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वायु प्रदूषण से बड़ी उम्र की महिलाओं को डिमेंशिया का खतरा
हाल ही में एक अध्ययन में यह पाया गया है कि बढ़ती उम्र की महिलाओं को प्रदूषण की वजह से डिमेंशिया, अल्जाइमर रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
हाल ही में एक अध्ययन में यह पाया गया है कि बढ़ती उम्र की महिलाओं को प्रदूषण की वजह से डिमेंशिया, अल्जाइमर रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
इस अध्ययन में यह भी निष्कर्ष निकाला गया कि पार्टीकुलेटेड मैटर (पीएम 2.5), ढ़लती उम्र वाली महिलाओं के दिमाग को क्षीण बना देती हैं जो उन इलाकों में रहती हैं।
अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के मानकों के अनुसार, संयंत्रों वाले स्थानों की हवा, 81 प्रतिशत ज्यादा प्रदूषित होती है।

ऐसे इलाकों में रहने वाली महिलाओं को 92 प्रतिशत ज्यरादा समस्याएं होती हैं। इन समस्याओं में भूलने की बीमारी सबसे प्रमुख है।
अध्ययन से सामने आया है कि प्रदूषित कण, वायु के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और नाक के जरिए से ब्रेन के हिस्सों तक पहुँच जाते हैं। इससे ब्रेन की क्रिया पर प्रभाव पड़ता है साथ ही इसकी इंफ्लामेंट्री रिस्पॉन्स पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

जिन महिलाओं में APOE4 जीन पाया जाता है उनमें अल्जाइमर होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। जबकि आम लोगों में सिर्फ इसके होने का 21 प्रतिशत चांस ही रहता है।
यूएससी के प्रोफेसर जिय-चियुआन ने बढ़ती उम्र के महिलाओं पर वायु प्रदूषण के असर को आम आदमियों से तुलना करते हुए व्यक्त किया।

अध्ययन के लिए, इस टीम ने 65 से 79 वर्ष की महिलाओं को लिया जिनकी संख्या 3,647 थी। इन पर कई तरीके से अध्ययन किया गया और उस प्रयोग में इन निष्कर्षों को दिया गया। इन महिलाओं में APOE4 जीन वाली महिलाएं भी शामिल थी। इन महिलाओं पर 15 हफ्ते तक प्रयोग चला था।
आपको बता दें कि इस अध्ययन को चूहों पर भी किया गया था जिसमें भी कुछ इससे मिलते-जुलते परिणाम ही सामने आये थे।
बाद में, बुजुर्ग महिलाओं में इसके परिणाम और निष्कर्ष चौंकाने वाले थे क्योंकि इससे पूर्व ब्रेन की क्रिया पर इसके प्रभाव के बारे में बहुत ज्यादा कार्य नहीं किया गया था।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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