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अंटेशन जेंटलमेन! क्या आप जानते है अंडकोष में सूजन की वजह?
जिस तरह महिलाओं में गुप्तांग को लेकर कई तरह की परेशानियां होती है, ठीक उसी तरह पुरुषों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसमें से एक है अंडकोष में सूजन, जो पुरुषों के लिए काफी संवेदनशील होती है। अंडकोष को इंग्लिश में Scrotum कहते हैं जो कि एक पतली थैली के रुप में पुरुषों के लिंग के पास लगी होती है। अंडकोष की थैली के अंदर दो अंडकोष होते हैं।
अंडकोष लाखों छोटे-छोटे शुक्राणु कोशिकाएं पैदा करते हैं और उन्हें सुरक्षित रखते हैं। इसके अलावा ये टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन भी बनाते हैं, एक ऐसा हार्मोन जिसके कारण लड़के शुक्राणु पैदा करते हैं। साथ ही टेस्टोस्टेरॉन मांसपेशियों और बालों के लिए जरूरी होता है। इसे नर या मर्दाना हार्मोन भी कहते हैं। लेकिन कई कारणों से टेस्टिस में सूजन आ जाती है जिसे ओरकाइटिस कहते है जो पुरुषों के लिए काफी पीड़ादायक होती है।

वैरिकोसील ऐसी स्थिति है जिसमें अंडकोष के अंदर की नसें बड़ी हो जाती हैं जिसके कारण अंडकोष बड़ा हो जाता है और दर्द होता है। आइए जानते है कि कारणों से होता है ओरकाइटिस या अंडकोष में सूजन और इसके घरेलू उपाय।
STD भी होती है अंडकोष की वजह
ओरकाइटिस आमतौर पर संक्रमण के कारण होता है जो बैक्टीरिया या वायरस के द्वारा हो सकता है। युवावस्था में लड़कों में ओरकाइटिस के लिए सबसे आम कारण कण्ठमाला (mumps) वायरस होता है। ये वायरल संक्रमण है जो कि लार ग्रंथियों की सूजन का कारण बनता है। अंडकोष या ओरकाइटिस की सूजन लार ग्रंथियों में सूजन की शुरुआत के 4-6 दिनों के बाद होने लगता है। ओरकाइटिस, प्रोस्टेट (एक ग्रंथि जो मूत्राशय के नीचे होती है) या अधिवृषण या एपिडिडाईमस के संक्रमण के कारण भी हो सकता है, जिसे एपिडिडिमो ओरकाइटिस भी कहते हैं।
युवाओं में होती है ज्यादा शिकायत
अधिवृषण एक नली जैसी होती है जो की आपके दोनों टेस्टिकल्स के पीछे की ओर स्थित होती है। इसमें अधिवृषण में जलन होने लगती है और सूजन भी आने लगती है। एपीडिड्यमिस में जलन होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे चोट लगना, बैक्टीरिया द्वारा संक्रमण और STD की वजह से भी एपीडिड्यमिटिस ज्यादातर 18 से 36 वर्ष के पुरुषों में ज्यादा पाया जाता है। महिलाओं की तरह पुरुषों को भी होता है मेनोपॉज...
ऑर्किटिस के लक्षण
- एक या दोनों अंडकोष में सूजन
- अंडकोष के आसपास हल्के से गंभीर तक दर्द
- एक या दोनों अंडकोष में कोमलता या शिथिलता, जो सप्ताहों तक आपको महसूस होती है।
- बुखार आना
- मतली और उल्टी
कुछ घरेलू उपाय
तंबाकू
अगर अंडकोष में सूजन की समस्या होती है तो तंबाकू के पत्तों का पर थोड़ा सा तिल का तेल लगाकर हल्का सा गर्म करके अंडकोषों पर बांधाने से अंडाकोषों के सूजन में काफी लाभ होता है।
तिल
बराबर मात्रा में तिल और अरंडी के बीजों को एक साथ पीसकर लेप तैयार करें, अब अंडकोष में अरंडी के पत्तों के साथ इस लेप को लगा लें। आपको इससे राहत मिलेगी।
बैंगन
बैंगन की जड़ को पानी में मिलाकर अंडकोषें पर कुछ दिन लेप लगाने से राहत मिलती है और सूजन कम हो जाती है।
पलाश
पलाश की छाल का चूर्ण बनाकर 5 ग्राम पानी के साथ सेवन करने अंडकोषों की सूजन खत्म की जा सकती है।
जीरा
10-10 ग्राम जीरा और कालीमिर्च पीसकर पानी में उबालकर, उस पानी को अंडकोष को धोने से सूजन मिट जाती है।
सेंधा नमक
एक चम्मच सेंधा नमक को एक कटोरी अरंडी के तेल में मिलाकर अंडकोष के पास लगाने से सूजन कम हो जाती है।
अदरक
अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर सूजन वाली जगह लगाकर आपको राहत मिल सकती है।
सफेद कनेर का फूल
सफेद कनेर के पते कांजी के साथ पीसकर हल्का सा गर्म करके बांधने से अंडकोष की सूजन कम होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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