नाइट शिफ्ट करने वालों के लिये हेल्‍थ टिप्‍स

By Shakeel Jamshedpuri

आज के इस वैश्वीकरण के युग में अलग—अलग शिफ्ट में काम करना आम बात है। एक देश दूसरे देश के संपर्क में रहने के लिए समय के अंतराल के आधार पर शिफ्ट का निर्धा​रण करते हैं। ऐसे में नाइट शिफ्ट भी सामान्य बात है। वैश्वीकरण से इतर कुछ ऐसे भी नियमित कर्मचारी होते हैं, जिन्हें वैश्वीकरण से कोई मतलब नहीं। बावजूद उन्हें अलग—अलग शिफ्ट का सामना करना पड़ता है। नर्स, कारखाने के कर्मचारी, सिक्युरिटी और हेल्थ वर्कर के साथ ऐसा ही होता है।

ऐेसे जॉब जिसमें शिफ्ट लगातार बदलती रहती है, उसमें आपको स्लिप डिसॉर्डर से जूझना पड़ता है। आप बचने की जितनी भी कोशिश कर लें पर ऐसे शिफ्ट का असर आपके स्वास्थ पर पड़ेगा ही। इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं, अगर आपमें से ज्यादातर लोग अजीब वर्किंग शिफ्ट के कारण अनुपस्थि​त रहते हैं या किसी तरह की दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।

नाइट शिफ्ट में काम करने वालों के लिये हेल्‍थ टिप्‍स

साथ ही आपको याददाश्त कम होने और किसी चीज पर ध्यान केंद्रित न कर पाने की समस्या से भी दो चार होना पड़ रहा होगा। ऐसे अजीब वर्किंग शिफ्ट से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है और आपको नहीं मालूम कि इससे कैसे निजात पाया जाए। आप में से कई ऐसे लोग होंगे जिनका शिफ्ट एक हफ्ते में ही बदल जाता होगा। ऐसे में शरीर को सामंजस्य बिठाने में परेशानी होती है। साथ ही आप में अल्सर, इंसुलिन रसिस्टेंस, दिल की बीमारी आदि की चपेट में आ सकते हैं। आइए हम आपको नाइट शिफ्ट सहित कुछ दूसरे अजीब तरह के शिफ्ट के लिए हेल्थ टिप्स दे रहे हैं। इससे आपको निश्चित रूप से फायदा होगा।

बॉडी क्लॉक में बदलाव करें

बॉडी क्लॉक में बदलाव करें

आमतौर पर शरीर रात में सोता है और दिन के समय जगा होता है। चूंकि अब आपकी नाइट शिफ्ट है तो आप नए समय के साथ शरीर का तालमेल बिठाएं। अगर आपको नींद भी आ रही है तो समय से पहले न सोएं और समय पर उठ जाएं। धीरे-धीरे शरीर नए समय के साथ तालमेल बिठा लेगा।

आहार में बदलाव

आहार में बदलाव

क्या आप नाइट शिफ्ट के दौरान रात में दो बार डिनर करते हैं? अगर हां तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। रात 8 बजे भोजन कर लें और फिर 12 बजे से 6 बजे के बीच में हल्का पौष्टिक भोजन लें। यह आपके शरीर के लिए सबसे अच्छा रहेगा।

स्टेडी रोटेशन

स्टेडी रोटेशन

आपका शरीर हर हफ्ते होने वाले बदलाव से ठीक तरह से तालमेल नहीं बिठा सकता है। इसलिए स्टेडी रोटेशन की कोशिश करें। यानी कि कुछ महीने बाद ही अपना शिफ्ट बदलें। इससे आपके शरीर को रोटेशन साइकिल के साथ तालमेल बिठाने का समय मिल जाएगा। स्टेडी रोटेशन के जरिए आपके शरीर को खाने, सोने और काम करने का ठीक-ठीक समय मिल जाएगा। इससे आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी।

एनर्जी ड्रिंक्स का न करें सेवन

एनर्जी ड्रिंक्स का न करें सेवन

एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में कैफीन पाया जाता है। इससे आप रात में लंबे समय तक चुस्त रह सकते हैं। निश्चित रूप से नाइट शिफ्ट में आपको इससे मदद मिलेगी। पर बहुत ज्यादा कैफीना लेना आपके स्वास्थ के लिए नुकसानदायक होता है। एनर्जी ड्रिंक्स के बजाय आप चाय या काफी का सेवन करें। नींद न आए इसके लिए आप ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। अपने नाइट शिफ्ट के दौरान हाइड्रेटेड रहें।

स्नैक का न करें सेवन

स्नैक का न करें सेवन

हो सकता है नाइट शिफ्ट के दौरान आप गुडी सहित कई तरह के जंक फूड खाते होंगे। हो सकता है आप जागने के लिए चिप्स, तली हुई चीजें और दूसरे अनहेल्थी फूड का सेवन करते होंगे। आपको अपने शिफ्ट के दौरान इनसे बचना चाहिए। एक तो आपका शरीर इसे पचा नहीं पाएगा और दूसरा यह पूरी तरह से अनहेल्थी होता है। इसकी जगह आप कुछ फलों और नट्स का सेवन करें जो पौष्टिक और हेल्थी होता है।

काम करने की मुद्रा

काम करने की मुद्रा

ज्यादातर लोग इसे हल्के में लेते हैं, पर काम करने की मुद्रा अच्छे स्वास्थ के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस बात को सुनिश्चित करें कि आपका आंख हर घंटे कम से कम पांच मिनट तक कंप्यूटर स्क्रीन से दूर रहे। सीधे होकर बैठें और शरीर के पिछले हिस्से को आरामदायक बनाएं। अगर संभव हो तो हर घंटे थोड़ा टहलें। इससे आपके शरीर की थोड़ी एक्सरसाइज भी हो जाएगी। आप काम के दौरान बैठने के लिए मसनद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपके शरीर के पिछले​ हिस्से को काफी आराम पहुंचेगा।


Story first published: Wednesday, February 5, 2014, 17:00 [IST]
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