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पेंट और डस्टिंग से हो सकती है एलर्जी, दीवाली की सफाई के दौरान बरतें एहतियात
दीवाली में कुछ दिन ही बचे हैं, दीवाली की तैयारियां हर घर में शुरु हो चुकी है। चाहे वो सजावट हो या साफ-सफाई। दीवाली के सफाई में महिलाएं इतनी मशरुफ न हो जाती है कि घर की कोने-कोने की सफाई एलर्जी का सबब भी बन सकती है। कई महिलाएं धूल, पेंट, डिटर्जेट आदि से एलर्जी होती है। इसीलिए वे श्वास संबंधी समस्याओं से बचने के लिए कई तरह की एहतियात बरतती है। वहीं कुछ महिलाएं इस बारे में अवेयर नहीं होती है तो धूल और पेंट की वजह से एलर्जी का शिकार बन जाती है।
इसलिए दीवाली के समय होने वाली भारी साफ-सफाई के दौरान होने वाली समस्याओं से एहतियात बरतने से कई स्किन और श्वास संबंधी एलर्जी से बचा सकता है।
वैसे तो व्यक्ति को कई तरह की एलर्जी होती है। धुएं की वजह से हल्के सी धूल नाक में प्रवेश करने के वजह से ऐसे कई तरह की एलर्जी हो सकती है। दिवाली की सफाई करते वक्त जो आमतौर पर एलर्जी की शिकायतें मिलती हैं, वह होती हैं श्वास संबंधी एलर्जी की।
जिन लोगों की नाक बहुत सेंसेटिव होती है उन्हें एलर्जी की समस्या ज्यादा होती है। लेकिन सफाई के दौरान कुछ सावधानी बरतने से आप एलर्जी से बच सकती हैं, आइए जानते है दीवाली की सफाई के दौरान किस तरह से आपको एलर्जी हो सकती है।

डस्टिंग करते हुए
कई महिलाओं को धूल से एलर्जी होती है। दिवाली की सफाई के दौरान महिलाएं घर के कोने-कोने से धूल, मिट्टी, जाला आदि निकालती हैं। काफी पुरानी धूल में फंगस हो जाता है। इसके बैक्टीरिया महिलाओं के नाक पर अटैक करते हुए सीधे रेस्पिरेटरी सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए घर की सफाई करते वक्त मुंह में कोई मास्क जरुर लगाएं। सफाई करते वक्त आंखों का भी बचाव जरुर करें।

पेंट के समय
पेंट्स में स्ट्रॉन्ग केमिकल्स होते हैं, जो सांस लेते वक्त रेस्पिरेटरी सिस्टम को तकलीफ पहुंचाते हैं। पेंटिंग कलर्स में बेंजीन नामक केमिकल एलर्जिक लोगों के लिए नुकसानदायक है। इससे बचने के लिए जहां कलर हो रहा हो वहां जाने से बचें।

वॉशिंग लिक्विड
कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें सर्फ, वॉशिंग सोडा, विम पाउडर क्लीनिंग लिक्विड्स, फिनाइल की गंध आदि से एलर्जी होती है। कई लोग तो इनकी गंध भी बर्दाश्त नहीं कर पाते है तो वहीं कुछ लोग इसके सम्पर्क में आते ही उनके शरीर में रिएक्शन देखने को मिलते हैं। इस तरह के रीएक्शन्स थोड़ी देर के लिए होते हैं, पर काफी परेशानी देते हैं। इन सभी चीजों में बेहद स्ट्रॉन्ग केमिकल्स पाए जाते हैं।

पटाखे
दीवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं वायु-प्रदूषण को बढ़ाने के साथ कई लोगों की परेशानी का सबब भी बन जाता है। इन पटाखों में विस्फोटकों का इस्तेमाल होता है। इससे निकलने वाले धुएं से कई लोगों को एलर्जी और सांस से संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

हो सकती है ये समस्याएं
धूल, मिट्टी, पेंट आदि से कई लोगों को एलर्जी होती है। ऐसे में उन्हें नाक व श्वास संबंधी कई दिक्कतें होती हैं। इनमें सर्दी, खांसी, जुकाम, कफ, नेजल ब्लाकेज, सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा, फेफड़ों में इन्फेक्शन आदि का समावेश है। इसके अलावा केमिकल्स के सम्पर्क में आने से शरीर में खुजली और स्किन निकलने जैसे इश्यू हो सकते हैं।

सावधानी बरतें
- जिन महिलाओं को धूल-मिट्टी से एलर्जी है, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। धूल-मिट्टी से बचने के लिए आप सफाई करवाने वाली कंपनियों को कॉन्टेक्ट कर सकती हैं। इसके अलावा घर में डस्टिंग के वक्त वहां जाने से बचें। अगर उस जगह जाना भी पड़े तो नाक पर गीला कपड़ा बांधकर सफाई करें, इससे डस्ट पार्टिकल्स कपड़े पर चिपकेंगे।
- जिन्हें पेंटिंग कलर्स से एलर्जी है, वो एक-एक करके घर के कमरों, किचन आदि का रंगरोगन करवाएं। जिस कोने में पेंटिंग का काम जारी है वहां जाने से बचें। वैसे मार्केट में केमिकल फ्री पेंट्स मार्केट में उपलब्ध हैं, उनका इस्तेमाल करवाएं।
- इनसे पेंट होने के बाद स्मेल नहीं होती है। कम से कम डिटरजेंट का इस्तेमाल करें।
- प्लास्टिक के ग्लव्ज पहनकर डिटर्जेंट से सफाई करें। सबसे अहम बात यह है कि अगर आप इनहेलर या फिर कोई ट्रीटमेंट ले रहे हैं तो वह समय पर लेते रहें।



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