अलर्ट! दांतों में फिलिंग करवाई है तो तुरंत हटाइए वरना सेहत पर पड़ सकता है भारी असर

इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कई सारे फिलिंग के बारे में बता रहे है कि दांतों की फिलिंग कितनी तरीकों की होती है। और इन फिलिंग में किस किस तरह के मेटेरियल यूज में लिया जाता है।

क्‍या आपने कभी सोचा है कि क्‍यों लोग अपने मुंह के अंदर फीलिंग करवाते है? क्‍योंकि जब दांत अंदर से खोखले हो जाते है तो फिलिंग करके खोखले हो चुके है दांतों को बचाता है। और उन्‍हें सामान्‍य तरह से काम करने की स्थिति में वापस लाता है।

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इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कई सारे फिलिंग के बारे में बता रहे है कि दांतों की फिलिंग कितनी तरीकों की होती है। और इन फिलिंग में किस किस तरह के मेटेरियल यूज में लिया जाता है।

आइए पढ़ते है इस बारे में -

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  • ज्‍यादातर डेंटिस्‍ट कई सालों से दांतों की फिलिंग के लिए सिल्‍वर मेटेरियल का यूज करते आ रहे है।
  • दांतों में यूज किए जाने वाले यह मेटेरियल की लागत वैसे कम होती है लेकिन यह कभी कभी दांतों के लिए भारी पड़ सकता है।
  • दांतों के फिलिंग में सिल्‍वर, कॉपर और मर्करी का मिश्रण से तैयार होता है।
  • इस मिश्रण में सबसे ज्‍यादा मर्करी का यूज किया जाता है क्‍योंकि ये बहुत सॉफ्ट होता जब इसे दांतों में डाला जाता है। और ये बाद में सख्‍त हो जाता है। जिसकी वजह से आगे चलकर दांतों को नुकसान हो सकता है।
  • शायद आपने पारा की विषाक्तता के बारे में सुना होगा, आपको इसके बारे में तब मालूम चलता है जब मर्करी के वजह से शरीर में समस्‍याएं होने लगी है।
  • और ऐसा तब होता है जब पारा आपके मुंह के अंदर जाता है।
  • अगर आपको ऐसी समस्‍याएं हो रही है तो जितनी जल्‍दी हो सकें, अपने डॉक्‍टर से मिले।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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