Latest Updates
-
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर
मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने के होते है कई फायदे, जानिए इसका धार्मिक महत्व

मकर संक्रांति पर्व पर सूर्य देव की उपासना की जाती है। इस दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है इसलिए इस दिन को 'मकर संक्रांति' कहते हैं। इस दिन सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है जिससे दिन बड़े होने लगते हैं और रात छोटी होनी शुरू हो जाती है। इसे 'उत्तरायण' भी कहते हैं।
इस दिन तिल और गुड़ खाने और पतंग उठाने का खास महत्व है, लेकिन क्या आप को मालूम है कि इन परंपराओं की शुरुआत कैसे हुई और जानते है कि इस दिन पतंग उड़ाने का स्वास्थय को बहुत फायदे होते हैं।

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का धार्मिक महत्व-
मान्यता है कि मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा भगवान श्री राम के समय में शुरू हुई थी। तमिल की तन्दनानरामायण के मुताबिक, मकर संक्रांति के दिन ही श्री राम ने पतंग उड़ाई थी और वो पतंग इन्द्रलोक में चली गई थी।

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने से सेहत को लाभ-
सूर्य उत्तरायण में जाने के कारण उससे निकलने वाली सूर्य की किरणें मानव शरीर के लिए औषधि का काम करती हैं। इसलिए पतंग उड़ाने के दौरान शरीर को लगातार सूर्य की रोशनी मिलती है। जिससे शरीर को विटामिन डी भी मिलता है, जो हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही धूप से सर्दियों में होने वाली स्किन संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।

तिल गुड़ खाने का भी है फायदा
मकर संक्रांति में उत्तर भारत में ठंड का समय रहता है। ऐसे में तिल-गुड़ का सेवन करने के बारे में विज्ञान भी कहता है। ऐसा करने पर शरीर को ऊर्जा मिलती है। जो सर्दी में शरीर की सुरक्षा के लिए मदद करता है।

मनुष्य की कार्यक्षमता बढ़ती है
पुराण और विज्ञान दोनों में सूर्य की उत्तरायण स्थिति का अधिक महत्व है। सूर्य के उत्तरायण होने पर दिन बड़ा होता है इससे मनुष्य की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है। मानव प्रगति की ओर अग्रसर होता है। प्रकाश में वृद्धि के कारण मनुष्य की शक्ति में वृद्धि होती है।

मकर संक्रांति के हैं और भी कई नाम
दक्षिण भारत में इस त्योहार को पोंगल के रूप में मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे लोहड़ी कहा जाता है। मध्यभारत में इसे संक्रांति कहा जाता है। मकर संक्रांति को उत्तरायण, माघी, खिचड़ी आदि नाम से भी जाना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications











