Latest Updates
-
Bihari Style Crunchy Chivda Namkeen Recipe: चाय के साथ लें कुरकुरे स्नैक का मजा -
Telangana Formation Day: 2 जून को जन्मा था तेलंगाना; जानें कैसे संघर्षों से लिखी नए राज्य की कहानी -
IRCTC vs RailOne: टिकट बुक करने के लिए कौन सा ऐप है सुपरफास्ट? पीक ऑवर्स में भरोसेमंद कौन? -
कुछ मिनटों के लिए धरती पर छा जाएगा अंधेरा, जानें कब लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण? -
MBA ग्रेजुएट जो 25 लाख की नौकरी छोड़ बना कैब ड्राइवर, आज कमा रहा पहले से 4 गुना ज्यादा -
Kashmiri Style Dum Aloo Recipe: अब घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
इन 7 लोगों को गर्मियों में अंडों से करना चाहिए पूरी तरह परहेज, वरना बिगड़ सकती है तबीयत -
Global Parents Day पर हमारे पहले मेंटर, पहले लीडर और सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम माता-पिता को भेजें ये कोट्स -
World Milk Day पर अपनों को बताएं दूध पीने के 10 बेमिसाल फायदे, हड्डियां रहेंगी वज्र जैसी मजबूत -
Global Parents Day 2026 Wishes: आपकी मुस्कान मेरी खुशी...ग्लोबल पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश
चिकन पॉक्स के लक्षण
चिकन पॉक्स के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 15 से 16 दिन बाद नजर आते हैं। चिकन पॉक्स के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू की ही तरह होते हैं। इससे बीमारी को पहचानने में परेशानी होती है। इस कारण इसका इलाज और निदान करने में दिक्कत अथवा देरी हो सकती है। यदि आपके बच्चे को इनमें से कोई भी लक्षण नजर आएं, तो उसके चिकन पॉक्स से संक्रमित होने की आशंका है।
तेज बुखार : जैसे ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता वायरस को एक खतरे के रूप में पहचानती है, तो यह उसे बाहर निकालने के लिए तापमान में इजाफा करना शुरू कर देती है। कई बार तापमान 100.4 डिग्री फॉरेनहाइट या उससे अधिक भी जा सकता है। बुखार और फ्लू जैसे अन्य संक्रमण बच्चों के मुकाबले बड़ों में अधिक खतरनाक होते हैं। चिकन पॉक्स की रोकथाम और प्राकृतिक उपचार

सिरदर्द : चिकन पॉक्स सामने आने के एक से दो दिन बाद हल्का सिरदर्द होने की शिकायत होती है। इसके साथ ही फ्लू के अन्य लक्षण जैसे गले में सूजन, खांसी और छींकने जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं। जैसे-जैसे शरीर के अन्य हिस्से में वायरस का असर होने लगता है, ये परिस्थितियां और भयानक होने लगती हैं।
खुजली और लाल निशान : चिकन पॉक्स के शुरुआती लक्षणों में सिर दर्द, खांसी और गले में सूजन जैसी परेशानियां होती हैं। लेकिन, ये लक्षण बीमारी की वास्तविकता को समझने में भी परेशानी उत्पन्न कर सकते हैं। लेकिन, पूरे शरीर पर खुजली वाले लाल निशानों का सामने आना चिकन पॉक्स होने को पुख्ता करता है। खुजली सामान्य से लेकर काफी गंभीर हो सकती है। यह बुरी तरह परेशान करने वाली हो सकती है। जिन बच्चों को त्वचा संबंधी अन्य परेशानियां हैं, उन्हें खुजली की समस्या अधिक हो सकती है।
चिकन पॉक्स के निशान अथवा घाव : खुजली के 12-14 घंटे के भीतर लाल रेशेज, वृताकार धक्कों आवा निशानों में बदल जाते हैं। इन निशानों के ऊपर छाले बन जाते हैं, जो धीरे-धीरे घाव का रूप ले लेते हैं। आमतौर पर ये घाव सबसे पहले पेट, चेहरे, पीठ और छाती पर नजर आते हैं। इसके बाद ये बाजुओं, टांगों, स्कैल्प, जीभ और मुंह पर भी उभर आते हैं। घावों की संख्या हर व्यक्ति को अलग हो सकती है। लेकिन, आमतौर पर पूरे शरीर पर 200-250 निशान हो सकते हैं। वयस्कों में चिकन पॉक्स को रोकने के असरदार तरीके
भूख न लगना : कई बच्चे परेशान करने वाले रेशेज और बुखार के साथ पेट दर्द की भी शिकायत करते हैं। कमजोरी और मतली के कारण उनकी भूख भी कम हो जाती है। इससे उनका वजन भी घट सकता है।
थकान : चिकन पॉक्स के कारण थकान, मतली और भूख में कमी जैसी परेशानियां होती हैं, इसलिए कुल मिलाकर बच्चे को काफी थकान महसूस हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications