Latest Updates
-
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स
ऐसी आदतें जिन्हें जल्दी से बदलने की जरुरत है
विज्ञापन आपको हैंड सैनिटाइज़र और बोतलबंद में पानी बेचते हैं। लेकिन, क्या ये वास्तव में आपके लिए उचित हैं? विशेषज्ञों की राय में ऐसा नहीं है। सालों में बनाई गई हमारी आदतें जैसे रोगाणुओं से सावधान रहने से लेकर हर बार खाने के बाद ब्रश करना न केवल अनावश्यक हैं बल्कि एक लंबे समय के बाद वास्तव में हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकती हैं। कैसे जानने के लिए यह पढ़े।
स्वस्थ प्रतीत होने वाले छः दैनिक आदतें जिन्हें बदलने की ज़रूरत हैं।
शाकाहारी बनने के साइड इफेक्ट्स

भोजन के बाद ब्रश करना
अपने मोतियों की तरह सफेद दांतों से प्रभावित आप हर बार भोजन के बाद ब्रश करते हैं। लेकिन आपकी माँ ने आपको दिन में केवल दो बार ब्रश करने के लिए कहा था- नाश्ते से पहले और सोने से पहले, या पाया गया है कि वह सही थी।
दंत विशेषज्ञों कहते हैं कि भोजन करने के तुरुत बाद बाथरूम की ओर भागना आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। भोजन के टूटने से मुँह में एक एसिडिक अवशेष रह जाता है जो दांतों पर बनी इनेमल यानि सुरक्षात्मक परत को कमज़ोर करता है। कमज़ोर इनेमल पर ब्रश करने से वह स्थायी रूप से टूट सकती है जिससे टुथ सेंसिटिविटी होती है।
इसके बजायः भोजन के बाद टुथब्रश करने के लिए कम से कम एक घंटे तक रुकना एक अच्छा विचार है। यदि आप भोजन के बाद बचे हुए खाद्य पदार्थों को निकालना चाहते हैं तो केवल पानी से कुल्ला कर लें।
हैंड सेनिटाइज़र का उपयोग
क्या आप हरबार हैंड सेनिटाइज़र का उपयोग करते हैं जब भी आप ट्रेन का हैंडल पकड़ते हैं विशेषकर तब जब आपसे पहले उसे पकड़ने वाला व्यक्ति पसीने से तरबतर हो? ऐसा करके आप खुद के लिए बेहतर की अपेक्षा नुकसान अधिक करते हैं।
हालांकि, हैंड सेनिटाइज़र हाथ साफ करने और रोगाणु दूर करने का एक सुविधाजनक तरीका है, लेकिन इन्हें उचित तरीके से इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है। अमेरिका के कैलिफोर्निया डेविस विश्वविद्यालय के द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार अधिकतर हैंड सेनिटाइज़रों में ट्रिकलोसन नामक एक रसायन होता है जो आसानी से त्वचा में अवशोषित हो जता है। रक्त प्रवाह में प्रवेश करते ही यह मांसपेशियों के समन्वय के लिए आवश्यक कोश संचार को बाधित करता है। अधिक समय तक इसे उपयोग करने से त्वचा शुष्क हो जाती है और बांझपन, जल्दी यौवन और हृदय का ठीक से कार्य न करना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
इसके बजाय: जब भी संभव हो, पानी और साबुन से हाथ धोने की पुरानी परीक्षण विधि इस्तेमाल करें।
कार्डियो के लिए वज़न कम करना
सुबह सैर करने या तैराकी करने से अच्छा कुछ भी नहीं है, खासकर जिम में वज़न उठाने की तुलना में। यह केवल तब कारगर सिद्ध होता है अगर आपका उद्येश्य केवल फिट रहना है। अगर आप वज़न कम करना चाहते है तो आपको विशिष्ट कार्डियो को रोक देना चाहिए।
शरीर एक ही प्रकार के व्यायाम का आदी हो जाता है और कैलोरी जलाना बंद कर देता है। सेलिब्रिटी ट्रेनर सत्यजीत चैरसिया के अनुसार कार्डियो के साथ कुछ वज़न प्रशिक्षण करना वज़न कम करने और मांसपेशीय मांस हासिल करने का सबसे तेज़ तरीका है। ’बारी-बारी से कार्डियो और शक्ति प्रशिक्षण करने से पूरे शरीर की कसरत के साथ-साथ हृदय की दर बनी रहती है। इससे पूरा शरीर चुस्त रहता है और एक ही प्रकार के रूटीन के लिए इस्तेमाल नहीं होता जबकि कैलोरी का जलना स्थिर हो जाता है।’
इसके बजाय: अगर आप घर से बाहर रहने वाले व्यक्ति है और जिम नहीं जाना चाहते हैं तो चैरसिया का सुझाव है कि आप एक बेंच और डंबल की एक जोड़ी लें। उसके अनुसार ’शुरुआती तौर पर ये आपके शरीर के ऊपरी हिस्से के लिए पर्याप्त काम करंेगे।’
केवल बोतलबंद पानी पीना
बोतलबंद पानी संसाधित पानी होता है और इसमें से खनिज निकाल लिए गए होते हैं। मुंबई जैसे उष्णकटिबंधीय मौसम में यह हाइड्रेशन का उद्येश्य पूरा करता है। लेकिन लंबे समय तक लेने में यह आपके शरीर में आवश्यक खनिजों जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम, सिलिका और सल्फेट की कमी पैछा कर सकता है। ये खनिज शरीर में अनेक कार्य करते हैं जैसे - उर्जा उत्पादन और कोशिका तथा मांसपेशियों की मरम्मत।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications