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गूगल डॉक्टर बनना सेहत के लिए हो सकता है जानलेवा
जब हम बीमार महसूस करते हैं या संदेह करते हैं कि हम बीमारियों से पीड़ित हैं, तो हममें से अधिकांश लोग सबसे पहले क्या करते हैं? हम ठीक होने के लिए Google की मदद लेते हैं। हां, आज, इंटरनेट के युग में, गूगल हमारा सबसे अच्छा दोस्त और रक्षक है और यह एक तथ्य है जिससे हम इंकार नहीं कर सकते हैं।
गूगल हमें दुनियाभर की सभी जानकारियां एक छत के नीचे बैठे होने के बाद भी दे देता है। इंटरनेट हमें अपने काम, दैनिक गतिविधियों जैसे खाना ऑर्डर करना, स्थानों को देखने के लिए और अन्य जगहों पर भी मदद करता है।

अब, हम में से ज़्यादातर लोग पहले ही जानते होंगे कि अगर हम बीमारियों, लक्षणों या यहां तक कि उपचारों के बारे में कोई जानकारी चाहते हैं, तो हमें बस इतना करना है कि गूगल पर जाएं। दूसरा, हम गूगल पर कीवर्ड में टाइप करते हैं, यह उन बीमारियों के बारे में जानकारी के साथ कई पेजों को भी दिखाता है जिन्हें हम ढूंढ रहे हैं और यहां तक कि संबंधित जानकारी भी। हालांकि, ऐसी कुछ चीज़ें हैं जिन्हें हमें स्वास्थ्य लक्षणों के बारे में गूगल करते समय कभी नहीं करना चाहिए क्योंकि उनका नकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ सकता है। यहां पर एक नज़र डालें की गूगल करते समय किन बातों का ध्यान रखने की ज़रूरत है।
1. प्रामाणिकता के लिए जाँच करें
2. जो कुछ भी आप पढ़ते हैं उस पर विश्वास न करें
3. 'Nocebo' प्रभाव से प्रभावित न हों
4. हमेशा 'About us' सेक्शन को पढ़ें
5. यदि आपके पास पिछली स्वास्थ्य स्थितियां हैं तो युक्तियों का पालन न करें
6. घबराएं नहीं
1. प्रामाणिकता के लिए जाँच करें
अकसर हम किसी छोटी सी बीमारी को गूगल पर टाइप करते हैं तो वहां उस बीमारी से जुड़ी स्वास्थ्य परिस्थितियां और उनके लक्षण सामने आ जाते हैं।
इसके अलावा, इंटरनेट पर कई अनाधिकृत साइट्स हैं जो आपको उन लक्षणों और बीमारियों के बारे में झूठी जानकारी दे सकती है जिनके बारे में आप और जानना चाहते हैं। इसलिए, यह सुनिश्चित करना हमेशा सर्वोत्तम होता है कि आप इन साइट्स की प्रमाणिकता की जांच करें। इससे भी बेहतर, अपने लक्षणों की जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
2. जो कुछ भी आप पढ़ते हैं उस पर विश्वास न करें
हम इस बात से सहमत हो सकते हैं कि कुछ बीमारी के उपायों में गूगल को गलत जानकारी होती है। यहां दिए गए हर तरह के टिप्स पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। वहां कई "क्लिक-बैट" प्रकार की स्वास्थ्य जानकारियां होती हैं, जो कि सरल घरेलू उपचार के साथ कुछ दिनों के भीतर आपकी बीमारियों को ठीक करने का वादा करती हैं। हालांकि, कई बार ये उपचार बिल्कुल भी काम नहीं करते बल्कि आपकी बीमारी को और बढ़ा देते हैं।
3. 'Nocebo' प्रभाव से प्रभावित न हों
जब लोग अपनी बीमारी के लक्षणों को गूगल पर ढूंढते हैं, तो अकसर उन्हें अपनी बीमारी से संबंधित अन्य सुझाए गए लक्षणों के बारे में पता चलता है, जो उनके पास नहीं हो सकते हैं, लेकिन वे मनोवैज्ञानिक रूप से उन लक्ष्णों को अनुभव करना शुरू कर देते हैं, क्योंकि उन्होने उन लक्ष्णों को गूगल पर पढ़ा होता है। इसे नोसेबो प्रभाव कहा जाता है। उदाहरण के लिये, यदि आप फ्लू के लक्षणों को गूगल कर रहे हैं और आप पढ़ते हैं कि मितली(उल्टी) भी एक फ्लू लक्षण है, तो आप पहले से ही लक्षण नहीं होने के बावजूद भी उल्टी महसूस कर सकते हैं। यह आदत आपकी स्थिति को और खराब कर सकती है।
4. हमेशा 'About us' सेक्शन को पढ़ें
जब भी आप स्वास्थ्य संबंधी जानकारी या किसी विशेष बीमारी के इलाज के सुझावों के लिए गूगल पर किसी वेबसाइट को देखें तो सबसे पहले सुनिश्चित करने के लिये उस वेबसाइट के About us सेक्शन को पढ़े और यह जांचने की कोशिश करें कि क्या यह हेल्थ वेबसाइट लंबे समय से गूगल पर है और इसमें दी गई सभी जानकारियां और स्रोत प्रमाणिक है। यह आपको अपनी इच्छित जानकारी के संबंध में उस वेबसाइट पर अधिक भरोसा करने में मदद करता है।
5. यदि आपके पास पिछली स्वास्थ्य स्थितियां हैं तो युक्तियों का पालन न करें
आज स्वास्थ्य सेवाओं पर दी गई अधिकांश जानकारियां काफी सामान्य हैं और विशेष बीमारियों के इलाज के लिये उन्हें डिज़ाइन किया गया है। इसलिए, यदि आपकी पिछली या मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करने के बाद, गूगल से पूछताछ करें। उदाहरण के लिए, कम बीपी के लिए कुछ घरेलू उपचार समय पर ग्लूकोज पानी का इस्तेमाल करने का सुझाव देते हैं, हालांकि, यदि आपको डायबिटीज है, तो ग्लूकोज़ पानी आपके लिए अच्छा नहीं हो सकता है।
6. घबराएं नहीं
कई बार, लोग अपनी बीमारी के लक्षणों को गूगल पर पढ़ते हैं और उन्हें घबराहट शुरू हो जाती है। क्योंकि गूगल पर उन बीमारियों के लक्षणों को कुछ खतरनाक बीमारियों से जोड़ दिया जाता है। यह वह जगह है जहां लोग एक छोटे से सिरदर्द को ब्रेन ट्यूमर का लक्षण मान सकते हैं, क्योंकि गूगल उन्हें बहुत सारे सुझाव देता है।
जब ऐसा होता है तो लोग ज़्यादा घबरा जाते हैं और वे पैनिक मोड में चले जाते हैं, जो उन्हें चिंताग्रस्त कर सकता है। इसलिए निष्कर्ष पर जाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा विकल्प है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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