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आपको मालूम है पेट में भी होता है माइग्रेन
माइग्रेन एक ऐसा सिर दर्द है जिससे सिर दर्द से फटा ही चला जाता है। ये दर्द इतना तेज होता है कि जो माइग्रेन का मरीज होता है उसके लिए ये दर्द असहनीय होता है। माइग्रेन के दर्द से बचने के लिए लोग तरह तरह के उपाय करते है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि माइग्रेन का दर्द सिर्फ सिर में ही नहीं होता है।
बल्कि पेट में भी हो सकता है। पेट में होने वाले माइग्रेन को ऐब्डॉमिनल माइग्रेन कहते हैं और इसकी वजह से आपको तेज दर्द, मरोड़, थकान और उल्टी हो सकती है। आइए जानते है पेट के माइग्रेन के बारे में।

किनको होता है खतरा
पेट का माइग्रेन अक्सर 7 से 10 साल के बीच के बच्चों को ज्यादा प्रभावित करते हैं। इसका सबसे ज्यादा खतरा उन बच्चों को होता है जिनके माता-पिता पहले से माइग्रेन के शिकार हैं। बच्चों में भी इस तरह के माइग्रेन के मामले सबसे ज्यादा लड़कियों में देखे गए हैं। जिन बच्चों को बचपन में एब्डॉमिनल माइग्रेन की शिकायत होती है, बड़े होकर उन्हें सिर का माइग्रेन होने की संभावना भी बहुत ज्यादा होती है।
पेट के माइग्रेन का कारण
पेट के माइग्रेन के सही-सही कारण का अब तक पता नहीं लगा है, लेकिन डॉक्टर मानते हैं कि शरीर में बनने वाले दो कंपाउंड हिस्टामाइन और सेरोटोनिन इस तरह के दर्द के जिम्मेदार होते हैं। शरीर में ये दोनों ही कंपाउंड ज्यादा चिंता करने और अवसाद के कारण बनते हैं। चाइनीज फूड्स और इंस्टैंट नूडल्स में इस्तेमाल होने वाला मोनोसोडियम ग्लूटामेट या एमएसजी, प्रोसेस्ड मीट और चॉकलेट के ज्यादा सेवन से भी शरीर में ये कंपाउंड बनते हैं। कई बार ज्यादा मात्रा में हवा निगल लेने के कारण भी ऐब्डॉमिनल या पेट के माइग्रेन की समस्या हो सकती है। इसलिए अपने बच्चें को वयस्क को समय समय पर हेल्दी खुराक देते रहें।
कैसे मालूम चलेंगे इसके लक्षण
आमतौर पर पेट के माइग्रेन के लक्षण पहले से नहीं दिखाई देते हैं। कई बार पेट के माइग्रेन का दर्द आधे घंटे में ही ठीक हो जाता है और कई दफा 2-3 दिन तक बना रहता है। पेट के माइग्रेन का मुख्य लक्षण बेली बटन के आसपास दर्द होता है या सुस्ती आने लगती है। इसके अलावा पेट में तेज दर्द की समस्या, पेट का रंग पीला दिखाई देना, भूख कम लगना और खाने-पीने का मन न करना, आंखों के नीचे काले घेरे आना।
क्या है ईलाज
पेट के माइग्रेन का वैसे तो कोई सटीक ईलाज नहीं है। आमतौर पर एब्डॉमिनल माइग्रेन का पता चलने पर चिकित्सक इसका इलाज सामान्य माइग्रेन की तरह करते हैं, जिससे कई बार मरीज को पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। आमतौर पर बिना किसी गंभीर लक्षण के दिखाई दिए, चिकित्सक दवा न लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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