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कभी सुना है ऑर्गेज्मिक मेडिटेशन के बारे में, बिना सेक्स भी मिल सकता है ऑर्गेज्म
शारीरिक संबंध पुरुष और महिला दोनों को ही एक समय पर चरम सुख यानी कि ऑर्गेज्म तक पहुंचा दे यह जरूरी नहीं। आपको जानकर हैरानी होगी कि करीब 10 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने आज तक शारीरिक संबंध बनाते समय कभी चरम सुख का आनंद ही प्राप्त नहीं किया है। वहीं कुछ ऐसे भी महिलाएं और पुरुष हैं जिन्हें यह नहीं पता कि आखिर ऑर्गेज्म कैसा महसूस होता है। आमतौर पर लोग सैक्स और मास्टरबेशन का सहारा रिलैक्स होने के लिए लेते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया के बाद भी बहुत ही कम लोग रिलैक्स हो पाते हैं। ऐसे में बचाव के लिए आता है ऑर्गेज्म मैडिटेशन। यह आमतौर पर महिलाओं के लिए है।
जरा इमेजिन करें एक कमरे में एक महिला और पुरुष शारीरिक संबंध बना रहे हों, लेकिन महिला इसे महसूस भी न कर पा रही हो, न ही उसके शरीर में कोई खास हरकत हो रही हो, वहीं एक दूसरा कमरा हो जहां महिला चरम सुख प्राप्त कर रही हो, लेकिन वहां कोई शारीरिक संबंध न बन रहा हो। असल में ऑर्गेज्मिक मेडिटेशन इसे ही कहते हैं। जहां शारीरिक संबंध बनाए बिना भी ऑगेज्म को महसूस किया जा सके।

ऑर्गेज्म से स्प्रिुचअल हीलिंग तक
ऑर्गेज्मिक मेडिटेशन को बोलचाल की भाषा में ओएम कहा जाता है। इसके तहत सेक्स नहीं होता, लेकिन यह प्रेक्टिस महिलाओं को ऑर्गेज्म महसूस करवाने में मदद करती है। इससे केवल ऑर्गेज्म ही नहीं बल्कि स्प्रिचुअल और होलिस्टिक हीलिंग भी की जा सकती है।


ऐसे किया जाता है ऑर्गेज्मिक मेडिटेशन
ओएम के तहत एक स्ट्रोकर होता है और एक स्ट्रोकी होता है। आमतौर पर स्ट्रोकर महिला या पुरुष में से कोई एक हो सकता है और स्ट्रोकी ज्यादातर महिला ही होती है। स्ट्रोकी लेट जाती है और कमर से नीचे के सारे कपड़े उतार देती है। इसके बाद स्ट्रोकर पूरे कपड़े पहने हुए ही उसके पास बैठ जाता है। इसके बाद स्ट्रोकर स्ट्रोकी के निजी अंग को सहलाता है और स्ट्रोकी की सारी मसल्स टेंशन रिलीज कर रिलैक्स होने लगती हैं। इसके साथ ही वह धीरे धीरे चरम सुख की ओर बढ़ने लतगी है। इसके तहत कई बार स्ट्रोकर और स्ट्रोकी अपनी जगह बदल भी लेते हैं और चरम सुख की प्राप्ति करते हैं।
एनर्जी होती है रिलीज
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जिस तरह मास्टरबेशन की वजह से स्ट्रेस कम होता है और इंसान रिलैक्स महसूस करता है ठीक उसी तरह ऑर्गैज्मिक मेडिटेशन के दौरान भी जो एनर्जी रिलीज होती है वह इतनी ज्यादा होती है कि आपका स्ट्रेस कम हो जाता है। हालांकि सेक्स थेरपिस्ट से पूछे बिना ऑर्गैज्मिक योग को प्रैक्टिस न करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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