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ऑलिव ऑयल में खाना पकाना चाहिए या नहीं, जाने कैसे करें इसका इस्तेमाल
हमारे देश में खाना पकाने के लिए पारम्पारिक तौर पर सोयाबीन या सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन धीरे-धीरे कई लोग फिटनेस के नाम पर ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करने लगे हैं। इटैलियन, चायनीज और थाई जैसे विदेशी कुजीन में खासतौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस तेल में हेल्दी फैटी एसिड के साथ ताकतवर एंटीऑक्सीडैंट्स भी होते हैं। हालांकि, लोग मानते हैं इसमें मौजूद अनसैचुरैटेड फैट्स की वजह से ये खाना पकाने के लिए अनुपयुक्त है।
कुछ दावा करते हैं कि खाना पकाने में इसका इस्तेमाल बेहतर है, हालांकि न सिर्फ पकाने फ्राइंग जैसे हाई-हीट इस्तेमाल के लिए भी इसे ले सकते हैं। आइए जानते हैं, क्या है सही?

पकाते समय रखें इन चीजों का ध्यान
जब इन तेलों को पकाया जाता है तो ये carcinogenic compounds छोड़ते हैं जो सांस के साथ शरीर में जाकर फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। हानिकारक और carcinogenic compounds का जोखिम कम करने के लिए केवल उन फैट्स के साथ खाना बनाना चाहिए जो हाई हीट पर स्थिर रहते हैं।

ज्यादा पकाने से हो सकता है कैंसर
ओवर-हीट किए जाने पर इन तेलों में बहुत से हानिकारक यौगिकों का निर्माण हो सकता है। इन यौगिकों में lipid peroxides और aldehydes शामिल हैं। ये दोनों तरह के यौगिक से कैंसर होने का खतरा बना रहता है। जब फैट और ऑयल हाई हीट पर संपर्क में होते हैं, तो वे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। ये बात उन तेलों के बारे में है जिनमें पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होते हैं। इस तरह के तेलों में ज्यादातर वेजिटेबल ऑयल शुमार किए जाते हैं। जैसे सोयाबीन या canola।

पकाते समय रखें इन चीजों का ध्यान
जब इन तेलों को पकाया जाता है तो ये carcinogenic compounds छोड़ते हैं जो सांस के साथ शरीर में जाकर फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। हानिकारक और carcinogenic compounds का जोखिम कम करने के लिए केवल उन फैट्स के साथ खाना बनाना चाहिए जो हाई हीट पर स्थिर रहते हैं।

सलाद बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान
सलाद बनाते वक़्त, पहले वर्जिन ऑयल डालें, उसके बाद ही नमक और नींबू डालकर मिलाएं। इससे सलाद में मौजूद सब्ज़ियां ताज़ी रहेंगी। जैतून का तेल सॉटे या शैलो फ्राई करने में इस्तेमाल किया जाता है। इसे तेज़ आंच में गर्म नहीं किया जाता है। इससे तेल में मौजूद पौष्टिक तत्व खत्म हो सकते हैं और खाने का स्वाद भी खराब हो सकता है। ब्रेड या रोल पर मक्खन लगाने की जगह वर्जिन ऑयल लगा सकते हैं।

कैसे करें स्टोर?
जैतून का तेल ख़राब होने पर इसकी ख़ुशबू और स्वाद बिगड़ जाते हैं। इसे ज़्यादा दिनों तक स्टोर न करें। कुछ ही महीनों में उपयोग कर लें।
इसे अच्छी तरह बंद डिब्बे में रखें। डिब्बा गहरे रंग का हो इसका भी ध्यान रखें। हवा, गर्मी और तेज़ रोशनी जैतून तेल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसे ठंडी और सूखी जगह पर ही रखें।
यदि तेल का स्वाद मक्खन जैसा लग रहा है तो यह पुराना हो चुका है। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए, गर्मी के महीनों के दौरान तेल को करिज में रखें। रंगत में थोड़ा मटमैला लगेगा लेकिन तेल सुरक्षित रहेगा। जब इसे इस्तेमाल करना हो तो कुछ देर बाहर निकालकर रखें, उसकेबाद उपयोग करें।



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