Latest Updates
-
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
कहीं आप नकली मावा तो नहीं खा रहे हैं, इन ट्रिक्स से असली और नकली में करें फर्क
फेस्टिव सीजन में मिठाईयों की मिठास के बगैर त्योहार फीका सा लगता है। फेस्टिवल की रौनक बढ़ाने के लिए घर में कई तरह की मिठाईयां लाई जाती है, खासतौर पर मावा। लेकिन मार्केट में बढ़ती डिमांड की वजह से नकली मावे की सप्लाई भी बढ़ जाती है। फेस्टिवल सीजन में बाजार से लाया गया मावा नकली निकलने की बहुत कैसेज सामने आते है। ऐसे में आप इस जांच से मालूम कर सकते है कि आपके द्वारा बाजार से लाया गया मावा कहीं नकली तो नहीं है?
नकली मावा खाने से सेहत को बहुत नुकसान पहुंचता है। घर पर ही आसानी से मिलावटी मावे की पहचान की जा सकती है। आइए जानते है कैसे असली और नकली मावे में फर्क किया जाएं।

ऐसे बनाया जाता है
नकली मावा बनाने में स्टार्च, आयोडीन और आलू का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा नकली को असली दिखाने के लिए केमिकल मिलाते हैं, वहीं मिल्क पाउडर में वनस्पति घी मिलाकर भी मावा तैयार किया जाता है जिसमें शकरकंदी, सिंघाड़े का आटा, आलू और मैदे का प्रयोग किया जाता है।

नकली मावा खाने के साइड इफेक्ट्स
मिलावटी मावे से पेट दर्द, डायरिया, मरोड़, पेट में भारीपन, एसिडिटी और इनडाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस मावे ज्यादा मात्रा में सेवन कर लिया जाए तो इंटरनल ऑर्गन्स पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इसकी वजह इसमें लिटमस पेपर का मिलाया जाना है जो पानी को सोखने की क्षमता रखता है। मावे में घटिया किस्म का सॉलिड मिल्क मिलाया जाता है। इसमें टेलकम पाउडर, चूना, चॉक और सफेद केमिकल्स जैसी चीजों की मिलावट भी होती है। ऐसे मावे से बनी मिठाइयों से किडनी और लिवर पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। इतना ही नहीं, इससे कैंसर, फूड प्वाइजनिंग, वॉमिटिंग और डायरिया जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

चखकर देखे
असली खोया को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह भी है कि असली मावा चिपचिपा नहीं होता है। मावे को चखकर भी मालूम किया जा सकता है कि वो असली है या नकली। चखने पर अगर मावे का स्वाद कसैला आता है तो मावा नकली हो सकता है।

अंगूठे से रगड़े
मावा या खोया को अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें, अलग यह असली है तो इसमें से घी की महक आएगी और खुशबू देर तक रहेगी, हथेली पर खोया की गोली बनाएं। अगर यह फटने लग जाए तो समझिए मावा नकली है या इसमें मिलावट की गई है।

पानी में डाले
2 ग्राम मावा का 5 मिलीलीटर गरम पानी में घोल लें और इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसमें आयोडीन सोलूशन डालें। अगर खोया नकली होगा तो इसका रंग नीला हो जाएगा। इसके अलावा



Click it and Unblock the Notifications
