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कान में हो गया इंफेक्शन, इन 2 मिनट के घरेलू उपाय से भगाएं
कान का संक्रमण जिसे ओटिटिस मीडिया भी कहा जाता है, बच्चों और नवजातों में होने वाली एक आम समस्या है, लेकिन यह समस्या वयस्कों को भी हो सकती है | अमूमन 90% बच्चों में से कम से कम एक को तीन वर्ष की आयु तक कान का संक्रमण हो जाता है। कान हमारे शरीर की उन इन्द्रियों में से एक है, जो बहुत ही नाजुक होता है, इसलिए हमें इसकी देखभाल बहुत ही अच्छे तरीके से चाहिए, नहीं तो हमें बहुत सी भयानक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि कान में इन्फेक्शन हो जाना आदि। कान के इन्फेक्शन के कारण हमें सुनने में भी दिक्कत हो सकती है।

ईयर इंफेक्शन के कारण
कान हमारे शरीर के नाजुक इंद्रियों में से एक है। कान की रचना बहुत ही जटिल तरीके के साथ हुई है। कान में इंफेक्शन या संक्रमण होना बहुत ही आम बात है, लेकिन जब हम अपने कान का सही तरीके के से ध्यान नहीं रखते, तो हम गंभीर बीमारी के शिकार हो सकते हैं, साथ ही हमारे सुनने की शक्ति भी कम हो जाती है। ईयर इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि ...

कारण..
- कान में चोट का लगना।
- कान में कीड़े का जाना।
- कान की मल का बढ़ जाना।
- नहाते हुई कान में पानी चले जाना।
- शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना।
- सर्दी की वजह से
- तेज आवाज का लगातार सुनने से।
- श्वास संबंधी समस्या होना आदि कान के इंफेक्शन के मुख्य कारण हो सकते हैं।
- तेज आवाज में ईयरफोन से म्यूजिक सुनने से।
- बुखार का आना और बच्चो को ठीक से न सुनाई देना।
- कान को खींचने या रगड़ने से।
- बच्चा जब ठीक से खाना न खाएं और रोता रहें।
- कान में गंदगी जम जाने के वजह से दर्द होना।
- पीली या सफेद रंग का पस बाहर निकले।

ईयर इंफेक्शन के लक्षण

घरेलू उपचार
जब भी कान में किसी भी तरह की कोई बीमारी बन जाती है, तब हम अक्सर डॉक्टर के पास चले जाते हैं और अधिकतर केस में डॉक्टर इन्फेक्शन की दवा देते हैं, लेकिन हम डॉक्टर के पास न जाकर कुछ घरेलू उपचार करें, तब भी हम इस बीमारी से आसानी से राहत पा सकते हैं, जैसे कि जब भी कान में दर्द हो, तो उससे राहत पाने के लिए गर्म पानी में भिगोकर कपड़ा कान पर रखें। इससे आप को राहत महसूस होगी। बच्चें को कभी भी सुलाकर दूध न पिलाएं।

हाईड्रोजन पेरॉक्साइड
कान में इन्फेक्शन होने पर हाईड्रोजन पेरॉक्साइड की कुछ बूंदे डालें और 2-3 मिनट के लिए इसे कानों तक घुलने दें। इसकी बूंदे दिन में दो बार कान में डालें। इसके लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

नमक
नमक को गर्म करके एक मोटे कपड़े में डालें और फिर इसे अच्छे से बांध लें, यह अधिक गर्म न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए इसे अधिक समय तक कान पर रखें। जितनी बार हो सकें इस प्रक्रिया को दोहरायें।

लहसुन
लहसुन को तेल में तब तक पकाएं जब तक यह काला न हो जाए। इसको कुछ देर ठंडा होने दें, फिर इसकी कुछ बूंदे कान में डाल लें। ऐसा करने से आपके कान के दर्द से राहत मिलेगी

प्याज
कान के इन्फेक्शन को दूर करने के लिए प्याज बहुत ही फायदेमंद होता है इसके लिए प्याज के छोटे-छोटे टुकड़ों को गर्म करें, फिर उसे दो- तीन मिनट तक ठंडा करें। ठंडा होने पर जो उसका रस बनता है, उसकी तीन बूंदें कान में डालें और दस मिनट बाद उस रस को कान से बाहर निकाल दें।

जैतून का तेल
जब भी कान में अधिक मैल जमा हो जाए, तो जैतून का तेल को गर्म करके उसकी कुछ बूंदों को कान में डालें, फिर आप साफ़ कपड़े से कान की मैल को बाहर निकाले।

विटामिन सी का सेवन
अगर आपके कान में इंफेक्शन हो जाएं तो विटामिन सी के स्त्रोत वाले फलों का सेवन करें। इससे आपके कानों में होने वाली संक्रमण इंफेक्शन कम हो जाएगी।

लौंग का तेल
कान के इन्फेक्शन को दूर करने के लिए लौंग भी बहुत ही फायदेमंद होता है, इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण कानों में जमें बैक्टीरिया निकालकर दर्द से निजात दिलाता है। लौंग को तेल में तब तक पकाएं जब तक यह काला न हो जाए। इसको कुछ देर ठंडा होने दें, फिर इसकी कुछ बूंदे कान में डाल लें।

ध्यान रखें..
अगर आपके कान में इंफेक्शन हो जाए और आपके कानों में मवाद जम गया हो तो रात में सोने के पहले अपने कानों में रुई के टुकड़े डाल लें। सोने के समय कान को नीचे की और रख कर सोएं। सोने की समय कान से निकलने वाला मवाद धीरे धीरे उस रुई में जम जाएगां।
सुबह उठकर उस रुई को कान से निकाल लें।

स्विमिंग को अवॉइड करें
अगर आपके कान में संक्रमण हुआ हो तो कानों में पानी को पहुंचने न दे स्विमिंग हो या फिर बरसात किसी भी वजह से भीगनें से बचें। ठंड मौसम में अपने कानों में ढ़क के रखें।



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