Latest Updates
-
Radha Ashtami 2026 Wishes: राधा रानी की कृपा...इन संदेशों के जरिए अपनों को दें राधा अष्टमी की शुभकामनाएं -
खाना खाने के बाद 10 मिनट वॉक करना क्यों है जरूरी? जानें इसके 5 जबरदस्त फायदे -
राधा अष्टमी का व्रत क्या दोपहर तक रखा जाता है? जानें राधा अष्टमी व्रत नियम, विधि और पारण का समय -
डायबिटीज में भी खा सकते हैं चावल, बस डॉक्टर की बताई इन 4 बातों का रखें ध्यान, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
सलमान खान से नागार्जुन तक...‘बिग बॉस’ से कितनी मोटी कमाई करते हैं ये होस्ट्स? फीस जानकर रह जाएंगे हैरान -
पाकिस्तान की ये 2 ब्यूटी क्रीम भारत में हुईं बैन, CDSCO ने जारी किया अलर्ट -
Pitru Paksha 2026: कब से शुरू होंगे पितृ पक्ष? जानें श्राद्ध की सारी तिथियां, तर्पण का महत्व और विधि -
Jyeshtha Gauri Pujan 2026: क्यों करते हैं गौरी पूजा? जानें गौराई माता को घर लाने का शुभ मुहूर्त और सही विधि -
पुरुषों की फर्टिलिटी पर असर डाल सकती हैं रोजमर्रा की ये 3 आदतें, फर्टिलिटी डॉक्टर ने दी वार्निंग -
दुनिया की पहली रोबोट-असिस्टेड सिरेमिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी, एक्सपर्ट्स ने बताए फायदे
Radha Ashtami Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से अपनों को दें राधा अष्टमी की शुभकामनाएं
Radha Ashtami 2026 Wishes in Sanskrit: राधा अष्टमी, जिसे राधा जन्माष्टमी भी कहा जाता है, राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व हर साल भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है। इस साल राधा अष्टमी का पावन त्योहार 19 सितंबर, शनिवार को है। इस दिन खासतौर पर वृंदावन, मथुरा और बरसाना में भव्य आयोजन होते हैं। मान्यता है कि राधा रानी भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त और प्रेम की प्रतीक हैं। राधा अष्टमी के दिन भक्त उनकी पूजा करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और उनकी जन्म कथा सुनते हैं। मंदिरों को सुंदर ढंग से सजाया जाता है और राधा-कृष्ण की झांकियां निकाली जाती हैं। कई लोग इस दिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना भी करते हैं। राधा अष्टमी के इस पावन अवसर पर आप अपने दोस्तों , रिश्तेदारों और प्रियजनों को संस्कृत में शुभकामना संदेश भेजकर इस पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं।

Radha Ashtami Wishes 2026 in Sanskrit (राधाष्टमी की संस्कृत में शुभकामनाएं)
1. राधा रस सुधा सिंधु, राधा सौभाग्य मंजरी राधा बृजांगना मुख्या राधई वा राध्यते मया।
2. वन्दे वृन्दावनानन्दां राधिकां परमेश्वरीम्।
गोपिकां परमां श्रेष्ठां ह्लादिनीं शक्तिरूपिणीम्॥
3. ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि।
तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
4. ॐ ह्रीं श्रीराधिकायै विद्महे गान्धर्विकायै धीमहि।
तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
5. नमस्त्रैलोक्यजननि प्रसीद करुणार्णवे।
ब्रह्मविष्ण्वादिभिर्देवैर्वन्द्यमान पदाम्बुजे॥
6, राधायै नमः नित्यं, राधिकायै नमो नमः।
मम जीवने सदा देवि, कृपां कुरु दयानिधे॥
7. राधाष्टम्यां शुभे दिने, श्रीराधायै नमो नमः।
सर्वेषां मंगलं भूयात्, प्रेमभक्तिश्च वर्धताम्॥
8. राधा-कृष्णौ नमस्यामि, प्रेमभक्तिप्रदायकौ।
तयोः कृपां सदा भूयात्, मम चित्ते निरन्तरम्॥
9. हे राधे करुणामूर्ते, कृष्णप्रेमैकदायिनि।
मयि कृपां सदा कुरु, भक्तिं देहि पदाम्बुजे॥
10. राधे त्वं मे गतिः नित्यं, राधे त्वं मे परायणम्।
राधे त्वं मे हृदि नित्यं, त्वमेव मम जीवनम्॥
11. राधा चरणयोर्भक्तिः, राधा नाम सदा मुखे।
राधा प्रेम हृदि नित्यं, एतदेव मम वाञ्छितम्॥
12. श्रीराधे तव नामैव, मम जीवनस्य भूषणम्।
तव कृपाकटाक्षेण, सफलं भवतु मे जीवनम्॥
13. राधे राधेति यो नित्यं, प्रेमपूर्वं जपेत् नरः।
तस्य जीवनमार्गेऽस्मिन्, सुखशान्तिः प्रवर्तते॥
14. राधा नाम परं पुण्यं, राधा नाम परं सुखम्।
राधा नाम परं प्रेम, राधा नाम नमोऽस्तु ते॥
15. वृन्दावनेश्वरी राधा, कृष्णप्रेमस्वरूपिणी।
तस्यै नित्यं नमस्यामि, भक्तिप्रेमप्रदायिनीम्॥
16. राधे राधे जपे नित्यं, प्रेम्णा कृष्णं स्मरेन्नरः।
तस्य हृदये सदा वासः, राधाकृष्णयोर्भवेत्॥
17. राधिका कृष्णवामाङ्गे, प्रेमरूपा विराजते।
तां नमामि जगन्मातः, भक्तानां हितकारिणीम्॥
18. राधा-कृष्णस्य यत्प्रेम, तदेव परमं धनम्।
तयोः स्मरणमात्रेण, पावनं भवति जीवनम्॥
19. श्रीराधे नमस्तुभ्यं, प्रेमभक्तिप्रदायिनि।
राधाष्टमी शुभा भूयात्, सर्वेषां मंगलप्रदा॥
20. जय जय श्रीराधे देवि, कृष्णप्रेमस्वरूपिणि।
राधाष्टमी महोत्सवे, भव भक्तानुकम्पिनी॥



Click it and Unblock the Notifications
