पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्‍ट कैंसर, ज‍ानिए क्‍या है कारण?

आज इस आर्टिकल के जरिए हम बता रहे है किन कारणों की वजह से पुरुषों में भी ब्रेस्‍ट कैंसर हो सकता है। इन कारणों को जान आप भी समय रहते अवेयर हो सकते हैं।

क्‍या पुरुषों को ब्रेस्‍ट कैंसर हो सकता है? अगर आप भी इस सवाल का जवाब जानना चाहते है तो इसका जवाब हां में हैं। ब्रेस्‍ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को ही नहीं होता है। यह पुरूषों को भी हो सकता है।

हालांकि यह सम्भावना 400 पुरुषों में से केवल एक को है लेकिन केवल वहीं मरीज़ के बचने की सम्भावना 73% ही है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम बता रहे है किन कारणों की वजह से पुरुषों में भी ब्रेस्‍ट कैंसर हो सकता है।

इन कारणों को जान आप भी समय रहते अवेयर हो सकते हैं।

उम्र बढ़ने की वजह से

उम्र बढ़ने की वजह से

बढ़ती उम्र ये भी ब्रेस्‍ट कैंसर की एक वजह हो सकती है। जैसे जैसे पुरुषों की उम्र बढ़ती है वैसे वैसे उनमें ब्रेस्‍ट कैंसर को ले‍कर खतरा बढ़ने लगता है। ज्‍यादात्‍तर कैसेज में 68 वर्ष की आयु के आसपास पुरुषों को मालूम चलता है कि उन्‍हें ब्रेस्‍ट कैंसर है।

 फिमेल रिलेटिव्‍स हिस्‍ट्री

फिमेल रिलेटिव्‍स हिस्‍ट्री

किसी महिला रिश्तेदार के ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होने पर आपके लिए खतरा अधिक है। महिलाओं की ही तरह, पुरुषों को भी मां, दादी-नानी, बहन या खून के किसी रिश्ते वाली महिला के ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित होने पर इस बीमारी का ख़तरा अधिक होता है।

विकिरणों की वजह से

विकिरणों की वजह से

ऐसा भी देखा गया है कि छाती (लंग कैंसर या लिम्फोमा) के लगातार विकिरण के सम्पर्क की वजह से पुरुषों को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक हो जाता है। दरअसल विकिरण या रेडिएशन की वजह से सामान्य कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में तब्दील करने के लिए कारक बनती है।

एल्‍कोहल की वजह से

एल्‍कोहल की वजह से

ज्‍यादा मात्रा में शराब पीने से भी पुरुषों में ब्रेस्‍ट कैंसर की सम्‍भावनाएं बढ़ जाती है। ये इसलिए भी क्‍योंकि इसकी वजह से लीवर पर असर होने लगत‍ा है।

एस्‍ट्रोजन हार्मोन में वृ्द्धि होने की वजह से

एस्‍ट्रोजन हार्मोन में वृ्द्धि होने की वजह से

क्या आपको पता है कि लीवर की गम्भीर बीमारियां या लीवर सिरोसिस से पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है? दरअसल लीवर सिरोसिस की वजह से एस्ट्रोजन हार्मोन्स के स्तर में वृद्धि का कारण बनता है, और इससे ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है। यही नहीं, हार्मोन एस्ट्रोजन से भरपूर पदार्थों का अत्यधिक सेवन या ऐसी दवाइयां जिनमें एस्ट्रोजन हो, वो जीन को सक्रिय बनाकर एस्ट्रोजन बढ़ने का खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।

क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम

क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम

एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष एक्स गुणसूत्र (47, XXY) की एक अतिरिक्त प्रति के साथ पैदा होता है। यदि आप क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम नामक इस दुर्लभ आनुवंशिक गड़बड़ी से ग्रस्त हैं,तो आपको ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा हो सकता है।

मम्प्स ऑर्काइटिस

मम्प्स ऑर्काइटिस

मम्‍प्‍स ऑर्कइटिस जैसे अंडकोष के रोग, जिसमें पुरुष के एक या दोनों टेस्टिकल्स में मम्प्स वायरस के कारण सूजन हो जाती है, या फिर अवांछित टेस्टिकल की वजह से भी पुरुषों में स्तन कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकते हैं

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