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ALERT... हमेशा के लिये तौबा कर लें इन कैंसर पहुंचाने वाले फूड से
बेंजामिन फ्रेंक्लिन जो एक प्रसिद्द लेखक, दार्शनिक और वैज्ञानिक थे ने कहा था, "बचाव उपचार से ज़्यादा अच्छा होता है", किसी भी बिमारी के लिए बचाव ज्यादा ज़रूरी है नाकि बाद में उसके लिए अफसोस करना।
आजकल कैंसर काफी जानलेवा बिमारी के तौर पर उभर कर सामने आया है, और हमें इसके लिए सजग रहना चाहिए। खाना एक ऐसी चीज़ है जिसपर ध्यान रखकर आप कैंसर या किसी भी बिमारी से बच सकते हैं।

खाने के तरीके में कुछ बदलाव कर आप इस बिमारी को अपने से दूर रख सकते हैं। इस आर्टिकल में हमने कैंसर उत्पन्न करने वाले खाने के बारे में बताया है जिन्हें हमें नहीं खाना चाहिए।

ज़्यादा नमकीन खाना:
ज़्यादा नमकीन खाने से पेट के अन्दर की लाइन में सूजन आ सकती है और यहाँ पर कैंसर वाले ट्यूमर बन सकते हैं। स्वास्थ्या विभाग की सलाह के अनुसार हमारे खाने में एक दिन में 6 ग्राम से ज़्यादा नमक नहीं होना चाहिए। इसलिए अगर आप अपने खाने से नमक कम करते हैं तो आप कैंसर के रिस्क को भी कम कर रहे हैं।

कार्बोनेटेड पेय पदार्थ:
यह कैंसर का प्रमुख कारण हो सकता है। कार्बोनेटेड पेय पदार्थ में मौजूद जानलेवा तत्व जैसे केमिकल, डाई, हाई फ्रुक्टोस कॉर्न सिरप, इसे हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक बनाता है। यह ना तो सिर्फ शरीर के पोषक तत्वों को सोखते हैं, पर इनमें बिलकुल भी पोषण नहीं होता, जो हमारे तंत्र को कमज़ोर बनाता है और कैंसर होने के आसाढ़ बनते हैं।

डिब्बाबंद खाना:
डिब्बाबंद खाना सही उपाय लग सकता है, पर सच्चाई में यह कैंसरकारी हो सकता है। आपको पता है कैसे? अगर आपको लगता है कि यह कैंसरकारी प्रिसरवेटिव के कारण होते हैं तो आप गलत हैं। सबसे ज़्यादा खतरनाक लाइनिंग मटेरियल है जो इन कैन को बनाती हैं जैसे बिस्फेनोल-ए या बीपीए।
शोध बताते हैं कि बीपीए से जीन की संरचना में बदलाव आ जाता है जिससे कैंसर हो सकता है। अगर कैन में अम्लीय वस्तु है, तो वह लाइनिंग को आसानी से खुरच देती है जिससे खाद्य पदार्थ में बीपीए मिल जाता है और यह बहुत खतरनाक हो सकता है। आप डिब्बाबंद खाना न लेकर ताज़ा खाना खाएं जो काफी भरोसेमंद होती हैं।

अप्राकृतिक मिठास वाला खाना:
हम सबको यह ग़लतफ़हमी होती है कि अप्राकृतिक मिठास वाला खाना रेगुलर शुगर वाले खाने की तरह सही होता है। यह गलत है। यह स्वीटनर काफी रिफाइंड होते हैं जिससे हमारे तंत्र में शुगर लेवल बढ़ सकता है। यह कैंसर के सेल को जन्म लेने के लिए बढ़ावा देता है। कुछ अप्राकृतिक स्वीटनर जो ज़्यादा इस्तमाल किये जाते हैं वह हैं सैकेरीन, एसपारटेम, साईक्लमेट. सैकेरीन से पेट का कैंसर हो सकता है और एसपारटेम से ब्रेन ट्यूमर हो सकता है।

मैदा:
मैदा गहुँ का परिवर्तत उत्पाद है। इसे क्लोरीन गैस की मदद से परिवर्तित किया जाता है जिससे यह उजले रंग का हो जाता है। इससे डायबिटीज होने के ज़्यादा चांस होते हैं क्यूंकि इसके काफी मात्रा में ग्लायकेमीक वैल्यू होता है और इससे कैंसर के सेल में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

ज़्यादा शराब का सेवन:
शोध से पता चलता है कि ज़्यादा शराब पीनी और कैंसर सेल के बनने में गहरा सम्बन्ध है। ज़्यादा शराब पीने से मुंह का कैंसर, लीवर कैंसर, स्तन कैंसर, बोवेल कैंसर और थ्रोट कैंसर हो सकता है।
कैंसर रिसर्च यूके और अमेरिकन कैंसर सोसाइटी पुरुष को दो ड्रिंक और महिलाओं को एक ड्रिंक से ज़्यादा की सलाह नहीं देता।
इसलिए कुछ खाने को ना खाकर और अपने खाने में कुछ बदलाव कर आप आसानी से कैंसर जैसे जानलेवा बिमारी से बच सकते हैं।



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