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World Organ Donation Day 2026: शरीर के कौन से अंग किए जा सकते हैं दान? समझें पूरा प्रोसेस और नियम
World Organ Donation Day 2026: हर साल 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस (World Organ Donation Day) मनाया जाता है। इस दिन लोगों को अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक किया जाता है, ताकि जरूरतमंद मरीजों तक समय पर अंग पहुंच सकें। कई गंभीर बीमारियों में अंग प्रत्यारोपण ही मरीज के लिए इलाज का महत्वपूर्ण विकल्प होता है, लेकिन जरूरत के मुकाबले उपलब्ध अंगों की संख्या सीमित है। ऐसे में, किसी व्यक्ति का अंगदान किसी दूसरे इंसान के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बन सकता है। हालांकि, अंगदान से जुड़ा फैसला लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि जीवित रहते हुए कौन से अंग दान किए जा सकते हैं, मृत्यु के बाद किन अंगों का दान संभव है और इसके लिए क्या मेडिकल व कानूनी प्रक्रिया होती है। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

ऑर्गन डोनेशन कितने तरीके से होता है?
अंगदान मुख्य रूप से दो तरह से किया जाता है- जीवित रहते हुए अंगदान और मृत्यु के बाद अंगदान। दोनों स्थितियों में डोनर की मेडिकल जांच और निर्धारित नियमों का पालन किया जाता है।
जीवित रहते हुए अंगदान
जीवित व्यक्ति कुछ परिस्थितियों में अपनी एक किडनी या लिवर का एक हिस्सा दान कर सकता है। स्वस्थ व्यक्ति एक किडनी के साथ भी सामान्य जीवन जी सकता है। वहीं, लिवर के कुछ हिस्सों में समय के साथ दोबारा बढ़ने की क्षमता होती है, इसलिए इसका एक हिस्सा ट्रांसप्लांट में इस्तेमाल किया जा सकता है।इसलिए जीवित रहते हुए आप इन अंगों को डोनेट कर सकते हैं।
मृत्यु के बाद अंगदान
मृत्यु के बाद भी कई अंगों और ऊतकों का दान किया जा सकता है। डॉक्टर जिस व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित कर देते हैं, उनका अंग दान किया जाता है।
मृतक डोनर से चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त होने पर हृदय, दोनों किडनी, लिवर, फेफड़े, अग्न्याशय और आंत जैसे अंग दान किए जा सकते हैं। इसके अलावा कॉर्निया, त्वचा, हृदय वाल्व, हड्डियां, टेंडन और कुछ अन्य ऊतकों का भी दान संभव है।
किन अंगों को कर सकते हैं डोनेट?
चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त होने पर कई अंगों और ऊतकों का ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
किडनी
लिवर
हृदय
फेफड़े
अग्न्याशय
आंत
कॉर्निया
त्वचा
हृदय वाल्व
हड्डियां
टेंडन और कुछ अन्य ऊतककौन कर सकता है अंगदान?
18 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकता है। अगर उम्र 18 साल से कम है, तो अंगदान के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति जरूरी होती है। मृत्यु के बाद अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले व्यक्ति का पहले मेडिकल चेकअप किया जाता है, ताकि ट्रांसप्लांट टीम यह पता लगा सके कि उसके कौन-कौन से अंग दान किए जा सकते हैं।
कौन नहीं कर सकता अंगदान?
हर व्यक्ति अंगदान नहीं कर सकता। कुछ गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए अंगदान संभव नहीं होता। उदाहरण के लिए, क्रॉनिक डिजीज जैसे कैंसर, एचआईवी, फेफड़ों या हृदय की गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति अंगदान नहीं कर सकता। किडनी दान की बात करें तो डायबिटीज, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोग किडनी दान नहीं कर सकते।
ऑर्गन डोनेशन के नियम
अंगदान के लिए डोनर का स्वस्थ होना सबसे जरूरी माना जाता है। जीवित रहते हुए अंगदान करने वाले व्यक्ति की मेडिकल जांच की जाती है। मधुमेह, किडनी या हृदय संबंधी बीमारी, कैंसर और एचआईवी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अंगदान से बाहर रखा जा सकता है। इसी तरह, ब्रेन डेड व्यक्ति के अंगों को प्रत्यारोपण के लिए इस्तेमाल करने से पहले भी उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की जाती है। अंगदान के लिए अंतिम फैसला डॉक्टर और ट्रांसप्लांट टीम व्यक्ति की मेडिकल रिपोर्ट और अंगों की स्थिति देखकर करती है।
कब किया जा सकता है ऑर्गन डोनेशन?
जन्म से लेकर 65 वर्ष की उम्र तक के ऐसे व्यक्ति, जिन्हें ब्रेन डेड घोषित किया जा चुका है, उनके अंग दान किए जा सकते हैं। ब्रेन डेथ की पुष्टि होने या व्यक्ति की मृत्यु के बाद अलग-अलग अंगों को कितने समय के भीतर ट्रांसप्लांट किया जाना चाहिए, इसकी जानकारी होना भी जरूरी है।
क्या अंगदान के लिए पहले से अपनी इच्छा दर्ज करा सकते हैं?
हां, व्यक्ति अपने जीवनकाल में अंग और ऊतक दान करने की इच्छा दर्ज करा सकता है। इसके लिए NOTTO के जरिए डोनर प्लेज की प्रक्रिया उपलब्ध है। हालांकि, केवल डोनर कार्ड या पहले से दर्ज इच्छा होने का मतलब यह नहीं है कि मृत्यु के बाद बिना किसी प्रक्रिया के अंग निकाल लिए जाएंगे। मृतक के मामले में कानून के अनुसार आवश्यक सहमति और मेडिकल प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति अंगदान का संकल्प लेता है, तो अपने परिवार के लोगों को भी अपनी इच्छा के बारे में बताना जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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