Latest Updates
-
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने -
गर्मी में नहाने के बाद चेहरे पर क्या लगाएं? इन 4 चीजों को लगाने से दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
Apara Ekadashi 2026: क्या अपरा एकादशी वाले दिन बाल धो सकते हैं? व्रत से पहले जरूर जान लें ये नियम -
Coronavirus vs Hantavirus: दोनों में से कौन है ज्यादा खतरनाक? जानें लक्षण, बचाव और फैलने का तरीका -
गर्मियों में भी चाहिए कांच जैसा Korean Glow? डाइट में शामिल करें ये मैजिकल जूस; नोट करें रेसिपी -
Vat Savitri Vrat 2026: 16 या 17 मई, कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
प्राणायाम करने के स्वास्थ्य लाभ
प्राणायाम, प्राण और आयाम से मिलकर बना होता है। इसका शाब्दिक अर्थ होता है - शरीर में ऊर्जा लाने वाली शक्ति देना। प्राणायाम एक विधि है, यह एक साधना है जिसमें सांस को एक विशेष प्रकार से अंदर खींचा जाता है और बाहर छोड़ा जाता है। इसके करने से कई शारीरिक स्वास्थ्य लाभ होते है।
प्राणायाम करने के दौरान कई बातों का ध्यान भी रखना चाहिए। सूर्योदय के समय इसे करने से सबसे ज्यादा लाभ मिलता है और इसे सही प्रकार से करना चाहिए। आप चाहें तो प्राणायाम सीखने के लिए किसी योगा सेंटर या प्रोफेशनल ट्रेनर की मदद ले सकते हैं। प्राणायाम के स्वास्थ्य लाभ निम्म प्रकार हैं :

फेफड़े को लाभ
प्राणायाम करने के कई स्वास्थ्य लाभ होते है। इसका सबसे बड़ा स्वास्थ्य लाभ यह होता है कि इसे करने से फेफडों को आराम मिलता है। यह उन लोगों के लिए सबसे लाभदायक होता है जिन्हे अस्थमा या सांस सम्बंधी समस्या होती है।

वजन कम होता है
प्राणायाम करने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है और वजन घटाने में आराम मिलता है। अगर आप इसे नियमित रूप से करें तो आपको अपने वजन में फर्क अवश्य महसूस होगा।

डिटॉक्सीफिकेशन
प्राणायाम एक ऐसा तरीका होता है जिसके माध्यम से हम शरीर से कई विषैले तत्वों को बाहर निकाल सकते है। इसे नियमित रूप से करने से शरीर में डिटॉक्सीफिकेशन की प्रक्रिया होती है। यह सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी होता है।

ट्रीट डिप्रेशन
प्राणायाम करने से मानसिक रूप से दृढता आती है और व्यक्ति को डिप्रेशन की अवस्था से बाहर निकलने में आराम मिलता है। नियमित रूप से प्राणायाम करने से डिप्रेशन और तनाव में आराम मिलता है। आप पढ़ाई करने के बाद हुई थकान को भी प्राणायाम से दूर भगा सकते है।

नाक साफ रहती है
जिन लोगों को हर समय सर्दी और जुकाम की समस्या रहती है और उनकी नाक बहती रहती है, ऐसे ग्रसित लोगों को प्राणायाम अवश्य करना चाहिए, इससे उनकी नाक के रास्ते साफ रहते है और जुकाम आदि में भी आराम मिलता है।

इम्यून सिस्टम में मजबूती
क्या अपने अपने शरीर के इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग करने के कई उपाय कर चुके हैं। इसलिए, बेहतर होगा कि प्राणायाम करें। इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार आएगा।

पाचन क्रिया में आसानी
हमारे शरीर में पाचन सम्बंधी कई प्रकार की समस्याएं होती है, प्राणायाम करने से इन सभी समस्याओं में लाभ मिलता है। इसके लिए, प्राणायाम और विभिन्न प्रकार के योगा किए जा सकते है। पेट में गड़बड़ी होने पर भी प्राणायाम से लाभ मिलता है।

ह्दय स्वास्थ्य में सुधार
प्राणायाम जैसे - अनुलोम विलोम और भास्त्रिका आदि करने से ह्दय सम्बंधी समस्याओं में लाभ मिलता है और दिल अच्छी तरह कार्य करता है। इससे शरीर में ब्लड़ सर्कुलेशन भी अच्छी तरह होता है और शरीर में ब्लड़ के माध्यम से ऑक्सीजन भरपूर मात्रा में पहुंचेगी।

मानसिक एकाग्रता में सुधार
मानसिक एकाग्रता सुधारने के लिए, प्राणायाम सबसे अच्छा तरीका है। इसे करने से दिमाग तेज होता है, दिमागी एकाग्रता बढ़ाने के लिए प्राणायाम करना बेहतर होता है।

साइनिसस से लड़ने की शक्ति
अगर किसी भी व्यक्ति को साइनिसस की समस्या है तो उसे नियमित रूप से प्राणायाम करना चाहिए। इस बीमारी के इलाज के लिए भास्त्रिका नामक प्राणायाम योग सबसे अच्छा होता है। इसे घर पर आसानी से किया जा सकता है, लेकिन लाभ के लिए नियमित करना आवश्यक है।



Click it and Unblock the Notifications