स्‍वास्‍थ्‍य और सौंदर्य का खजाना हल्‍दी

भारतीय लोक कथाओं, संस्‍कृति एवं एरंपराओं में हल्‍दी का इस्‍तेमाल, सदियों से उसके विशिष्‍ट गुणों के चलते विभिन्‍न रूपों में कया जाता रहा है। दादी मां के नुस्‍खों में शारीरिक क्षति जैसे, चोट, मोच, अंदरूनी घाव को ठीक करने, सर्दी जुकाम व खांसी आदि बीमारियों को ठीक करने आदि के अतिरिक्‍त सौंदर्य प्रसाधन, धार्मिक व सामाजिक मांगलिक कार्यक्रमों में हल्‍दी का प्रयोग किया जाता है। आइये और जानते हैं हल्‍दी के स्‍वास्‍थ्‍य और सौदर्य के गुणों के बारे में-

स्‍वास्‍थ्‍य और सौंदर्य का खजाना हल्‍दी

Turmeric

1. गर्म दूध के साथ हल्‍दी का सेवन करेन से चोट का दर्द, शरीर की टूट फूट और सूजन में हल्‍दी राहत दिलाती है।

2. गर्म दूध में हल्‍दी और काली मिर्च मिला कर पीने से ठंड लग कर आने वाला ज्‍वर और कुष्‍ट रोग दूर होता है।

3. गर्म दूध में हल्‍दी और घी डाल कर पीने से सर्दी, खांसी, कफ और जुकाम से छुटकारा मिलता है। हल्‍दी को शहद के साथ चाटने से बलगमी खांसी दूर होती है।

4. दूध के साथ हल्‍दी का चूर्ण लेने से पेट के कीडे़ मरते हैं और कब्‍ज भी दूर होता है।

5. पिसी हुई हल्‍दी को घी में भून कर इस मिश्रण को हाथ पैर की अंगुलियों के बीच में लगाने से बरसात के दिनों के घाव और फोडे़ फुंसी के घाव ठीक होते हैं।

6. बार-बार पेशाब आने की पेरशानी में पानी के साथ हल्‍दी की फंकी लेने से पेशाब संबन्‍धी विकार दूर होते हैं। अपच में हल्‍दी और नमक की फंकी से गैस या वायु का बनना बंद हो जाता है।

7. हल्‍दी आंख के रोगों में बहुत हितकर है। आंख आने पर हल्‍दी के पानी में रंगे कपड़े का टुकड़ा रखने और उससे आंखों की कीचड़ पोंछना लाभदायक है।

8. हल्‍दी पाउडर का मंजन करने से दांत स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं। हल्‍दी के कसैले एवं कड़वे रस से दांत वस मसूड़ों को मजबूती मिलती है। कसैले रस से मसूड़ों की सूजन दूर होती है और कड़वे रस से दंत कृमि नष्‍ट होते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, March 16, 2013, 15:36 [IST]
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