पीरियड्स के दौरान होने वाले परिर्वतन

By Aditi Pathak

पीरियड्स, हर फीमेल की जिंदगी में हर महीने के पांच सबसे खराब दिन होते है, जब उसे बुरी शारीरिक स्थिति में सभी चीजों को मैनेज करना होता है। इस दौरान उसके शरीर में कई परिवर्तन होते है जो आपकी बॉडी की ग्रोथ करते है और उसे परिपक्‍व कर देते है। पीरियड्स की शुरूआत, लड़कियों में 9 से 17 साल के बीच हो ही जाती है, अगर उसके बाद भी किसी लड़की को पीरियड्स शुरू न हों, तो समस्‍या वाली बात है। कई लड़कियां, पीरियड्स शुरू होने का बेसब्री से इंतजार करती हैं और कुछ को ये गंदी चीज लगती है। मासिक के दौरान पिंपल से पाएं मुक्‍ती

पीरियड्स, महिलाओं में प्रजनन क्षमता का विकास करने का माध्‍यम होता है। इसे होने का मतलब होता है कि महिला की प्रजनन क्षमता सही है, हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है लेकिन ये बेसिक होता है। इस दौरान शरीर में कई परिवर्तन होते है जिनके बारे में इस आर्टिकल में बताया जा रहा है।

जानिए पीरियड्स के दौरान होने वाले परिर्वतन :

1) नया लुक :

1) नया लुक :

पीरियड्स के दि‍नों में फीमेल की बॉडी में कुछ - कुछ चेंजेस आते है जिनकी वजह से उसके लुक में फर्क आ जाता है। इस दौरान पेट का उभार भी दिखने लगता है क्‍योंकि पीरियड्स के दिनों पेट का आकार तिकोन जैसा हो जाता है। पीरियड्स के दिनों में ही ब्रेस्‍ट का आकार बढ़ता है।

2) पिंपल :

2) पिंपल :

लड़कियों में यह समस्‍या बहुत सामान्‍य है। पीरियड्स के दिनों में हार्मोन्‍स में परिवर्तन आते है जिसकी वजह से पिंपल निकल आते है। मासिक धर्म के आखिरी सप्‍ताह में ऐसा अक्‍सर होता है। हालांकि ऐसा सभी के साथ हो, यह जरूरी नहीं है।

3) पीएमएस :

3) पीएमएस :

पीएमएस यानि प्रीमेन्‍सट्रुअल सिम्‍टम्‍स। आजकल की भागदौड़ भरी जिन्‍दगी में पीएमएस की समस्‍या होना आम बात है। यह पीरियड्स होने से पहले के लक्षण होते हैं :

- स्‍तनों का टाइट होना और दुखना।

- गुस्‍सा आना।

- दुखी रहना।

- डिप्रेशन में आना या तनाव लेना

- भूख ज्‍यादा लगना।

- पेट में दर्द होना।

यह सभी लक्षण पीरियड्स शुरू होने से पांच या सात दिन पहले से होते है। कई महिलाओं को इस दौरान मतली या उल्‍टी की शिकायत भी होती है। पीरियड्स के दिनों में होने वाले ये शारीरिक परिवर्तन वाकई में कष्‍टदायी होते है।

4) ऐंठन :

4) ऐंठन :

यंग वमून को पीरियड्स के दिनों में ऐंठन की समस्‍या बहुत ज्‍यादा रहती है। कोई भी यंग वूमन आपको पीरियड्स के दिनों में होने वाली ऐंठन के नाम से सिहर उठने वाली फीलिंग बता सकती है। इस तरह के शारीरिक परिवर्तन बदले नहीं जा सकते है और महिलाओं को ऐसी दिक्‍कतें हर महीने झेलनी ही पड़ती है।

5) कैसे स्‍वस्‍थ रहें :

5) कैसे स्‍वस्‍थ रहें :

पीरियड्स के दौरान हर महिला को अपने शरीर का विशेष ख्‍याल रखना चाहिये। अच्‍छी खुराक लेनी चाहिये, हरी पत्‍तेदार सब्‍जी, सूप, साग सब कुछ खाना चाहिये। एक्‍सरसाइज और योगा करना चाहिये। पीरियड्स का दर्द झेलने के लिए मेंटली प्रीपेयर हो जाना चाहिये, क्‍योंकि अगर आप नहीं झेलेगी तो कौन झेलेगा।


Story first published: Thursday, March 6, 2014, 13:03 [IST]
Desktop Bottom Promotion