Latest Updates
-
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा
जिगर रोग के उपचार के लिए घरेलू उपाय
हमारा जिगर शर्करा, वसा एवं आयरन के चयापचय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह अंग पित्तरस को उत्पन्न करके शरीर में चरबी को घटाता है। जिगर प्रोटीन तथा रक्त के थक्कों के उत्पादन में भी मदद करता है। जिगर की बीमारी के लक्षणों में थकान, कमजोरी, वजन का घटाना, मतली, उल्टी तथा पीलिया शामिल हैं। अगर जिगर के 75% से अधिक ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाएं तो इससे जिगर की कार्यशीलता प्रभावित होती हैं। स्वस्थ्य लीवर के लिए खाद्य पदार्थ
जिगर बड़ी आसानी से अपनी क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को पुनर्जीवित कर सकता है। अगर जिगर की 75% से अधिक कोशिकाओं का नाश हो जाएं तो फिर वह शरीर की जरूरतों को पूरा करने में असक्षम हो जाता है। कुछ घरेलू उपायों तथा दवाइयों द्वारा जिगर की बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। परंतु, लिवर फेल हो जाने की स्थिति में लिवर ट्रान्सप्लांट का सहारा लेना पड़ सकता है।

1 मिल्क थीस्ल
यह जड़ी-बूटी जिगर रोग की कई बीमारियों के लिए उपयोगी है। कुछ प्रमाणों के अनुसार, यह जड़ी-बूटी वायरल हैपेटाइटिस, सिरोसिस, मद्यसार-संबंधी हैपेटाइटिस, मशरूम तथा रसायनों के विषैलापन को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है। इस जड़ी-बूटी को 900 मिलीग्राम की मात्रा में दिन में दो बार भोजन से पहले लें।

2 सेब का सिरका
सेब का सिरका, जिगर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। भोजन से पहले सेब के सिरके को पीने से शरीर की चरबी घटाती है। एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं। अब इस मिश्रण में एक चम्मच शहद मिलाएं। अतः इस मिश्रण को दिन में तीन बार पिएं।

3 कुकरौंधा की जड़ की चाय
आपको बाज़ार में कुकरौंधा के जड़ का पाउडर बड़ी आसानी से मिल जाएगा। इस पाउडर से बनी चाय के सेवन से जिगर की कार्यशीलता में सुधार होता है। अधिक लाभ पाने के लिए इस चाय को दिन में दो बार पिएं। आप चाहें तो जड़ को पानी में उबाल कर, पानी को छान कर पी सकते हैं।

4 अमला
यह विटामिन सी के सबसे संपन्न स्रोतों में से एक है और इसका सेवन लिवर की कार्यशीलता को बनाए रखता है। अध्ययनों ने साबित किया है कि अमला में जिगर को सुरक्षित रखने वाले तत्व मौजूद हैं। जिगर की सेहत के लिए आपको दिन में 4-5 कच्चे अमला खाने चाहिए।

5 मुलेठी
यह मोटापे से परेशान लोगों के लिए एक शानदार उपाय है। आयुर्वेदिक औषधियों में मुलेठी का उपयोग जिगर की बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। मुलेठी की जड़ का पाउडर बनाएं! अब इस पाउडर को उबलते हुए पानी में ड़ालें। इसे कुछ मिनटों के लिए रहने दें तथा ठंड़ा होने पर छान लें। इस चाय रुपी पानी को दिन में एक या दो बार पिएं।

6 हल्दी
हल्दी एक एंटीऑक्सीडेंट दवा के रूप में कार्य करती है तथा इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण काफी हद तक जिगर के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं। हल्दी की रोगनिरोधन क्षमता हैपेटाइटिस बी व सी का कारण बनें वाले वायरस को बढ़ने से रोकती है। अपने व्यंजनों में हल्दी का इस्तेमाल करें। रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। हर रोज़ एक चम्मच शहद में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर चटें।

7 अलसी के बीज
जिगर, रक्त में मौजूद अनचाहे हार्मोन को हटाता है तथा यह जिगर के तनाव का कारण है। अलसी के बीजों में मौजूद पाय्तोकोनस्टिट्यूएंट रक्त में अनचाहे हार्मोन को बढ़ने से रोकता है तथा इस तरह जिगर के तनाव को घटाता है।

8 पपीता
हर रोज़ दो चम्मच पपीता के रस में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं। इस बीमारी से पूरी तरह निजात पाने के लिए इस मिश्रण का सेवन तीन से चार सप्ताहों के लिए करें।

9 पालक तथा गाजर का रस
यह घरेलू उपाय लीवर सिरोसिस के उपचार में काफी लाभदायक है। आधे गिलास पालक के रस में आधा गिलास गाजर का रस मिलाएं। अब इस प्राकृतिक रस को रोजाना पिएं।

10 शराब से दूर रहें
अगर आप अपने जिगर को सेहतमंद रखना चाहते हैं तो शराब से दूर रहें। शराब पीने से आपका लिवर खराब हो सकता है।

11 रुचिरा व अखरोट
अगर आप अपने जिगर को बीमारियों के आक्रमण से बचाना चाहते हैं तो अपने आहार में रुचिरा व अखरोट को शामिल करें। रुचिरा व अखरोट में मौजूद ग्लुटथायन, जिगर में जमा हुए विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

12 सेब तथा हरी सब्जियां
हरी सब्जियां पित्त के प्रवाह को बढ़ाती हैं तथा सेब में मौजूद पेक्टिन पाचन तंत्र में बसे विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलता है। इस तरह, ये दोनों जिगर की रक्षा करते हैं।

13 अधिक पानी पिएं
पानी, शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलता है, इसलिए राजाना खूब पानी पिएं। अपने जिगर को स्वस्थ तथा विषाक्त पदार्थों से मुक्ति पाने के लिए प्रतिदिन 10-12 गिलास पानी के पिएं।

14 करसत करें
नियमित रुप से कसरत करने से व्यक्ति का पाचन तंत्र सही ठंग से काम करता है तथा यह वजन घटाना में भी मदद करता है। कसरत करने से पसीना आता है तथा त्वचा के माध्यम से विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं।

15 ग्रीन टी
यह जिगर की बीमारियों के लिए एक शानदार उपाय है। ग्रीन टी में उच्च मात्रा में कैटीकाइन होता है जो जिगर की कार्यशीलता में मदद करता है। अपने जिगर को सुरक्षित रखने के लिए हर रोज 3-4 कप ग्रीन टी के पिएं।



Click it and Unblock the Notifications