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स्वस्थ रहने के लिये 10 आवश्यक तेल
सुगंध से भरे कुछ तेल हमारे स्वास्थ्य के लिये बहुत उपयोगी होते हैं। इन तेलों में नींबू का तेल, मिंट, वैनीला, गुलाब, लौंग और लैवेंडर के तेल शामिल हैं। यह तेल आपको बाजार में बड़ी आसानी से मिल जाएंगे। इन तेलों में हर रोग को ठीक करने के गुण चुपे हुए हैं। तेल न सिर्फ घर पर खाना पकाने के प्रयोजन में महत्वपूर्ण है, बल्कि इनमें औषधीय गुण भी होते हैं जो आपको दीर्घायु बना सकते हैं।
केवल कुछ बातों को जानने की जरूरत है,और सब कुछ आपके वश में है। अपने रसोई घर में उपयोग की जाने वाली चीजों का लाभ उठायें, और कौन सोच सकता है कि स्वस्थ रहना अब इन 10 अद्भुत उपयोगी तेलों के माध्यम से आसान और सस्ता हो सकता है:

रोजमैरी(दौनी) तेल
रोजमैरी का तेल एक ऊर्जावर्धक तेल है। अध्ययनों दर्शाते हैं इस तेल का इस्तेमाल मानव मस्तिष्क की एकाग्रता और ध्यान में सुधार करता है। यह दिमागी ताकत के उन्नयन के लिए एक ऊर्जा पेय की तरह काम करता है। यह लोहा, कैल्शियम और विटामिन बी-6 से प्रचुर है।

चकोतरे का तेल
चकोतरे का तेल प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ एन्टीआक्सीडेंट है।यह एक मूत्रवर्धक है और मूत्र के उत्पादन में मदद करता है।इस अद्वितीय क्षमता के माध्यम से, यह तेल गुर्दे से विषाक्त पदार्थों को करके गुर्दे को मजबूत और अधिक क्षमतावान बनाता है।अध्ययनों से पता चलता है कि चकोतरे का तेल जीवाणुरोधी, विषाणुरोधी होने के साथ-साथ फंगसरोधी भी होता है। ,

तुलसी का तेल
तुलसी का तेल सर्दी और खांसी के विरूद्ध दवाओं के सर्वश्रेष्ठ विकल्पों में से एक है।इस अद्भुत तेल की एक छोटी सी बूंद किसी भी तेज खांसी और सर्दी को दूर कर सकती है। यह तेल शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट, ,विषाणुरोधी एवं रोगाणुरोधी भी है।

क्लारी सेज तेल
क्लारी सेज तेल पाचन समस्याओं को दूर करने में सहायक है।यह पाचन तंत्र में गैस का बनना कम कर देता है जिससे भोजन का अपघटन आसान हो जाता है। इस तेल का इस्तेमाल अरोमाथेरेपी में भी किया जा सकता है। महिलाओं के लिये यह तेल खासतौर पर अधिक फायदेमंद सिद्ध होता है, क्योंकि माहवारी के दौरान पेट में होने वाली ऐंठन में यह तेल आराम पहुंचाता है।

वनिला का तेल
वनिला का तेल एक और बड़ा एंटीऑक्सिडेंट है।इसका प्रयोग कर्क रोग के उपचार में और चिंता तथा अनिद्रा जैसी मानसिक समस्याओं से राहत पहुंचाने में किया जाता है। इसका जायका दुनिया के सबसे पसंदीदा जायकों में से एक है।यह मीठा, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यकारी होता है।

गुलाब का तेल
एक अच्छा कामोद्दीपक होने के अलावा, गुलाब का तेल, मानव शरीर के लिए बेहद उपयोगी होता है।यह उपयोगी तेल कई बीमारियों के खिलाफ शरीर की रक्षा करने में मदद कर सकता है।यह चिंता, तनाव और डर को दूर करने में मदद करता है, क्योंकि इसका उपयोग शरीर और दिमाग को आराम प्रदान करने में मदद करता है।

लौंग का तेल
लौंग का तेल प्रकृति के चमत्कारों मे से एक है।यह एक एनाल्जेसिक एवं एन्टीसेप्टिक है जो मुख्य तौर पर दंत चिकित्सा में प्रयुक्त होता है। यह दांत दर्द और दांतक्षय जैसी दंत समस्याओं को दूर करने का एक घर उपाय है।यह लोहा और विटामिन ए और सी से युक्त है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाते हैं।

पुदीने का तेल
पारंपरिक रूप से मजबूत पाचन स्वास्थ्य की वृद्धि में अपने प्रभाव की वजह से पुदीने का तेल एक आहार अनुपूरक के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह सूजन, पेट फूलना, और अन्य आंत्र समस्याओं से छुटकारा दिलाता है । पिपरमेंट माहवारी की ऐंठन तथा सिर दर्द में भी आराम पहुंचाता है।यदि ऊपर से लगाया जाये, तो यह तेल खुजली भी शांत कर सकता है।

लैवेंडर का तेल
लैवेंडर का तेल का प्रयोग इसकी चिकित्सीय क्षमताओं की वजह से कई वर्षों से किया जा रहा है। एरोमाथेरेपी में, अपने प्राकृतिक आराम पहुंचाने वाले प्रभाव की वजह से इसका प्रयोग सुकून दिलाने में मदद करने के लिए किया जाता है। अपने एंटीसेप्टिक व दर्दनिवारक प्रभाव की वजह से इसे मामूली रूप से जलने, कीड़े के काटने, डंक लगने आदि में भी इस्तेमाल किया जाता है।

नींबू का तेल
नींबू का तेल प्रकृति का सबसे बड़ा सर्वउद्देशीय सीरम है। स्वाद को बेहतर बनाने के अलावा, यह उन विटामिन और खनिजों से युक्त है, जो शरीर को रोगों से सुरक्षित रखते हैं। यह शरीर को विषाक्त पदार्थों से भी मुक्त करता है, तथा तन-मन को शांति पहुंचाता है।यह अन्य आवश्यत तेलों की भांति ही उपयोगी है। यह सभी स्वास्थ्य समस्याओं के विरूद्ध सबसे अच्छा अस्त्र है।



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