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मानसिक व्यग्रता पर कैसे पाएं नियंत्रण
एंग्ज़ायटी अटैक जिसे मानसिक व्यग्रता के नाम से भी जाना जाता है, बहुत ज़्यादा डर और बैचैनी की स्थिति होती है। ये अचानक ही आती हैं परंतु अधिकांशत: किसी परिस्थिति के कारण या कुछ होने वाला है यह सोचने के कारण आती है। अगर आप अपने दिमाग पर थोड़ा जोर देगें तो आपको भी ऐसी ही बेचैनी कभी न कभी हुई होगी, जिसके कारण आपके हाथ-पांव ठंडे पड़ गए होगें या फिर आपकी बी पी लो हो गया होगा।
यह अटैक केवल कुछ ही देर तक रहता है और जब आप उस परेशान कर देने वाले दौर से गुजर चुके होते हैं, तब जा कर सब सही हो चुका होता है। अगर आपको भी बार बार ऐसा एंग्जायटी अटैक आता है तो उससे बचने के कुछ तरीके इस प्रकार है:

बाहर जाएँ
आपको यह सलाह दी जाती है कि आप अपने दैनिक कार्यों से कुछ समय निकालकर अपने चारों ओर की नकारात्मक बातें देखें। यह इसलिए क्योंकि यह स्वीकार करना कि क्या नकारात्मक है, आपको नकारात्मक चीज़ों से दूर करने में सहायक होता है। इसे अनदेखा न करें।

चीज़ें हो सकती हैं
सकारात्मक रहना जीवन जीने का एक अच्छा तरीका है, परंतु आपको आने वाली नकारात्मक परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहना चाहिए। इसका यह अर्थ नहीं की आप हमेशा चिंताओं से घिरे रहें। इसे इस प्रकार स्वीकार करें कि यह एक गलत निर्णय का परिणाम है।

लिखें
चिंता से निपटने का एक प्रमुख तरीका यह है कि आप डायरी लिखें। आपको सलाह दी जाती है कि आप चिंता के समय और कारणों को डायरी में लिखें। लिखने के लिए ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता होती है और यह देखा गया है कि यह करते समय लोग इसका मुख्य कारण भूल जाते हैं। इससे व्यक्ति को बढ़ते हुए तनाव से राहत मिलती है।

अच्छा खाएं
जैसा कि नियम है, नाश्ता पोषक और भारी होना चाहिए। भोजन के बीच में थोडा थोडा खाते रहें। इससे रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा स्थिर रहती है और आपका मूड अच्छा रहता है।

पूरी नींद लें
कम से कम 8-9 घंटे की नींद लें। इससे कम सोने के कारण एंग्ज़ायटी अटैक हो सकते हैं।

गंदी लत छोड़े
किसी भी प्रकार की लत का शिकार होना (ऐसी कोई चीज़ जिसके बिना आप नहीं रह सकते), इसके कारण मानसिक व्यग्रता की आशंका बढ़ जाती है। अत: आपको शराब, तंबाकू, सिगरेट और निकोटिन का उपयोग कम करना चाहिए।

योग करें
जिन्हें अक्सर ये दौरे पड़ते हैं उनके लिए व्यायाम करना आवश्यक है। योग व्यायाम का एक अच्छा प्रकार है। यह आसान है और बिना किसी साधन के इसका अभ्यास किया जा सकता है।

शौक में व्यस्त रहें
चिंता को रोकने का सबसे उत्तम तरीका है रूचि या शौक। चाहे वह संगीत हो, या किताबें पढना या यात्रा करना उसे पूरा करें। इससे आप अनावश्यक चिंताओं से बचे रहेंगे।



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