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सुंदरता ही नहीं स्वास्थ्य भी निखारती है बिंदी
लड़कियों के माथे पर चमकती बिंदी उनकी सुंदरता में चार चांद लगा देती है। बिंदी स्त्रियों के श्रंगार में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह उनके 16 श्रंगार में से एक है। किसी भी लड़की के माथे पर चम-चम चमकती बिंदी किसी का भी मन बड़ी आसानी से मोह लेती है।
कोई भी इसके आकर्षण से बच नहीं पाता। लड़कियां इसका उपयोग सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से करती हैं और विवाहित महिलाओं के लिए यह सुहाग की निशानी मानी जाती है। बिंदी का महत्व केवल सौंदर्य बढ़ाने वाले श्रंगार तक ही सीमित नहीं है। दाग-धब्बे रहित त्वचा पाने के लिये लगाएं तुलसी फेस पैक
बिंदी का संबंध हमारे मन से भी जुड़ा हुआ है। माथे पर बिंदी लगाने वाले स्थान को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। मन को एकाग्र करने के लिए इसी चक्र पर दबाव दिया जाता है। लड़कियां बिंदी इसी स्थान पर लगाती है। आइये जाने ऐसे ही कुछ और दिलचस्प बातें

1 जागृति और एकाग्रता का केंद्र
हमारे माथे पर आई ब्रोस के बीच में लड़कियाँ बिंदी लगातीं हैं, इस जगह को अजन चक्र के नाम से भी जाना जाता है। यह चक्र हमारे मन को नियंत्रित करता है। हम जब भी ध्यान लगाते हैं तब हमारा ध्यान यहीं केंद्रित होता है। मन को एकाग्र करने के लिए इसी चक्र पर दबाव दिया जाता है।

2. सिर दर्द से छुटकारा
एक्यूप्रेशर के सिद्धांतों के अनुसार, अगर आपको सर में दर्द हो रहा हो तो, इस चक्र पर मालिश करने से यहाँ कि नसों और रक्त वाहिकायें तनाव मुक्त हो जायेंगी और आपको सिर दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।

3. साइनस से आराम दिलाए
साइनस के मरीजों के लिए भी बिंदी लगाना फायदेमंद है क्योंकि इस चक्र पर दबाव से नाक की नली का सीधा संबंध होता है, और इस पर दबाव बनाने से म्यूकस आसानी से निकल जाता है।

4. चेहरे से झुर्रियां हटाए
इस चक्र का महत्व त्वचा को टाइट रखने और झुर्रियां दूर करने के लिए भी माना जाता है। इस पर दबाव से रक्त संचार तेज होता है और त्वचा लंबे समय तक टाइट रहती है जिससे लंबे समय तक झुर्रियां नहीं पड़ती हैं।

5. चेहरे के लकवे से बचाती है
इस चक्र पर मालिश करने से बैल परैलिसिस यानि चेहरे के एक हिस्से में लकवा मार जाने से बचाता है। आयुर्वेद के पंचकर्म में इस चक्र पर मालिश करने को बताया गया है, जिसमें 40-60 मिनट के लिए माथे पर औषधीय तेल इस चक्र टपकाया जाता है जिससे चेहरे कि नसों को आराम मिलता है और बैल परैलिसिस से भी बचाता है।

6 आंखों की मांसपेशियों के लिये लाभदायक
यह चक्र सीधे आंखों की मांसपेशियों और त्वचा से जुड़ता है, जिससे आपकी आंखे चारों ओर दिशाओं में घूमती हैं। यह चक्र आपकी आँखों की रोशनी को बढ़ाता है जिससे आप अधिक स्पष्ट रूप से वस्तुओं देख सके।

7 सुनने की शक्ती को बढाती है
चेहरे की नसों में से एक नस कर्णावर्त तंत्रिका से जुड़ती है, जो आपके सुनने कि शक्ति को बेहतर करती है। इस लिए इस चक्र पर दबाव बनाने से आपके सुनने की शक्ति बढ़ती है।

8. आइब्रो के बीच की लाइन को कम करे
ज्यादातर लोग अपनी आइब्रो के बीच की लाइननों को लेकर परेशान रहते हैं, अगर आप इन लाइननो से छुटकारा चहते हैँ तो रोज़ दिन में एक बार इस चक्र के ऊपर मालिश करें। इस चक्र पर मालिश करने से प्रॉएरूस मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त प्रवाह भी अच्छा रहता है।

9. दिमाग को शान्त रखे
बिंदी लगाने की सही जगह दोनों भौंहों के बीच का बिंदु है जिसे आयुर्वेद में शरीर का सबसे महत्वपूर्ण चक्र - अजना चक्र कहा गया है। आयुर्वेद में इस चक्र पर हल्के दबाव से मानसिक शांति और घबराहट के उपचार में मदद मिलती है।

10. अनिद्रा से बचाए
आयुर्वेद में बिंदी लगाने वाले स्थान को न सिर्फ मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है बल्कि यह तनाव दूर करने और अच्छी नींद के लिए भी जरूरी है। शिरोधरा विधि से इस बिंदु पर दबाव बनाकर अनिद्रा की समस्या दूर की जा सकती है।



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