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Fatty Liver Disease : जानें कैसे बढ़ जाता है फैटी लिवर, इन बातों का रखें ध्यान
जब लिवर में गैर जरूरी फैट की मात्रा बढ़ जाती है, उसे फैटी लिवर कहा जाता है। फैटी लीवर को हेपेटिक स्टीटोसिस भी कहा जाता है। आपके लीवर में कम मात्रा में वसा होना सामान्य है, लेकिन बहुत अधिक मात्रा में वसा का होना स्वास्थ्य समस्या बन सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जिन्हें जानना बेहद आवश्यक है ताकि आप इससे बच सकें।

फैटी लिवर होने के कारण क्या हैं?
विशेषज्ञ कहते हैं कि अल्कोहल का ज्यादा सेन करने वाले लोगों को फैटी लिवर की समस्या ज्यादा होती है। कुछ दवाएं भी फैटी लिवर की समस्या को पैदा कर सकती हैं और उसे बढ़ा भी सकती है। इसके अलावा अधिक वसायुक्त और मसालेदार खाना खाने, गंदा पानी पीने, अधिक क्लोरिन वाला पानी पीने और यह बीमारी आनुवांशिकता भी हो सकती है। फैटी लीवर को हेपेटिक स्टीटोसिस भी कहा जाता है। यह तब होता है जब लीवर में फैट जमा हो जाता है। आपके लीवर में कम मात्रा में वसा होना सामान्य है, लेकिन बहुत अधिक मात्रा में वसा का होना स्वास्थ्य समस्या बन सकता है।

फैटी लिवर के लक्षण क्या हैं?
- पेट के दाएं भाग के ऊपरी हिस्से में दर्द
- भूख नहीं लगना
- वजन का कम होना
- कमजोरी महसूस होना
- आंखों और त्वचा में पीलापन
- पेट में गैस बनना
- सीने में भारीपन होना

क्यो खतरनाक है?
फैटी लिवर इसलिए भी खतरनाक है कि इसके जल्दी लक्षण सामने नहीं आते है ऐसे में स्थिति गंभीर होने पर लिवर सिरोसिस और लिवर फेलियर में बदल सकता है। प्रारंभिक चरण में इस बीमारी का पता लगाना महत्वपूर्ण है जब इसकी प्रगति को रोका जा सकता है या धीमा किया जा सकता है।

फैटी लिवर का इलाज कैसे किया जाता है?
फैटी लिवर का वैसे कोई इलाज नहीं है। जैसे-जैसे लिवर की क्षति अधिक गंभीर होती जाती है, लिवर फेलियर की स्थिति में केवल लिवर ट्रांसप्लांट करके ही रोगी के जीवन को बचाया जा सकता है। ओबेसिटी के मरीज जिन्हें फैटी लिवर है, वेटलॉस सर्जरी (बेरिएट्रिक) से भी उन्हें फायदा होता है।

फैटी लिवर कम करने के घरेलू उपचार
जीवनशैली में बदलाव लाना ही फैटी लिवर रोग का प्राथमिक उपचार है। इन बदलावों से आप फैटी लिवर पर नियंत्रण पा सकते हैं।
- वजन कम करना
- शराब का सेवन कम करें
- पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें जो अतिरिक्त कैलोरी, संतृप्त वसा और - ट्रांस वसा में कम हो
- सप्ताह के अधिकांश दिनों में कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करें
मेयो क्लिनिक के अनुसार, कुछ सबूत बताते हैं कि विटामिन ई की खुराक फैटी लिवर की बीमारी से होने वाले लीवर की क्षति को रोकने या उसका इलाज करने में मदद कर सकती है। हालांकि विटामिन ई के अधिक सेवन से बचना चाहिए।



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