Latest Updates
-
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट
जानें, हर्निया के मुख्य कारण क्या हैं?
हर्निया होने के कई कारण हैं। इसके पहले आइए जानें कि हर्निया क्या है? हर्निया तब होता है जब शरीर की गुहा में स्थित उस भाग बाहर आ जाते हैं जहाँ आम तौर पर वे होते हैं।
ये भाग विशेष रूप से आंत या पेट के भाग या फैटी टिशू होते हैं जो एक पतली झिल्ली द्वारा घिरे होते हैं जो स्वाभाविक रूप से गुहा के अंदर होती है।
हर्निया शब्द का उपयोग शरीर के निचले भाग के हर्निया के लिए किया जाता है। सबसे अधिक प्रचलित पेट का हर्निया है। इस प्रकार के हर्निया में आंत का एक भाग पेट की दीवार की ओर निकल कर आगे आ जाता है।
हर्निया को दिया जाने वाला नाम इस बात पर निर्भर करता है कि यह शरीर के किस भाग में होता है। हर्निया होने के कई कारण हैं।

मोटापा हर्निया का एक मुख्य कारण है। हर्निया के अन्य कारणों में मांसपेशियों के उतकों का कमज़ोर हो जाना, रक्त प्रवाह उचित न होना तथा कसरत न करना आदि शामिल हैं। अधिक वज़न के कारण मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है तथा यह हर्निया का मुख्य कारण है।

बहुत भारी वज़न उठाने से भी हर्निया की समस्या हो सकती है। वे लोग जो भारी वस्तु उठाते हैं उन्हें शरीर की यांत्रिकी की अच्छी जानकारी होना आवश्यक है तथा उन्हें उचित सहारा देने वाली वस्तुएं पहननी चाहिए ताकि अंदर की कमज़ोर मांसपेशियों पर दबाव न पड़े। यदि वज़न उठाते समय व्यक्ति के फेफड़ों से हवा बाहर नहीं निकली तो यह पेट को बलपूर्वक ग्रासनलिका में डाल देती है।

कुछ लोगों में यह समस्या जन्मजात होती है। हमेशा सर्दी खांसी रहना, पेट में अचानक जकड़न होना, बहुत अधिक कसे हुए कपड़े पहनना तथा शरीर के गलत पॉस्चर (मुद्रा) के कारण यह समस्या हो सकती है।

फैट का बहुत अधिक बढ़ना या कम होना, ऐसी कसरत जिसके कारण पेट पर दबाव पड़े, मातृत्व, कब्ज़ के कारण मल त्याग करते समय जोर लगाने की आवश्यकता पड़ना, प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ जाने के कारण मूत्र त्याग करते समय परेशानी होना आदि के कारण भी हर्निया हो सकता है।
क्योंकि पेट की दीवार कमज़ोर होती है अत: पेट पर तनाव आने से हर्निया की समस्या हो सकती है। कई लोगों को पेट में दबाव बनने के कारण तथा कई लोगों में पेट में पहले से ही उपस्थित खराबी या इन दोनों के कारण हर्निया की समस्या हो सकती है।
तुलना करें और खरीदें उत्तम स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
