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रैशेज फ्री पीरियड्स के लिए आजमाएं ये टिप्स
हर फीमेल के लिए पीरियड्स का सबसे खास और मुश्किल भरा होता है। पीएमएस, हैवी ब्लीडिंग, क्लॉटिंग के बाद उसे कई बार रैशेज की समस्या से भी जूझना पड़ता है। इन दिनों फीमेल को पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है जिसके चलते वह सामान्य दिनचर्या में नहीं रहती है और उन्हे कई दिक्कतें होती है। इन दिक्कतों के चलते वह कुछ बातों पर ध्यान नहीं देती और बाद में उन्ही कारणों से रैशेज जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
रैशेज पड़ने से खुजली होती है, अगर खुजला दिया जाएं तो खाल फटने लगती है और वहां से खून निकलने लगता है, ऐसे में बेहतर होता है कि आप अपने पीरियड्स के दिनों, उन हिस्सों का खास ख्याल रखें और रैशज पड़ने की समस्या से निजात पाएं। कई बार कसी पैंटी आदि पहनने से भी रैशेज हो जाते हैं, इसलिए हमेशा सॉफ्ट फैब्रिक के अंडरगारमेंट पहनें।

महिलाओं को पीरियड्स सिर्फ महीने में एक बार पांच दिनों के लिए होते हैं लेकिन अगर उन्हे रैशेज पड़ जाएं तो पूरे महीने की समस्या हो जाती है। इसलिए निम्म टिप्स को ध्यान में रखें और रैशेज की समस्या को दूर करें : -
1) नियमित रूप से सफाई करें : पीरियड के दिनों में रैशेज होने का सबसे बड़ा कारण, पर्सनल पार्ट की प्रॉपर सफाई न करना होता है। फीमेल को इन खास दिनों में नहाते समय सही तरीके से सफाई करनी चाहिए, यहां तक की पेशाब जाने के बाद हर बार पानी से धो लेना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया न पनप पाएं। हाइजिन का पूरा ध्यान रखें, इससे रैशेज पड़ने की समस्या दूर हो जाएगी।
2) पैड बदलती रहें : पीरियड्स के दिनों में पैड या कपड़ा बदलने में कोताही न बरतें। पहले, दूसरे व तीसरे दिन हर 6 घंटे में पैड को चेंज कर लें, इससे किसी भी प्रकार का इंफेक्शन नहीं होगा और रैशेज भी नहीं पड़ेगें। चौथे व पांचवे दिन 8 से 9 घंटे पर पैड बदलें।
3) एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें : रैशेज को दूर करने के लिए आजकल मार्केट में कई प्रकार की एंटीसेप्टिक क्रीम आती हैं। इन क्रीम को लगाने से पीरियड्स के दौरान रैशेज से बचा जा सकता है। जब भी पैड बदलें तो इन क्रीम का इस्तेमाल करें। पर याद रहें, इस तरह की क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें ताकि आपके पर्सनल पार्ट में किसी प्रकार का इंफेक्शन न हों। अगर इस क्रीम को लगाने के बाद आपको जलन या ज्यादा खुजली हो, तो उसे तुंरत धुल लें।
4) अच्छा सैनेटरी यूज करें : पिछले समय के मुकाबले आज की महिलाएं ज्यादा काम करती हैं और उनकी लाइफ ज्यादा व्यस्त है। ऐसे में वह पीरियड्स के दिनों में भी रेस्ट नहीं लेती हैं। इसलिए महिलाओं को हमेशा अच्छे सैनेटरी पैड का यूज करना चाहिए, जो ब्लीडिंग को ऑर्ब्जव कर सकें और ज्यादा लम्बे समय तक चलें, इससे ब्लड़ फैलेगा नहीं और रैशेज पड़ने चांस कम होगें। पीरियड्स के दौरान नैपकिन या सस्ते पैड का इस्तेमाल न करें। घटिया क्वालिटी के पैड इस्तेमाल करने से बार - बार चलने से त्वचा छिल जाती है और रैशेज पड़ जाते हैं।
5) पाउडर लगा लें : पीरियड्स के दिनों में जब भी आप सैनेटरी पैड को चेंज करें तो पहले अपने पर्सनल पार्ट को वॉश कर लें, पोंछ लें और उसके बाद पाउडर लगा लें। इससे वेजिना एरिया ड्राई हो जाएगा और रैशेज नहीं पड़ेगे। अगर आपको अक्सर रैशेज की शिकायत होती है तो एंटीसेप्टिक पाउडर का इस्तेमाल करें। आप चाहें तो एंटीसेप्टिक क्रीम या जैल का इस्तेमाल भी कर सकती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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