बवासीर में भूल से भी न खाएं ये चीजें, दोबारा बढ़ सकती है ये समस्‍या

बवासीर जिसे अंग्रजी में पाइल्स कहा जाता है। यह एक बहुत ही खतरनाक रोग है। पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें बैठना भी मुश्किल हो जाता है।
बवासीर दो तरह की होती हैं एक आंतरिक बवासीर औऱ दूसरी बाहरी बवासीर। यह बीमारी इतनी ख़तरनाक है, कि यह आखिर समय में कैंसर (Cancer) का रूप भी धारण कर सकती है। बवासीर होने का मुख्य कारण गुर्दो की वाहिनियां में सूजन हो जाना है। इस रोग का हमारे पाचन क्रिया से विशेष संबंध होता है। अगर पाचन क्रिया में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी होती है तो सबसे पहले कब्ज की समस्या होती है।

ये बीमारी एक बार ठीक होने के बाद दोबारा फिर से हो सकती है। बवासीर होने के कई होते हैं। ऐसे में बवासीर से ग्रस्त लोगों को अपने खान-पान पर बहुत अधिक ध्यान देना चाहिए। तो बात आती हैं कि बवासीर में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए। यहां जानें बवासीर के लक्षण और क्या करने से करना चाहिए परहेज।

मसालेदार भोजन

मसालेदार भोजन

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बवासीर की समस्या होने पर व्यक्ति को मसालेदान भोजन का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। स्पाइसी फूड ना सिर्फ सूजन बल्कि दर्द को भी बढ़ाने का काम करते हैं। बेहतर होगा कि आप कम मिर्च मसाले वाले फूड की तरफ स्विच करें।

बहुत अधिक चीज़

बहुत अधिक चीज़

आपको शायद पता ना हो लेकिन बहुत अधिक चीज़ का सेवन भी आपकी समस्या को बढ़ा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कभी-कभी चीज़ सैंडविच या फिर पिज्जा का सेवन करना आपके लिए नुकसानदायक नहीं होगा, लेकिन बहुत अधिक चीज़ के सेवन से बचना चाहिए।

मीट

मीट

अगर आप नॉन वेजिटेरियन हैं तो मीट का सेवन भी आपकी बवासीर की परेशानी को बढ़ा सकता है। खासतौर से, रेड मीट को डाइजेस्ट करना इतना आसान नहीं होता। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आप अपने मल में खून देख रहे हैं और लगातार कब्ज़ महसूस करते हैं, तो कुछ समय के लिए शाकाहारी भोजन की तरफ स्विच करें।

प्रोसेस्ड और डीप फ्राइड फूड

प्रोसेस्ड और डीप फ्राइड फूड

बहुत से लोगों के पास इतना समय नहीं होता कि वह किचन में लंबा वक्त बिता सकें। ऐसे में अधिकतर लोग पैकेज्ड या प्रोसेस्ड फूड का सेवन अधिक करते हैं। चिकित्सकों के अनुसार यदि आपको बवासीर की समस्या है तो आपको प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। इसके अलावा डीप फ्राइड फूड का सेवन भी आपको काफी परेशान करेगा।

कैफीन

कैफीन

कैफीन का अत्यधिक सेवन भी बवासीर रोगियों के लिए उचित नहीं माना जाता। डॉक्टरों के अनुसार, कैफीन पेट की जलन और निर्जलीकरण की वजह बनता है। इसलिए अगर आपको दिन में चार से छह कप चाय-कॉफी पीने की आदत है तो बेहतर होगा कि आप अपनी रेग्युलर चाय को ग्रीन टी से स्विच करें।

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