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उत्तराखंड का ये फेमस फल खाने ही नहीं सेहत के मामले में भी है हिट, जानें इसकी खासियत
बेडू पाको बारो मासा, ओ नरणी काफल पाको चैता मेरी छैला,... ये पंक्तियां उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगीत की हैं, जो दुनियाभर में उत्तराखंडियों के बीच काफी पॉपुलर है। इस गीत में उत्तराखंड के फेमस फल बेडू की विशेषता बता रहा है। स्वास्थय से भरपूर बेडू के फल की सब्जी भी बनाई जाती है। बेडू का फल खाने से कब्ज, तंत्रिका विकार, जिगर की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। बेडू का फल केवल उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि यह पंजाब, कश्मीर, ईरान, सोमानिया, हिमाचल, नेपाल, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सुडान तथा इथियोपिया में भी पाया जाता है। दुनियाभर में इसकी 800 प्रजातियां पाई जाती हैं। हिमाचल में बेडू फागो नाम से जाना जाता है। इसे फाल्गू, पंजाबी अंजीर या अंजीरी भी कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे वाइल्ड फिग और इंडियन फिग कहते हैं। यह मौरेशी वंश का पौधा है। आज हम इस अमूल्य औषधि के गुणों के बारे में जानेंगे।

बेडू फल के फायदे
बेडू का फल ही केवल खाने लायक नहीं होता बल्कि इसकी जड़, पत्तियां, फल आदि भी उपयोग के लायक होती हैं। कहा जाता है कि यह फल जानवरों में दूध की पैदावार को बढ़ाता है। बेडू के फल के फायदे इस प्रकार हैं-

चोट लगने पर मददगार
बेडू का पूरा फल ही उपयोग के लायक होता है। बेडू के फल से निकलने वाला सफेद दूध चोट में मददगार होता है। उस दूध को शरीर में कहीं चोट लगने पर लगाया जाता है तो चोट ठीक हो जाती है। उत्तराखंड में इस दूध को चोप कहा जाता है।

सब्जी बनती है
इस फल की सब्जी भी बनाई जाती है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो कई बीमारियों से दूर रखता है। कच्चे बेडू को पहले उबाला जाता है। और फिर सब्जी बना दी जाती है। जून में बेडू पकने लग जाते हैं। इसमें जूस भी होता है। स्कवाश, जैम और जैली बनाई जाती है।

फेफड़ों के लिए उपयोगी
बेडू का फल फेफड़ों के किसी रोग के लिए बहुत उपयोगी है। इसे खाने से फेफड़़ों की बीमारियां ठीक होती हैं। तो वहीं श्वास संबंधी रोग भी ठीक होते हैं।

ट्यूमर, अल्सर करे ठीक
उत्तराखंड में लोग कई बीमारियों से घरों पर ही ठीक हो जाते हैं। क्योंकि उनके आसपास इतनी औषधियां हैं। बस उन्हें उन औषधियों का ज्ञान होने जरूरी है। बेडू का फल ट्यूमर, अल्सर, मधुमेह के रोगियों को लाभ पहुंचाता है।

मूत्राशय से संबंधी रोगों के लिए
बेडू का फल मूत्राशय से संबंधी रोगों के लिए रामबाण इलाज है। इसका कच्चा और पका हुआ दोनों फल खाए जा सकते हैं। तो वहीं इस फल में ऐसे गुण होते हैं जो तनाव को कम करते हैं। पर यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस फल को ज्यादा न खाएं। क्योंकि उससे जीभ भी छिल जाती है।



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