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यूनिसेफ ने वायु प्रदूषण पर जाहिर की चिंता, कहा बच्चों के लिए मस्तिष्क पर पड़ रहा है असर
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यूनीसेफ ने भी चिंता जाहिर की है। यूनीसेफ (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोरे ने आगाह किया है कि वायु प्रदूषण की विषाक्तता बच्चों के मस्तिष्क विकास को प्रभावित कर सकती है और भारत व दक्षिण एशिया में गहराते इस संकट से निपटने के लिए उन्होंने तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।
हाल ही में भारत का दौरा कर चुकीं फोरे ने बुधवार को कहा, "मैंने अपनी आंखों से देखा है कि बच्चे वायु प्रदूषण के भयानक परिणामों से किस तरह लगातार पीड़ित हो रहे हैं।" उन्होंने कहा, "वायु गुणवत्ता एक संकट के स्तर पर थी। आप वायु शोधक मास्क लगाने के बाद भी विषाक्त धुंध की गंध का अहसास कर सकते हैं।"

फोरे ने कहा कि यूनीसेफ दक्षिण एशिया में 62 करोड़ बच्चों को प्रभावित कर रहे इस वायु गुणवत्ता संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान करता है। उल्लेखनीय है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने के कारण पैदा हुए गंभीर पर्यावरण हालात के मद्देनजर दिल्ली के स्कूलों को मंगलवार तक के लिए बंद कर दिया गया था। दिल्ली में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 625 पर पहुंच गया था, जिसे अत्यंत गंभीर स्तर का माना जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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