Latest Updates
-
Harela Wishes In Pahadi Or Hindi: 'जी रया, जागि रया' कहकर अपनों को दें हरेला पर्व की शुभकामनाएं -
रथ यात्रा में सबसे पहले राजा ही क्यों लगाते हैं झाड़ू? जानिए छेरा पहरा की परंपरा -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान?
चिकन पॉक्स के लक्षण
चिकन पॉक्स के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 15 से 16 दिन बाद नजर आते हैं। चिकन पॉक्स के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू की ही तरह होते हैं। इससे बीमारी को पहचानने में परेशानी होती है। इस कारण इसका इलाज और निदान करने में दिक्कत अथवा देरी हो सकती है। यदि आपके बच्चे को इनमें से कोई भी लक्षण नजर आएं, तो उसके चिकन पॉक्स से संक्रमित होने की आशंका है।
तेज बुखार : जैसे ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता वायरस को एक खतरे के रूप में पहचानती है, तो यह उसे बाहर निकालने के लिए तापमान में इजाफा करना शुरू कर देती है। कई बार तापमान 100.4 डिग्री फॉरेनहाइट या उससे अधिक भी जा सकता है। बुखार और फ्लू जैसे अन्य संक्रमण बच्चों के मुकाबले बड़ों में अधिक खतरनाक होते हैं। चिकन पॉक्स की रोकथाम और प्राकृतिक उपचार

सिरदर्द : चिकन पॉक्स सामने आने के एक से दो दिन बाद हल्का सिरदर्द होने की शिकायत होती है। इसके साथ ही फ्लू के अन्य लक्षण जैसे गले में सूजन, खांसी और छींकने जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं। जैसे-जैसे शरीर के अन्य हिस्से में वायरस का असर होने लगता है, ये परिस्थितियां और भयानक होने लगती हैं।
खुजली और लाल निशान : चिकन पॉक्स के शुरुआती लक्षणों में सिर दर्द, खांसी और गले में सूजन जैसी परेशानियां होती हैं। लेकिन, ये लक्षण बीमारी की वास्तविकता को समझने में भी परेशानी उत्पन्न कर सकते हैं। लेकिन, पूरे शरीर पर खुजली वाले लाल निशानों का सामने आना चिकन पॉक्स होने को पुख्ता करता है। खुजली सामान्य से लेकर काफी गंभीर हो सकती है। यह बुरी तरह परेशान करने वाली हो सकती है। जिन बच्चों को त्वचा संबंधी अन्य परेशानियां हैं, उन्हें खुजली की समस्या अधिक हो सकती है।
चिकन पॉक्स के निशान अथवा घाव : खुजली के 12-14 घंटे के भीतर लाल रेशेज, वृताकार धक्कों आवा निशानों में बदल जाते हैं। इन निशानों के ऊपर छाले बन जाते हैं, जो धीरे-धीरे घाव का रूप ले लेते हैं। आमतौर पर ये घाव सबसे पहले पेट, चेहरे, पीठ और छाती पर नजर आते हैं। इसके बाद ये बाजुओं, टांगों, स्कैल्प, जीभ और मुंह पर भी उभर आते हैं। घावों की संख्या हर व्यक्ति को अलग हो सकती है। लेकिन, आमतौर पर पूरे शरीर पर 200-250 निशान हो सकते हैं। वयस्कों में चिकन पॉक्स को रोकने के असरदार तरीके
भूख न लगना : कई बच्चे परेशान करने वाले रेशेज और बुखार के साथ पेट दर्द की भी शिकायत करते हैं। कमजोरी और मतली के कारण उनकी भूख भी कम हो जाती है। इससे उनका वजन भी घट सकता है।
थकान : चिकन पॉक्स के कारण थकान, मतली और भूख में कमी जैसी परेशानियां होती हैं, इसलिए कुल मिलाकर बच्चे को काफी थकान महसूस हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications