Oscars 2027: सिर्फ 90 लाख कमाने वाली ‘गोंधल’ ने 33 फिल्मों को पछाड़ा, बनी भारत की ऑफिशियल एंट्री

Oscars 2027: ऑस्कर 2027 के लिए भारत की तरफ से किस फिल्म को भेजा जाएगा, इसका फैसला हो चुका है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने 18 सितंबर को मराठी थ्रिलर फिल्म 'गोंधल' को देश की ऑफिशियल एंट्री चुना। संतोष डावखर के निर्देशन में बनी इस फिल्म का मुकाबला अलग-अलग भाषाओं की कुल 33 फिल्मों से था। खास बात यह है कि नवंबर 2025 में रिलीज हुई 'गोंधल' ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 90 लाख रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था, लेकिन फिल्म को फिल्म फेस्टिवल्स में पहचान मिली। अब यह 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। आइए जानते हैं कि आखिर इस फिल्म की कहानी क्या है और इसे ऑस्कर के लिए क्यों चुना गया -

Gondhal In Oscars 2027

ऑस्कर में पहुंचने वाली चौथी मराठी फिल्म बनी 'गोंधल'

मराठी सिनेमा के लिए 'गोंधल' का ऑस्कर तक पहुंचना एक खास उपलब्धि है। इससे पहले 'श्वास' (2005), 'हरिश्चंद्राची फैक्ट्री' (2009) और 'कोर्ट' (2015) भारत की ओर से ऑस्कर के लिए चुनी जा चुकी हैं। अब 11 साल बाद एक और मराठी फिल्म को यह मौका मिला है। हालांकि, भारत की ऑफिशियल एंट्री चुने जाने का मतलब अभी ऑस्कर नॉमिनेशन पक्का होना नहीं है। 'गोंधल' को आगे एकेडमी की शॉर्टलिस्ट और फिर नॉमिनेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

क्या है 'गोंधल' की कहानी?

संतोष डावखर की यह फिल्म महाराष्ट्र की पारंपरिक गोंधल रस्म को कहानी का आधार बनाती है। गोंधल एक लोक परंपरा है, जिसमें रात के समय पूजा-पाठ, संगीत, नृत्य और धार्मिक कथाओं के जरिए देवी-देवताओं का स्मरण किया जाता है। फिल्म इसी परंपरा के बीच एक नवविवाहित जोड़े की कहानी को आगे बढ़ाती है। कहानी की मुख्य किरदार सुमन शादी के बाद अपनी जिंदगी से खुश नहीं है और खुद को एक रिश्ते में फंसा हुआ महसूस करती है। इसी बीच उसका प्रेमी सरजेराव उसके लिए जुनूनी हो जाता है। सुमन इसी जुनून और गोंधल की रात होने वाली रस्म का इस्तेमाल अपनी योजना के लिए करती है। इसके बाद जो धार्मिक आयोजन सामान्य तरीके से शुरू होता है, वह धीरे-धीरे रिश्तों, धोखे और जानलेवा साजिश में बदल जाता है।

'गोंधल' ने 33 फिल्मों के बीच बनाई जगह

ऑस्कर के लिए भारत की तरफ से फिल्म चुनने की प्रक्रिया में इस बार कुल 33 फिल्में भेजी गई थीं। इनमें 14 हिंदी, 4 मराठी, 4 तेलुगु, 4 गुजराती और 3 तमिल फिल्में थीं। इसके अलावा मलयालम, कोन्याक और नेपाली भाषा की एक-एक फिल्म तथा एक साइलेंट फिल्म भी इस सूची में शामिल थी।
चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ 'गोंधल', 'अंग' और 'इक्कीस' अंतिम तीन फिल्मों में पहुंचीं। आखिर में जूरी ने संतोष डावखर की 'गोंधल' को 2027 ऑस्कर के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री के तौर पर चुना।

'धुरंधर' और 'हनुमान अंश' समेत ये फिल्में नहीं पहुंच सकीं आगे

ऑस्कर की इस दौड़ में 'गोंधल' के अलावा 'धुरंधर', 'धुरंधर: द रिवेंज', 'हनुमान अंश', 'मैं वापस आऊंगा', 'बॉर्डर 2', 'इक्कीस', '120 बहादुर' और 'पेड्डी' जैसी चर्चित फिल्में भी विचार के लिए भेजी गई थीं। इनमें से सभी फिल्में अंतिम चयन तक नहीं पहुंच सकीं। रिपोर्टों के मुताबिक 'धुरंधर' और 'हनुमान अंश' उन फिल्मों में शामिल थे जो 'गोंधल' के चयन के बाद ऑस्कर की इस प्रक्रिया से बाहर हो गईं।

बॉक्स ऑफिस पर कम कमाई, IMDb पर शानदार रेटिंग

'गोंधल' 14 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म को बड़े स्तर पर रिलीज नहीं किया गया था, जिसकी वजह से बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई ज्यादा नहीं रही। ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब 84 लाख रुपये नेट और लगभग 90 लाख रुपये ग्रॉस कलेक्शन किया।
लेकिन कम बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बावजूद फिल्म को दर्शकों की ऑनलाइन रेटिंग में अच्छा रिस्पॉन्स मिला। IMDb पर 'गोंधल' की रेटिंग 8.9/10 है और इसे 4.2 हजार से ज्यादा यूजर्स ने रेट किया है। अब भारत की ऑफिशियल ऑस्कर एंट्री बनने के बाद फिल्म को लेकर देशभर में फिर से चर्चा तेज हो गई है।

Story first published: Saturday, September 19, 2026, 16:36 [IST]
Desktop Bottom Promotion