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पैसों का स्ट्रेस बढ़ा सकता है आपका माइग्रेन- स्टडी
फाइनेंसियल प्रॉब्लम के कारण पैदा होने वाला तनाव एक विशेष जीन वाले लोगों में माइग्रेन के विकास के जोखिम को बढ़ा सकता है। यह बात एक हालिया अध्ययन में सामने आई है।
आपको बता दें कि माइग्रेन एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिससे दुनियाभर में लगभग एक अरब लोग प्रभावित हैं।
हंगरी के सेमीमेलवीस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए क्लॉक जीन के दो प्रकारों के लिए 2394 मरीजों को लिया और यह पता लगाया कि यह लोग माइग्रेन के साथ कैसे जुड़े हुए हैं।

क्लॉक जीन स्लीप-वेक साइकिल से जुड़ा एक जीन है, जिसे सर्कैडियन रीदम के रूप में भी जाना जाता है।
यह माइग्रेन का कारण बनता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, क्लॉक जीन शरीर के कई रीदम पैटर्न को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें शरीर का टेम्प्रेचर या कोर्टिसोल का स्तर शामिल है।
अध्ययन के दौरान, शोधकर्ताओं ने पाया कि जीन और माइग्रेन के बीच कोई सीधा संबंध नहीं था। लेकिन जब इन लोगों को किसी तरह का तनाव खासकर वित्तीय तनाव था, तो इनमें सिरदर्द जैसी माइग्रेन की समस्या लगभग 20 फीसदी अधिक पाई गई।

टीम ने क्लॉक जीन के भीतर फंक्शनल सिंगल न्यूक्लियोटाइड पॉलीमॉर्फिज़्म पर विचार किया, जो यह बताता है कि जीन से कितना प्रोटीन लिया गया है। चूंकि यह प्रोटीन बॉडी क्लॉक मशीनों को नियंत्रित करता है इसलिए इस तरह के वेरिएंट उन प्रक्रियाओं को खराब कर सकते हैं, जो तनाव के दौरान माइग्रेन से बचा सकती हैं।
हालांकि यह अध्ययन यह नहीं दिखाता है कि माइग्रेन का कारण क्या होता है लेकिन यह दिखाता है कि स्ट्रेस और जीन दोनों से इसका खतरा होता है।
बुडापेस्ट में सेमीमेलवीस यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डैनियल बक्ष्सा के अनुसार, 'हम यह कह सकते हैं कि फाइनेंसियल प्रॉब्लम से पैदा होने वाला तनाव ऐसे लोगों में माइग्रेन का कारण बन सकता है, जो लोग एक विशेष जीन संस्करण वाले हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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