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महिलाओं में कैंसर के लक्षण
हम एक ऐसे युग में रहते हैं जहां हमें हर बीमारी को इगनोर करने की बुरी आदत पड़ चुकी है। देखा जाए तो अगर किसी महिला को स्क्रीनिंग या हेल्थ चेकअप के लिये बोला गया हो तो वह उसे नजरअंदाज कर देती है, जिसका विकराल रूप बनता है कैंसर।
कैंसर की बीमारी कई ढेर सारे लोगों में से केवल एक को ही होती है। यह सभी उम्र के लोगों को, यहाँ तक कि भ्रूण को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन अधिकांश किस्मों का जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है।
ब्रेस्ट कैंसर से बचने के 7 उपाय
अधिकांश कैंसरों का इलाज किया जा सकता है, कुछ को ठीक भी किया जा सकता है, यह कैंसर के विशेष प्रकार, स्थिति और अवस्था पर निर्भर करता है। एक बार निदान हो जाने पर, कैंसर का उपचार शल्य चिकित्सा, कीमोथेरपी और रेडियोथेरेपी के संयोजन के द्वारा किया जा सकता है।
डाक्टरों का मानना है कि लोग कैंसर के लक्षण पर ध्यान नहीं देते जिससे वह बढ जाता है और फिर उसके इलाज में बहुत पैसे खर्च हो जाते हैं। इसी तरह से गुडगांव की डाक्टर भावना शिरोही जो कि मेडिकल ऑन्कोलोजी की हेड हैं, बताती है कि महिलाएं अक्सर कैंसर के लक्षणों को इगनोर कर देती है, जो कि कभी नहीं करना चाहिये।
क्या है ब्रेस्ट कैंसर और उससे बचने के उपाय
शरीर में विभिन्न प्रकार के कैंसर हो सकते हैं जैसे- मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, पेट का कैंसर, ब्रेन कैंसर आदि। कैंसर रिसर्च यूके का ये भी कहना है कि "अगर आपको कैंसर के ये लक्षण नज़र आएँ तो आप तुरंत इसकी जाँच करवाएँ.कैंसर का पता अगर शुरुआती दौर में चल जाए तो इसके इलाज़ के सफल होने की संभावना ज़्यादा होती है।" यहां कुछ कैंसर के लक्षणों पर प्रकाश डाला जा रहा है, जिसे आप को हमेशा ध्यान में रखना होगा। आइये आपको भी इससे पहचान करवाते हैं-

अचानक ही वजन घटाना, भूख की कमी, कमजोरी या थकान
यदि आप सामान्य भूख के बावजूद भी अपना वजन घटा रहे हैं या फिर कई स्पात से बिना किसी बीमारी के भूख खतम हो चुकी है तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिये। इसके अलावा थकान भी महसूस कर रहे हों तो भी सावधान रहें।

मुंह का अल्सर ठीक ना होना
यदि मुंह का अल्सर पिछले 3 महीने से ठीक ना हुआ हो तो। अगर आप इस दौरान किसी तंबाकू का सेवन भी कर रहे हों तो वह भी रोक दें।

निगलने में समस्या
यदि पेय या भोजन निगलने में परेशानी और दर्द हो रहा हो तो डॉक्टर को दिखवाएं। यह एक फंगल इन्फेक्शन भी हो सकता है इसलिये बिना देरी के डॉक्टर को दिखाएं।

गांठ होना
अपने शरीर को देखने और छूने पर महसूस कर के आप देख सकते हैं कि कहीं किसी अंग के भीतर कोई गांठ तो नहीं बनी है। डॉक्टर को दिखा कर यह पता लगाया जा सकता है कि वह गांठ कितनी पुरानी और कितनी बड़ी है, जिससे उसका इलाज तुरंत हो सके। कैंसर की गांठ दर्द रहित होती है।

स्तन में गांठ और निप्पल डिस्चार्ज होना
हर महिला को पता होना चाहिये कि स्तन के गांठ की जांच कैसे की जाती है। आप अपनी बॉडी को सबसे बेहतर तरीके से जानती हैं तो अगर कुछ गड़बड़ लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखवाएं।

लंबे समय से कफ आना या आवाज़ में बदलाव
यदि आपको दो हफ्तों से कम और सांस लेने में परेशानी हो रही है यह चेतावनी समझे। इसके अलावा यदि कफ के साथ खून भी निकले तो डॉक्टर को बताएं।

पेडु में दर्द, मल में आनेवाला ख़ून तथा पेट फूलना
यह लक्षण पेट के कैंसर का हो सकता है। कई लोग मल के साथ आने वाले खून को पाइल्स का लक्षण भी समझ बैठते हैं। आपको यह भी देखना होगा कि कहीं बेमतलब आपको डायरिया या कब्ज की शिकायत हमेशा तो नहीं रहती।

ब्लीडिंग
बेवजह मासिक धर्म के बीच में या सेक्स के बाद ब्लीडिंग का मतलब होता है गर्भाशय का कैंसर। अगर पेशाब में खून आए तो इसका मतलब मूत्राशय या गुर्दे के कैंसर का लक्षण है। यह इंफेक्शन से भी हो सकता है।

शरीर पर तिल
शरीर पर भूरा, लाल, काला, गुलाबी या नीले रंग का तिल हो तो डॉक्टर से मिले।

खुजलाहट
आप को देखना होगा कि कहीं आपके शरीर पर कोई ऐसा असामान्य निशान तो नहीं है जिस में खुजली हो रही हो तथा खून बहना शुरु हो गया हो।



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