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किन वजहों से किडनी में आ जाती है सूजन, जानिए कारण
मनुष्य शरीर में दो किडनी होती हैं, एक बाएं और दूसरा दाएं तरफ होता है। किडनी का प्रमुख कार्य शरीर से अपशिष्ट उत्पादों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को निकालना होता है। लेकिन कभी कभी कुछ मेडिकल कारणों के वजह से किडनी में सूजन आ जाती है।
किडनी की सूजन को मेडिकल टर्म को 'ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस' कहा जाता है। किडनी की सूजन किडनी की वैसी बीमारी है जिसके कारण किडनी के फिल्टर में सूजन हो जाती है। किडनी का फिल्टर किडनी में बहुत छोटी रक्त वाहिकाओं से बना होता है, जिसे ग्लोमेरुली कहा जाता है।
जब यह अचानक शुरू होता है तो यह गंभीर हो सकता है। इसलिए किडनी की सूजन को हल्कें में न लें। लेकिन आपको किडनी की सूजन को समय पर लक्षण को पहचानते हुए समय पर नेफ्रोलॉजी मदद से इस समस्या से किडनी को बचाया जा सकता है।

किडनी में सूजन के लक्षण
- बुखार
- पेशाब करने में दर्द
- भूरा या लाल रंग का पेशाब
- असहनीय और तीव्र दर्द
- पेशाब में अधिक प्रोटीन का होना
- बहुत कम पेशाब का आना
- फेंफड़े में तरल का होना, जिसके कारण खांसी और सांस लेने में दिक्कत होना।
- अधिक थकान लगना
- सांसों से बदबू आना
- सूजन और सांस की तकलीफ होना।

किडनी में सूजन आने से क्या होता है?
किडनी की सूजन या नेफ्राइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें किडनी की मुख्य यूनिट में सूजन आ जाती है जिसे नेफ्रोन कहा जाता है। इससे खून साफ करने की क्षमता कम हो जाती है।

किडनी में सूजन के कारण
संक्रमण की वजह से
किडनी में सूजन आने की वजह गले में खराश या त्वचा में संक्रमण जैसे संक्रमणों के प्रति प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में कमी के कारण एक्यूट हो सकती है। ज्यादातर मामलों में ऐसे संक्रमण ठीक हो जाते हैं और किडनी में सुधार होता है। किडनी की कई प्राइमरी समस्याओं का प्रभाव ग्लोमेरुलस पर पड़ता है। जैसे पेशाब करनी में दिक्कत होती है और किडनी की खून साफ करने की क्षमता कम हो जाती है।

मधुमेह के रोगियों को खतरा
मधुमेह और ल्यूपस और एएनसीए वस्कुल्टिस जैसी कुछ ऑटो इम्युन बीमारियों से पीड़ित लोगों में सेकंडरी ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस यानी किडनी की सूजन जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसी स्थितियों में भी समय पर इलाज से किडनी को बचाया जा सकता है।

एंटीबॉयोटिक दवाईयों से
कभी-कभी दर्द निवारक या एंटीबायोटिक दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण भी ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (किडनी में सूजन ) हो सकता है। इसलिए कोई भी एंटीबायोटिक दवा से लेने से पहले डॉक्टर से जरुर पूछें।


कब दिखाएं डॉक्टर को
जब पेशाब करते हुए मूत्र में खून दिखाई देता है। या पेशाब का रंग अचानक से बदलकर लाल या भूरा दिखाई दें।



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