कोरोनावायरस: जान‍िए क्‍या फर्क है कप्‍पा और डेल्‍टा वेरिएंट में, कौन है ज्‍यादा खतरनाक

स्‍वास्‍थ्‍य जगत में इन दिनों कोरोना वायरस से जुड़े दो वेरिएंट खूब चर्चा का विषय बने हुए है। एक है डेल्‍टा वेरिएंट दूसरा है कप्‍पा वेरिएंट। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के तरफ से जीनोम अनुक्रमण के SARS-Cov-2 वायरस के परिणाम जारी क‍िए गए थो जिसमें 109 नमूनों में से 107 नमूने डेल्‍टा के तो बाकी के दो कप्‍पा वेरिएंट थे। डेल्‍टा और कप्‍पा के इतने चर्चाओं के बीच में कई लोगों के ज़हन में यह सवाल चल रहा है कि डेल्‍टा और कप्‍पा दोनों वेरिएंट में से कौनसा वेरिएंट ज्‍यादा खतरनाक है? यह जानने के लिए आइये पढ़ते हैं दोनों वेरिएंट में क्या अंतर है। खैर आगे बढ़ने से पहले आपको यह जरूर बता दें कि डेल्‍टा और कप्‍पा दोनों एक ही वायरस की संतान हैं। इस आर्टिकल में आपको इन सवालों के जवाब जरूर मिलेंगे:

Kappa Variant और Delta Variant में क्या है ज्यादा Dangerous, जानिए क्या कहते हैं Experts | Boldsky

क्या कप्‍पा वेरिएंट वैक्सीन लगवा चुके लोगों को संक्रमित कर सकता है?
कप्‍पा वेरिएंट के लक्षण क्या-क्या हैं?
डेल्‍टा वेरिएंट और कप्‍पा वेरिएंट कितनी तेजी से फैलते हैं?
डेल्‍टा वेरिएंट और कप्‍पा वेरिएंट में कॉमन लक्षण क्या-क्या हैं?
आइये देखते हैं कि कप्‍पा वेरिएंट अपने साथी डेल्टा वेरिएंट से कितना अलग है:

Kappa Vs Delta virus

Kappa Vs Delta virus

जैसा कि हमने ऊपर लिखा है कि ये दोनों एक ही वायरस की संतान हैं, तो इनके जनक का नाम B.1.617 वायरस है। इस वायरस के दो स्‍ट्रेन हैं- B.1.167.1 - कप्‍पा वायरस और B.1.617.2 - डेल्टा वायरस। जैसा कि आप नाम से ही देख रहे हैं कि कप्‍पा वायरस पहला स्‍ट्रेन हैं और डेल्टा दूसरा। ये दोनों स्ट्रेन एक साथ भारत में पाये गये थे। बस फर्क यह है कि डेल्टा जल्दी फैल गया और कप्पा फैला नहीं।

किस श्रेणी में डब्‍ल्‍यूएचओ ने रखा

किस श्रेणी में डब्‍ल्‍यूएचओ ने रखा

ये दोनों वायरस भारत में अक्टूबर 2020 में एक साथ पाये गए थे। उस दौरान डेल्टा ज्यादा तेज़ी से फेला इसलिए चर्चा में आ गया और विश्‍व स्वास्थ्‍य संगठन (डब्‍ल्यूएचओ) ने इसे "वेरिएंट ऑफ कंसर्न" कहा, जबकि कप्पा वायरस अब चर्चा में आया है, इसे डब्ल्यूएचओ ने इसे "वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट" कहा है।

कप्पा और डेल्टा की इंफेक्टिविटी

कप्पा और डेल्टा की इंफेक्टिविटी

जैसा कि हम सब जानते हैं कि ये दोनों वायरस एक साथ आए और डेल्टा पिछले वेरिएंट की तुलना में तेज़ी से फैला और इसने लाखों लोगों को अपनी चपेट में ल‍िया वहीं कप्पा के मामले फिल्हाल अभी तक बहुत कम आए हैं, भले ही यह भी डबल म्यूटेंट वायरस है, लेकिन फिलहाल इसके तेज़ी से फैलने के प्रमाण नहीं मिले हैं। डेल्टा वायरस भारत, यूके, इज़रायल, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों में फैला, जबकि कप्पा वायरस फिलहाल भारत में ही पाया गया है। वो भी शुरुआत में यह महाराष्‍ट्र में मिला था और अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में मिला है।

कप्पा और डेल्टा वायरस के लक्षणों में अंतर

कप्पा और डेल्टा वायरस के लक्षणों में अंतर

कप्पा वायरस के लक्षण- त्वचा पर रैशेज़, तेज़ बुखार, नाक बहना, आंखों से पानी आना, शरीर में दर्द, आदि इसके लक्षण हैं। वहीं डेल्टा के लक्षण- सिर दर्द, नाक बहना, बुखार,डायरिया, गले में इंफेक्शन, एड़ी का रंग बदलना, सांस लेने में दिक्कत होना, गंभीर इंफेक्शन होने पर सांस लेने में बहुत अधिक तकलीफ और कमर में तीव्र दर्द होता है

कप्पा, डेल्टा पर वैक्सीन का प्रभाव

कप्पा, डेल्टा पर वैक्सीन का प्रभाव

शोधकर्ता कहते हैं कि कोविड-19 के विरुद्ध बनायी गईं वैक्सीन इस वायरस पर आठ गुना कम असरदार हैं। वहीं कप्‍पा वेरिएंट की बात करें तो इसके एंटीबॉडी में निष्‍प्रभावन क्षमता होती है इसलिए हो सकता है ये वैक्सीन के प्रभाव को कम कर दे। हालांकि ऐसे कोई भी प्रमाण अब तक नहीं मिले हैं। कप्पा पर भारत समेत दुनिया के कई वैज्ञानिकों का रिसर्च जारी है।

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