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टॉयलेट सीट से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, फ्लश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
कोरोनावायरस से बचने के लिए कई सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। इस बीच एक नया शोध हुआ है। इस शोध के अनुसार, टॉयलेट में फ्लश करने से भी कोरोनावायरस बढ़ने की संभावना होती है। ऐसे में सलाह दी जा रही है कि टॉयलेट में फ्लश करने से पहले उसका सीट कवर ढक दें।

चीन के येंगझाउ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि टॉयलेट यूज़ करने के बाद फ्लश करने से पहले टॉयलेट सीट को ढंक दें। चीनी शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि मानव पाचन तंत्र में कोरोनावायरस काफी लंबे समय तक जीवित रह सकता है और मल के जरिए यह बाहर निकल सकता है। इनके मुताबिक, कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों में ठीक होने के बाद भी पांच सप्ताह तक कोरोनावायरस जिंदा रह सकते हैं।
रिसर्च के शोधकर्ताओं का कहना है कि जब टॉयलेट में फ्लश (Coconavirus and Toilet Flush) करते हैं, तो कोरोनावायरस के कण हवा में फैल जाते हैं और यह पूरे वातारण को संक्रमति कर सकते हैं। इस कारण टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद इसके सीट को ढंककर फ्लश करना चाहिए। ठीक हुए मरीजों में 5 सप्ताह तक कोरोनावायरस के कण मल में जिंदा रहते हैं, इसी आधार पर शोधकर्ताओं ने टॉयलेट सीट ढंककर फ्लश करने की सलाह दी है। यह रिसर्च फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
रिसर्च में कहा गया है कि टॉयलेट सीट से कोरोनावायरस के कण निकलकर बाथरूम के वातारवरण को संक्रमित कर सकते हैं। यह कण एक मिनट से अधिक हवा में रह सकते हैं। ऐसे में इस हवा के संपर्क में आया व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकता है।

क्या कहा गया रिसर्च में?
रिसर्च में देखा गया है कि फ्लश करने पर पानी के बहाव के कारण कोरोनावायरस के कण पानी से 3 फीट ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। इसके कारण यह कण हवा में जाकर मिल जाते हैं। अगर सीट को कवर करके फ्लश किया गया, तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। इस बारे में शोधकर्ता जी-शियांग वैंग ने कहा है कि जहां पर टॉयलेट का अधिक इस्तेमाल होता है, वहां कोरोनावायरस फैलने का खतरा अधिक होता है। खासकर ऐसे घरों में जहां एक साथ ज्यादा सदस्य रहते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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