टे में रूधिर में आक्सीजन की मात्रा सामान्य
24 घण्टे में हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है
48 घण्टे में तंत्रिका विकसित होने लगती है
14 दिन में रक्त प्रवाह सामान्य होने लगता है
3 महीने में फेफड़े की कार्यक्षमता सामान्य होने लगती है
1-9 महीने में खांसी, थकान व सांस सामान्य होने लगती है
1 साल में हृदय रोग का खतरा 50 प्रतिशत कम हो जाता है
10 साल में कैंसर का खतरा 50 प्रतिशत कम हो जाता है
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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